
B.Ed 1-Year Course: शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए यह खबर किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। करीब एक दशक के लंबे इंतजार के बाद 1-Year B.Ed Course को एक बार फिर से लागू कर दिया गया है। यह फैसला खासतौर पर उन छात्रों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जिन्होंने पहले से Post Graduation पूरी कर ली है या फिर 4-Year Integrated Degree हासिल की है। अब ऐसे अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने के लिए दो साल तक पढ़ाई करने की मजबूरी नहीं रहेगी और वे कम समय में ही B.Ed की डिग्री प्राप्त कर सकेंगे।
क्यों दोबारा शुरू किया गया 1-Year B.Ed Course
One Year B.Ed Course : पिछले कई वर्षों से देश के अधिकांश राज्यों में 2-Year B.Ed Course को अनिवार्य कर दिया गया था। इसका सीधा असर छात्रों पर पड़ा, क्योंकि इससे न केवल पढ़ाई का समय बढ़ गया, बल्कि फीस और अन्य खर्च भी काफी ज्यादा हो गए। कई योग्य और इच्छुक उम्मीदवार इसी वजह से शिक्षक बनने का सपना अधूरा छोड़ने को मजबूर हो गए।
नई शिक्षा नीति (NEP) और बदलती शैक्षणिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार और शिक्षा से जुड़े नियामक संस्थानों ने 1-Year B.Ed Course को फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। इसका मुख्य उद्देश्य योग्य उम्मीदवारों को जल्दी अवसर देना और स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी को दूर करना है।
सरकार और शिक्षा संस्थाओं की सोच
सरकार का मानना है कि जिन छात्रों के पास पहले से उच्च शिक्षा यानी Post Graduation या 4-Year Integrated Degree है, उन्हें दो साल तक B.Ed Course में बांधकर रखना जरूरी नहीं है। 1-Year B.Ed Course से ऐसे उम्मीदवार कम समय में शिक्षक बन सकेंगे। इससे न केवल छात्रों को फायदा होगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भी कुशल और प्रशिक्षित शिक्षक जल्दी मिल सकेंगे।
आज के समय में जब प्रतियोगिता बहुत ज्यादा है और हर युवा जल्द से जल्द रोजगार पाना चाहता है, ऐसे में यह निर्णय छात्रों के भविष्य के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।

1-Year B.Ed Course की फीस
B.Ed new rules : छात्रों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि इस कोर्स की फीस कितनी होगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में 1-Year B.Ed Course की कुल फीस लगभग ₹20,000 से ₹30,000 के बीच हो सकती है।
वहीं Private Colleges में फीस इससे कुछ अधिक हो सकती है, लेकिन फिर भी यह 2-Year B.Ed Course की तुलना में काफी कम मानी जा रही है। कुल मिलाकर यह कोर्स समय और पैसे—दोनों की बचत करने वाला साबित हो सकता है।
1-Year B.Ed Course की योग्यता (Eligibility)
यह कोर्स सभी छात्रों के लिए उपलब्ध नहीं है। इसके लिए कुछ खास पात्रताएं तय की गई हैं—
- उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से Post Graduation Degree (MA, MSc, MCom आदि) होनी चाहिए।
- न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं (कुछ राज्यों में आरक्षण के अनुसार छूट संभव है)।
- जिन छात्रों ने 4-Year Integrated Degree पूरी की है, वे भी इस कोर्स के लिए पात्र होंगे।
- NCTE (National Council for Teacher Education) और राज्य सरकार के नियमों का पालन करना जरूरी होगा।
1 Year B.Ed admission process : कुछ राज्यों में Entrance Exam के माध्यम से एडमिशन दिया जाएगा, जबकि कुछ जगहों पर Merit Based Admission भी हो सकता है। जिन छात्रों के पास केवल 3-Year Graduation Degree है, उनके लिए अभी भी 2-Year B.Ed Course ही मान्य रहेगा।
1-Year और 2-Year B.Ed Course में अंतर
1-Year और 2-Year B.Ed Course के बीच कई अहम अंतर हैं—
- समय: 1-Year Course में कम समय लगता है, जबकि 2-Year Course लंबा होता है।
- फीस: 1-Year Course अपेक्षाकृत कम खर्चीला है।
- पात्रता: 1-Year Course केवल Post Graduate और 4-Year Degree धारकों के लिए है।
- करियर की शुरुआत: 1-Year Course से शिक्षक बनने की प्रक्रिया जल्दी पूरी हो जाती है।
इसी वजह से योग्य उम्मीदवारों के लिए 1-Year B.Ed Course को ज्यादा लाभकारी माना जा रहा है।
Admission Process
1 Year B.Ed Course fees : 1-Year B.Ed Course में एडमिशन के लिए छात्रों को संबंधित राज्य सरकार, विश्वविद्यालय या कॉलेज की Official Notification का इंतजार करना होगा।
- कुछ जगहों पर Entrance Test आयोजित किया जाएगा।
- कहीं Merit List और Counselling के आधार पर दाखिला मिलेगा।
सीटें सीमित हो सकती हैं, इसलिए छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे समय पर आवेदन करें और किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक जानकारी से बचें। हमेशा केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
Course पूरा होने के बाद Career Options
1-Year B.Ed Course पूरा करने के बाद छात्रों के लिए करियर के कई रास्ते खुल जाते हैं—
- Government Teacher Recruitment Exams जैसे TET, CTET, STET में आवेदन
- Private Schools में शिक्षक की नौकरी
- Coaching Institutes और Tuition Centers
- Online Education Platforms और EdTech कंपनियां
इस तरह यह कोर्स शिक्षक बनने की दिशा में एक मजबूत और व्यावहारिक कदम साबित हो सकता है।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
छात्रों को चाहिए कि वे इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं। 1-Year B.Ed Course से न केवल समय और पैसा बचेगा, बल्कि शिक्षक बनने का सपना भी जल्दी पूरा हो सकेगा। अगर आप Post Graduate हैं या 4-Year Integrated Degree धारक हैं, तो इस कोर्स के लिए आवेदन करने पर जरूर विचार करें।
हमेशा ध्यान रखें कि एडमिशन से जुड़ी जानकारी केवल Official Website, NCTE Notification या University Notice के आधार पर ही लें।
निष्कर्ष
करीब 10 साल बाद 1-Year B.Ed Course का दोबारा शुरू होना शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव माना जा रहा है। इससे छात्रों को कम समय में शिक्षक बनने का मौका मिलेगा, स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षकों की संख्या बढ़ेगी और युवाओं का समय व पैसा—दोनों की बचत होगी। यह फैसला छात्रों और शिक्षा संस्थानों—दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
Disclaimer:
यह लेख मीडिया रिपोर्ट्स, शैक्षणिक चर्चाओं और उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। 1-Year B.Ed Course से संबंधित अंतिम और सटीक जानकारी संबंधित राज्य सरकार, NCTE या विश्वविद्यालय की आधिकारिक अधिसूचना पर निर्भर करेगी। किसी भी एडमिशन या निर्णय से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन जरूर जांचें। यह जानकारी केवल सामान्य मार्गदर्शन के लिए दी गई है।
