
Banas river drowning accident : टोंक जिले में मंगलवार, 10 जून 2025 को बनास नदी के किनारे एक दुखद हादसा हुआ, जिसमें जयपुर के 8 युवकों की डूबने से मौत हो गई। यह घटना सदर थाना क्षेत्र के कच्चा बांध, पुराना बनास पुलिया के पास दोपहर के समय हुई। ये सभी युवक अपने दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए टोंक पहुंचे थे। हादसे में 11 में से 3 युवकों को स्थानीय लोगों और बचाव दल की त्वरित कार्रवाई से बचा लिया गया। पुलिस और प्रशासन ने शवों को नदी से निकालकर सआदत अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया, जहां परिजनों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
टोंक के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विकास सांगवान ने बताया कि यह हादसा दोपहर के समय हुआ, जब जयपुर के हसनपुरा, घाटगेट, पानीपेच कच्ची बस्ती और रामगंज बाजार के 11 युवक बनास नदी के किनारे पिकनिक का आनंद लेने आए थे। प्रारंभिक जांच से पता चला कि कुछ युवक नहाने के लिए नदी में उतरे, लेकिन गहरे पानी और तेज धारा के कारण वे डूबने लगे। अपने दोस्तों को बचाने की कोशिश में अन्य युवक भी नदी में कूद पड़े, जिसके परिणामस्वरूप यह त्रासदी हुई। मृतकों की उम्र 20 से 35 वर्ष के बीच थी। इस हादसे ने न केवल पीड़ित परिवारों, बल्कि पूरे समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया।
मृतकों और बचे हुए लोगों की पहचान
8 youths drown in Banas river : इस दुखद घटना में जिन 8 युवकों की जान गई, उनकी पहचान निम्नलिखित है:
- नौशाद (35 वर्ष), हसनपुरा
- कासिम, हसनपुरा
- फरहान, हसनपुरा
- रिजवान (26 वर्ष), घाटगेट
- नवाब खान (28 वर्ष), पानीपेच कच्ची बस्ती
- बल्लू, घाटगेट
- साजिद (20 वर्ष), पानीपेच कच्ची बस्ती
- नावेद (30 वर्ष), रामगंज बाजार
स्थानीय लोगों और बचाव दल की मुस्तैदी से तीन युवकों को सुरक्षित बचा लिया गया। इनमें शामिल हैं:
- शाहरुख (30 वर्ष), घाटगेट
- सलमान (26 वर्ष), घाटगेट
- समीर (32 वर्ष), घाटगेट
परिवारों पर गहरा आघात
Picnic turns tragic in Rajasthan : इस हादसे ने कई परिवारों को अपूरणीय क्षति पहुंचाई। जयपुर के हसनपुरा निवासी अशफाक ने अपने बेटे फरहान, भाई नौशाद और भतीजे कासिम को खो दिया। वहीं, घाटगेट निवासी रिजवान की मौत ने उनके परिवार को गहरे दुख में डुबो दिया। रिजवान के दो साले, नवाब और साजिद, भी इस हादसे का शिकार हुए। रिजवान मजदूरी करता था और अपने परिवार का सबसे छोटा बेटा था। उनके पिता की मृत्यु पांच साल पहले हो चुकी थी, जिसके बाद रिजवान और उनके भाई शाहिद पर परिवार की पूरी जिम्मेदारी थी। रिजवान की डेढ़ साल की बेटी और तीन बहनें हैं। उनके चाचा अब्दुल रशीद ने बताया कि रिजवान अपने रिश्तेदारों के साथ रात को पिकनिक के लिए निकला था। रिजवान की सास जेबुन्निसा भी इस हादसे में अपने दो बेटों, नवाब और साजिद, को खोने के गम में डूबी थीं।
बचाव कार्य और पुलिस की भूमिका
Tonk river drowning news today : हादसे की सूचना मिलते ही टोंक पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में सक्रिय योगदान दिया। कठिन परिस्थितियों में शवों को नदी से बाहर निकाला गया और सआदत अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई, जिसमें मृतकों के परिजन, रिश्तेदार और स्थानीय लोग शामिल थे। पुलिस अधिकारियों ने भीड़ को नियंत्रित करने और शांति बनाए रखने के लिए लोगों से समझाइश की। समाज के गणमान्य लोगों ने भी अपील की कि लोग अस्पताल में अनावश्यक भीड़ न करें और व्यवस्था बनाए रखें।
नेताओं ने जताई संवेदना
Jaipur youths drown in river : इस त्रासदी पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने गहरा दुख व्यक्त किया। सीएम शर्मा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “टोंक में बनास नदी में डूबने से 8 युवकों की मृत्यु अत्यंत हृदयविदारक है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि मृतकों की आत्मा को शांति और उनके परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति मिले।” सचिन पायलट ने भी पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और इस दुखद घड़ी में उनके साथ होने की बात कही।
राजस्थान में डूबने की बढ़ती घटनाएं
यह हादसा राजस्थान में हाल के दिनों में डूबने से हुई मौतों की श्रृंखला में एक और दुखद कड़ी है। पिछले तीन दिनों में राज्य में डूबने की घटनाओं में 14 लोगों की जान जा चुकी है। गर्मियों के मौसम में नदियों और तालाबों में नहाने के दौरान लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे गहरे पानी में नहाने से बचें और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें।
सआदत अस्पताल में मातम का माहौल
हादसे के बाद सआदत अस्पताल के बाहर मातम का माहौल था। मृतकों के परिजन और रिश्तेदार जयपुर से टोंक पहुंचे। अस्पताल की मॉर्च्युरी में शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए रखा गया है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात किया। स्थानीय लोगों ने भी परिजनों को सांत्वना देने की कोशिश की, लेकिन इस त्रासदी का दर्द कम होने का नाम नहीं ले रहा था।
