
Big Road accident : प्रदेश में सड़क हादसों की रोकथाम के सरकार स्तर पर खूब प्रयास हो रहे हैं, लेकिन सड़क दुर्घटनाएं रूक नहीं रही है। प्रदेश के सलूम्बर जिले में गुरुवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। लसाड़िया थाना क्षेत्र के बांसी-मायदा घाट सेक्शन में लोहे की सरियों से भरा एक ट्रक ढलान पर अनियंत्रित हो गया और सामने चल रही 5 वाहनों को रौंदते हुए आगे जाकर रुका। इस भयानक टक्कर में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया।
Salumbar Police : शाम करीब 5 बजे मायदा घाट की खतरनाक ढलान पर यह हादसा हुआ। जानकारी के मुताबिक, एक ट्रैक्टर-ट्रॉली, जो सीमेंट से भरी थी, पलट गई थी। इसे सीधा करने के लिए एक जेसीबी मशीन मौके पर आई, जिसके चलते बांसी-धरियावद मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इसी बीच, पीछे से तेज रफ्तार में आ रहा लोहे से लदा ट्रक बेकाबू हो गया। ट्रक ने कार, बाइक और ट्रैक्टर सहित 5 वाहनों को एक के बाद एक जोरदार टक्कर मारी।
सलूंबर में सड़क हादसा : टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए। मौके पर चीख-पुकार मच गई। तीन लोगों ने तुरंत दम तोड़ दिया, जबकि 10 लोग खून से लथपथ सड़क पर पड़े रहे। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी।
पुलिस और प्रशासन का एक्शन
Road accident : लसाड़िया थाना पुलिस, पूर्व प्रधान कन्हैयालाल मीणा, धरियावद एसडीएम राकेश कुमार न्यौल और डीएसपी नानालाल सालवी सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को लसाड़िया के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि मृतकों के शवों को मॉर्च्युरी में रखवाया गया। लसाड़िया थानाधिकारी हर्षराज सिंह ने बताया कि मृतकों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। घायलों का इलाज जारी है।

मायदा घाट: हादसों का गढ़
Udaipur News : बांसी-धरियावद मार्ग पर मायदा घाट की ढलान आए दिन हादसों की वजह बन रही है। स्थानीय लोग इसे “मौत का घाट” कहते हैं। हादसे से एक दिन पहले भी यहां एक ट्रेलर पलट गया था, जिसमें ड्राइवर की मौत हो गई थी। उसे निकालने में 4 घंटे लगे थे। एक हफ्ते पहले भी दो वाहन आपस में भिड़ गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार ढलान को ठीक करने की मांग की, लेकिन प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी
Rajasthan accident : एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “ट्रक इतनी तेजी से आया कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। गाड़ियां एक-दूसरे से टकराती चली गईं। हमने भागकर अपनी जान बचाई।” हादसे के बाद सड़क पर मलबा और सामान बिखरा पड़ा था, जिसे हटाने में काफी समय लगा।



