
Bus Driver Death CCTV : कभी-कभी ज़िंदगी हमें ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर देती है, जहां इंसान का साहस और उसकी समझदारी न सिर्फ उसकी बल्कि सैकड़ों जिंदगियों को भी बचा लेती है। राजस्थान के पाली ज़िले से एक ऐसी ही घटना सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल दहला दिया। यहां 36 साल के बस ड्राइवर सतीश राव की चलती बस में अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीने में दर्द और बेचैनी महसूस होते ही उन्होंने वो किया, जो शायद हर कोई नहीं कर पाता। सतीश ने अपनी जान की परवाह किए बिना, स्टेयरिंग अपने साथी ड्राइवर को थमा दिया और खुद पास वाली सीट पर बैठ गए। कुछ मिनटों बाद ही उनकी हालत और बिगड़ गई और वह वहीं पर गिर पड़े। यह घटना बस में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। डॉक्टरों ने जांच के बाद हार्ट अटैक की संभावना बताई। अगर सतीश ने वक्त रहते स्टेयरिंग नहीं छोड़ा होता, तो बस में सवार दर्जनों यात्रियों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती थी। उन्होंने अपने आखिरी पलों में भी ड्यूटी निभाई और यात्रियों की जान सुरक्षित कर, एक मिसाल पेश कर दी। उनकी इस कुर्बानी ने सबको भावुक कर दिया है।
Heart Attack in Bus : राजस्थान के पाली ज़िले में जोधपुर-इंदौर रूट पर चल रही एक प्राइवेट बस के 36 वर्षीय ड्राइवर सतीश राव की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। लेकिन उनकी समझदारी और साहस ने बस में बैठे यात्रियों की जान बचा ली। यह हादसा पाली जिले के देसूरी इलाके में केलवा-राजनगर के पास हुआ। बस अपने रूट पर सामान्य तरीके से चल रही थी। तभी अचानक ड्राइवर सतीश को बेचैनी महसूस होने लगी। उन्होंने तुरंत अपने साथी ड्राइवर को बुलाया और कहा कि उनकी तबीयत बिगड़ रही है। बिना देर किए उन्होंने बस का स्टेयरिंग अपने साथी के हवाले कर दिया और खुद पास वाली सीट पर बैठ गए।
Pali Bus Accident : करीब 15–20 मिनट तक वह उसी तरह बैठे रहे। लेकिन अचानक ही उनकी हालत और बिगड़ गई और वह वहीं पास में लुढ़क गए। साथी ड्राइवर ने बिना समय गंवाए बस को सुरक्षित जगह रोका और उन्हें नज़दीकी देसूरी अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

CCTV में कैद हुई पूरी घटना
बस में लगे CCTV कैमरे ने इस पूरी घटना को रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि कैसे सतीश अचानक बेचैन होकर सीट बदलते हैं और फिर कुछ देर बाद गिर पड़ते हैं। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग सतीश की समझदारी की तारीफ कर रहे हैं। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के आधार पर बताया कि सतीश की मौत हार्ट अटैक से हुई। 36 साल की उम्र में इस तरह की अचानक मौत ने परिवार, साथी ड्राइवर और यात्रियों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

समय रहते बचाई यात्रियों की जान
Rajasthan Bus News : अगर सतीश ने अपनी बिगड़ती हालत को नज़रअंदाज़ किया होता और बस खुद चलाते रहते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। बस लंबी दूरी तय कर रही थी और उसमें कई यात्री सवार थे। ज़रा-सी चूक से अनगिनत जानें खतरे में पड़ सकती थीं। लेकिन उन्होंने अपने आखिरी पलों में भी जिम्मेदारी दिखाई और सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया।
दो ड्राइवर रखने का नियम
दरअसल, लंबी दूरी की बसों में हमेशा दो ड्राइवर रखे जाते हैं। ताकि कोई एक थक जाए या किसी कारण से गाड़ी न चला पाए, तो दूसरा उसकी जगह संभाल ले। यही नियम सतीश की जिंदगी तो नहीं बचा पाया, लेकिन बस में बैठे सभी यात्रियों की जिंदगी बचाने में कामयाब रहा। सतीश राव जोधपुर जिले के भोजासर के रहने वाले थे। उनके अचानक चले जाने से परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं बस में सवार यात्री भी इस घटना के गवाह बने। कई यात्रियों ने कहा कि अगर ड्राइवर ने समय रहते यह कदम नहीं उठाया होता, तो आज शायद वे जिंदा न होते।
