
Canara Bank MCLR revised : सरकारी क्षेत्र के प्रमुख बैंक Canara Bank ने अपनी कर्ज संबंधी ब्याज दरों में आंशिक बदलाव की घोषणा की है। बैंक की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, Marginal Cost of Funds Based Lending Rate (MCLR) में संशोधन किया गया है और संशोधित दरें 12 फरवरी 2026 से प्रभावी हो गई हैं।
MCLR वह न्यूनतम दर (Minimum Lending Rate) होती है, जिसके आधार पर बैंक अपने ग्राहकों को Home Loan, Car Loan, Personal Loan और अन्य प्रकार के Floating Rate Loans प्रदान करते हैं। इस दर में होने वाला कोई भी बदलाव सीधे तौर पर ग्राहकों की मासिक किस्त यानी EMI (Equated Monthly Installment) को प्रभावित कर सकता है। इसलिए यह निर्णय मौजूदा और संभावित दोनों तरह के लोन ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
केवल Short-Term MCLR में की गई कटौती
Canara Bank new MCLR rates 12 February 2026 : इस बार बैंक ने लंबी अवधि (Long Tenure) की दरों में बदलाव करने के बजाय केवल कम अवधि (Short Tenure) वाले MCLR में कटौती की है।
- Overnight MCLR को 7.90% से घटाकर 7.85% कर दिया गया है।
- One Month MCLR को 7.95% से कम करके 7.90% कर दिया गया है।
इन दोनों अवधियों में 0.05% यानी 5 Basis Points की कमी की गई है।
हालांकि, Three Month, Six Month, One Year, Two Year और Three Year MCLR में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। इन अवधियों की दरें पहले की तरह ही बरकरार रहेंगी।
इससे स्पष्ट है कि बैंक ने फिलहाल केवल अल्पकालिक दरों में राहत दी है, जबकि मध्यम और दीर्घकालिक ऋण दरों को यथावत रखा गया है।

EMI पर कितना पड़ेगा असर?
Canara Bank loan interest rate change : यदि आपका लोन Overnight MCLR या One Month MCLR से जुड़ा हुआ है, तो आपकी EMI में थोड़ी कमी देखने को मिल सकती है। हालांकि 0.05% की कटौती पहली नजर में मामूली लग सकती है, लेकिन बड़े लोन अमाउंट — जैसे 30 लाख, 50 लाख या उससे अधिक के Home Loan — पर इसका प्रभाव कुछ हजार रुपये तक के कुल ब्याज में राहत के रूप में दिखाई दे सकता है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी ग्राहक का 40 लाख रुपये का होम लोन है और उसकी ब्याज दर में 0.05% की कमी आती है, तो लंबी अवधि में कुल ब्याज भुगतान में उल्लेखनीय अंतर पड़ सकता है। नए ग्राहक जो फिलहाल लोन लेने की योजना बना रहे हैं, उन्हें भी इस कम दर का फायदा मिल सकता है, खासकर यदि उनका लोन Short-Term Reset Period से जुड़ा हो।
बाजार की स्थिति को देखते हुए फैसला
Canara Bank EMI impact after MCLR cut : बैंकिंग सेक्टर में इस समय लोन की मांग स्थिर बनी हुई है। खुदरा (Retail) और कारोबारी (Corporate) दोनों क्षेत्रों में ऋण वितरण की गति संतुलित है। ऐसे में Canara Bank द्वारा अल्पकालिक MCLR में कटौती को बाजार के अनुकूल कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम आंशिक रूप से RBI (Reserve Bank of India) की मौद्रिक नीति के संकेतों के अनुरूप भी हो सकता है। RBI का उद्देश्य अक्सर यही रहता है कि ब्याज दरों में होने वाले बदलाव का लाभ जल्द से जल्द ग्राहकों तक पहुंचे, जिससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सके। कम अवधि की दरों में कटौती यह संकेत देती है कि बैंक ग्राहकों को कर्ज लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहता है, जिससे बाजार में तरलता (Liquidity) बनी रहे।
किन ग्राहकों को मिलेगा फायदा?
- जिनका लोन Floating Interest Rate पर है
- जिनका Reset Period Short-Term MCLR से जुड़ा है
- नए ग्राहक जो अभी Loan Apply करने वाले हैं
ध्यान देने वाली बात यह है कि जिन ग्राहकों का लोन One Year MCLR या उससे अधिक अवधि से लिंक है, उनकी EMI पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ेगा।
ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह
Canara Bank latest loan rates news : अगर आपने Canara Bank से पहले ही कोई Loan ले रखा है, तो अपने Loan Agreement या Sanction Letter को ध्यान से पढ़ें। यह जांच लें कि आपका लोन किस MCLR Tenure से जुड़ा हुआ है।
- यदि Short-Term MCLR से जुड़ा है, तो EMI में हल्की राहत संभव है।
- यदि Long-Term MCLR से जुड़ा है, तो फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा।
साथ ही, ग्राहक चाहें तो बैंक से संपर्क कर Reset Period और ब्याज दर की पूरी जानकारी भी ले सकते हैं
