
Caught Taking Bribe : भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। यह कार्रवाई चिकित्सा विभाग के अंतर्गत की गई, जिससे समूचे प्रदेश के चिकित्सा महकमे में हड़कंप मच गया। दरअसल भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने शनिवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय सवाई माधोपुर में प्रशासनिक अधिकारी भूपेंद्र बिहारी शर्मा को 25 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई खंडार क्षेत्र में एक डॉक्टर के खिलाफ चल रही जांच को रद्द करने की एवज में रिश्वत मांगने के मामले में की गई। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को उजागर किया है।
Anti Corruption Bureau : ACB के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) ज्ञान सिंह चौधरी ने बताया कि जयपुर मुख्यालय को भूपेंद्र बिहारी शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत मिली थी। शिकायत में कहा गया था कि शर्मा खंडार में तैनात एक डॉक्टर के खिलाफ चल रही विभागीय जांच को दबाने के लिए रिश्वत की मांग कर रहे थे। इस शिकायत के आधार पर ACB ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। शनिवार सुबह शिकायत का सत्यापन किया गया, जिसमें रिश्वत मांगने का आरोप सही पाया गया। इसके बाद, ASP ज्ञान सिंह चौधरी के नेतृत्व में ACB की टीम ने एक जाल (ट्रैप) बिछाया।
रंगे हाथों पकड़ा गया अधिकारी
Sawai Madhopur News : ACB की टीम ने सुनियोजित तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया। जैसे ही भूपेंद्र बिहारी शर्मा ने CMHO कार्यालय में परिवादी से 25 हजार रुपये की रिश्वत ली, ACB ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह राशि डॉक्टर की जांच को रद्द करने या उसमें नरमी बरतने के बदले मांगी गई थी। गिरफ्तारी के बाद, ACB ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज किया और आगे की जांच शुरू कर दी।
भ्रष्टाचार की शिकायतों का सिलसिला
officer arrested taking bribe : सवाई माधोपुर के CMHO कार्यालय में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं। हाल के महीनों में इस कार्यालय से जुड़े कई मामले सुर्खियों में रहे हैं। ACB की यह कार्रवाई न केवल भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है।

जांच और आगे की कार्रवाई
Bribery Arrest : भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा गिरफ्तारी के बाद भूपेंद्र बिहारी शर्मा से पूछताछ शुरू की। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि शर्मा ने पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ACB अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं या यह रिश्वतखोरी का एक बड़ा नेटवर्क है। साथ ही, परिवादी और डॉक्टर से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे मामले की तह तक जाया जा सके।
यह कार्रवाई सवाई माधोपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ ACB की सक्रियता को दर्शाती है। स्थानीय निवासियों और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों ने इस कार्रवाई की सराहना की है। ACB ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगता है, तो वे तुरंत इसकी शिकायत करें। इस तरह की कार्रवाइयां भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की दिशा में एक सकारात्मक कदम हैं।
रिश्वत मांगे अफसर-कार्मिक तो यहां करें शिकायत
राजस्थान के किसी भी जिले में कोई सरकारी कार्मिक या अधिकारी किसी जायज कार्य की एवज में रिश्वत की मांग करता है, तो तत्काल भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए ब्यूरो ने टोल-फ्री नंबर, वाट्सएप नंबर और अन्य माध्यम उपलब्ध कराए हैं, ताकि भ्रष्टाचार की शिकायत आसानी से दर्ज हो सके और दोषियों पर त्वरित कार्रवाई हो।
ACB का टोल-फ्री नंबर 1064 है, जो 24 घंटे सक्रिय है। जहां कोई भी व्यक्ति बिना किसी शुल्क के अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। इस नंबर पर कॉल कर रिश्वत मांगने वाले अधिकारी या कर्मचारी की जानकारी दी जा सकती है। इसके अलावा, ACB ने वाट्सएप नंबर 9413502834 भी जारी किया है, जिस पर मैसेज के जरिए शिकायत भेजी जा सकती है। यह सुविधा खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है, जो लिखित रूप में अपनी बात रखना चाहते हैं। शिकायतकर्ता को अपनी पहचान गुप्त रखने का विकल्प भी मिलता है, जिससे वे बिना डर के शिकायत कर सकते हैं।

शिकायत दर्ज करने के लिए ईमेल सुविधा भी उपलब्ध है। नागरिक itcell.acb@rajasthan.gov.in पर अपनी शिकायत भेज सकते हैं। इसके अतिरिक्त, ACB के जयपुर मुख्यालय में फोन नंबर 0141-2712263 पर भी संपर्क किया जा सकता है। ACB ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त शिकायतों का सत्यापन कर त्वरित कार्रवाई की जाती है।
ACB की यह पहल न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में सहायक है, बल्कि आम जनता में विश्वास भी जगाती है। नागरिकों से अपील है कि वे रिश्वतखोरी के खिलाफ आवाज उठाएं और इन माध्यमों का उपयोग करें। भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होकर ही हम पारदर्शी और स्वच्छ प्रशासन की नींव रख सकते हैं।
