
CCTV footage police violence : प्रदेश में एक थानेदार का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और राजस्थान पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर कर दिए हैं। दरअसल एक माह पहले महाराणा प्रताप जयंती के दिन एक दुकानदार की कॉलर पकड़ धक्का देने, घसीटने का वीडियो सामने आया। पीड़ित की शिकायत के बाद जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने डीएसपी राजेश टेलर को जांच के निर्देश दिए हैं। फिलहाल घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे समूचे पुलिस महकमे की किरकिरी हो रही है।
Kota Police : कोटा के कैथूनीपोल निवासी रिजवान ने जिला पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि 29 मई 2025 की शाम 6 बजे महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर निकाली जा रही रैली के दौरान थाना प्रभारी पुष्पेंद्र बंशीवाल ने दुकानदार रिजवान को सड़क पर रखा सामान हटाने के लिए कहा। रिजवान की फेब्रिकेशन की दुकान का सामान रास्ते में बाधा बन रहा था। थाना प्रभारी का दावा है कि उन्होंने रिजवान को तीन से चार बार सामान हटाने के लिए कह दिया, लेकिन दुकानदार ने उनकी बात नहीं मानी और उनके साथ बदतमीजी करने लग गया। बताया कि रिजवान ने पुलिस को बताया कि उनकी दुकान के बाहर किसी अन्य व्यक्ति की बाइक खड़ी थी, जिसमें ताला लगा हुआ था, जिसके कारण वह उसे हटा नहीं पाए। इस बात पर थाना प्रभारी नाराज हो गए और उन्होंने बीच बाजार में रिजवान को धक्का दिया एवं थप्पड़ मार दिया। थप्पड़ की वजह से रिजवान बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ा। उसके बाद पुलिस के जवानों ने उसे घसीटकर साइड में लिया। इस घटना का वीडियो पास ही दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। सीसीटीवी फुटेज में थाना प्रभारी के व्यवहार को लेकर व्यापारियों के साथ आमजन ने आक्रोश व्यक्त किया। साथ ही पीड़ित रिजवान ने भी सीसीटीवी फुटेज के साथ कोटा की जिला पुलिस अधीक्षक को शिकायत की। इस पर एसपी ने तत्काल प्रकरण की जांच के लिए पुलिस उप अधीक्षक राजेश टेलर को निर्देश दिए हैं।
जांच और शिकायत
police assault : रिजवान ने थानाधिकारी पुष्पेंद्र बंशीवाल के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया है। जांच अधिकारी डीएसपी राजेश टेलर ने बताया कि थानाधिकारी के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। थानाधिकारी का कहना है कि रिजवान ने रैली को दूसरे रास्ते से ले जाने की बात कही थी और दुकान पर काम करने वाले लड़कों के न होने का बहाना बनाया। थानाधिकारी के अनुसार, रिजवान ने अपनी किसी पुरानी बीमारी का जिक्र किया है, जिसके कारण वह बेहोश होकर गिरा हो सकता है। जांच में अभी डॉक्टरों के बयान दर्ज किए जाने बाकी हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि रिजवान के बेहोश होने का कारण क्या था।
kaithunipol police station : रिजवान ने इस मामले की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और लोकायुक्त को भी की है। उनका कहना है कि थानाधिकारी ने बिना किसी ठोस कारण के उनके साथ मारपीट की और उनकी सार्वजनिक रूप से बेइज्जती की। रिजवान का यह भी कहना है कि पुलिस ने उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया, जिसके खिलाफ वे कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

जनता का रोष और सोशल मीडिया
Police video viral : सीसीटीवी फुटेज के वायरल होने के बाद इस घटना ने सोशल मीडिया पर तूल पकड़ लिया है। लोग पुलिस की इस कार्रवाई को गलत बता रहे हैं और थानाधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कई यूजर्स ने इस घटना को पुलिस की दादागिरी का उदाहरण बताया है। इस मामले ने पुलिस और जनता के बीच विश्वास की कमी को उजागर किया है। यह घटना कोटा में पुलिस और आम जनता के बीच तनाव का एक और उदाहरण बन गई है। जांच के परिणाम और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यह तय होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी। फिलहाल, रिजवान और उनके समर्थक इस मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं, जबकि पुलिस अपनी कार्रवाई को उचित ठहराने की कोशिश कर रही है। खैर वास्तविकता तो पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएगी।
