
central government DA hike 2026 : केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही DA और DR 58% से बढ़कर 60% हो गया है। यह वृद्धि 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। इस फैसले से केंद्र सरकार पर हर साल 6,791 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा।
इससे पहले, अक्टूबर 2025 में महंगाई भत्ते को 55% से बढ़ाकर 58% किया गया था। वह संशोधन 1 जुलाई 2025 से लागू माना गया था और कर्मचारियों को उसका भुगतान एरियर के साथ मिला था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शनिवार, 18 अप्रैल को दिल्ली में हुई कैबिनेट बैठक में इस अहम फैसले को मंजूरी दी गई। इस निर्णय का लाभ लगभग 50.5 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68.3 लाख पेंशनर्स को मिलेगा। केंद्र सरकार साल में दो बार, यानी जनवरी और जुलाई में महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की समीक्षा करती है। इस बदलाव का सीधा असर कर्मचारियों की मासिक सैलरी और पेंशनर्स की पेंशन पर पड़ता है।
क्या होता है DA और यह क्यों जरूरी है?
DA increased to 60 percent : महंगाई भत्ता (DA) सरकारी कर्मचारियों को दिया जाने वाला एक कॉस्ट-ऑफ-लिविंग एडजस्टमेंट है। इसे कर्मचारी की बेसिक पे के प्रतिशत के रूप में तय किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों की वास्तविक आय की सुरक्षा करना है, ताकि उनकी आय रोजमर्रा के बढ़ते खर्चों के साथ तालमेल बनाए रख सके।

8वें वेतन आयोग में बेसिक पे ₹69,000 करने की मांग
यह फैसला ऐसे समय आया है, जब कर्मचारी संगठन 8वें वेतन आयोग के तहत वेतन ढांचे में बड़े बदलाव की मांग कर रहे हैं। नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने अपने ज्ञापन में 3.83 के फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है।
यदि यह मांग मान ली जाती है, तो न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 से बढ़कर करीब ₹69,000 तक पहुंच सकती है। संगठन ने यह भी सुझाव दिया है कि वेतन गणना में परिवार की परिभाषा में आश्रित माता-पिता को शामिल किया जाए और मौजूदा वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए। हालांकि, 8वें वेतन आयोग के लागू होने की समयसीमा को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इसकी प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ सकती है, लेकिन पूरी तरह लागू होने में 2028 तक का समय लग सकता है।
8वें वेतन आयोग के लागू होने तक DA का क्या होगा?
pensioners DR hike 2026 : नए वेतन आयोग के लागू होने तक महंगाई भत्ता बेसिक पे के प्रतिशत के रूप में मिलता रहेगा। इसमें हर छह महीने में जनवरी और जुलाई के आधार पर संशोधन होता रहेगा। अर्थात, 8वें वेतन आयोग के लागू होने तक कर्मचारियों को DA मिलता रहेगा। नया वेतन आयोग लागू होने के बाद मौजूदा DA को बेसिक पे में मर्ज कर दिया जाएगा। यानी अभी जो 60% DA मिल रहा है, वह नई वेतन संरचना लागू होने पर रीसेट होकर शून्य से शुरू होगा।
सैलरी, पेंशन और अलाउंस में होगा बड़ा संशोधन
central employees salary hike news : 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का उद्देश्य केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और भत्तों की समीक्षा और पुनर्निर्धारण करना है। इसमें महंगाई, कर्मचारियों की जरूरतें और सरकार की वित्तीय क्षमता जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा। केंद्र सरकार ने 28 अक्टूबर 2025 को 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस यानी शर्तों को मंजूरी दी थी। आयोग के गठन के बाद उसे अपनी सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय मिलेगा।
समझिए 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी कैलकुलेशन
govt employees pension hike update : बेसिक सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी, यह फिटमेंट फैक्टर और DA मर्जर पर निर्भर करेगा। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जबकि 8वें वेतन आयोग में इसे 3.83 तक किए जाने की मांग है। हर नए वेतन आयोग में DA शून्य से शुरू होता है, क्योंकि नई बेसिक सैलरी में पहले से ही महंगाई का असर शामिल कर दिया जाता है। इसके बाद DA दोबारा धीरे-धीरे बढ़ना शुरू होता है। इस समय DA, बेसिक पे का 60% है। जब यह बेसिक में समाहित होगा, तो कुल वेतन में बदलाव का स्वरूप अलग दिख सकता है, क्योंकि DA का अलग हिस्सा समाप्त हो जाएगा।
उदाहरण:
मान लीजिए आप लेवल-6 पर हैं और 7वें वेतन आयोग के अनुसार आपकी मौजूदा सैलरी इस प्रकार है:
- बेसिक पे: ₹35,400
- DA (60%): ₹21,240
- HRA (मेट्रो, 27%): ₹9,558
- कुल सैलरी: ₹66,198
यदि 8वें वेतन आयोग में 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो नई सैलरी इस प्रकार हो सकती है:
- नई बेसिक पे: ₹35,400 × 3.83 = ₹1,35,582
- DA: 0%
- HRA (27%): ₹36,607
- कुल सैलरी: ₹1,72,189
फिटमेंट फैक्टर क्या होता है?
फिटमेंट फैक्टर एक मल्टीप्लायर होता है, जिसके जरिए मौजूदा बेसिक पे को गुणा करके नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। वेतन आयोग इसे महंगाई, जीवन-यापन की लागत और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर निर्धारित करता है।
8वें वेतन आयोग का लाभ किसे मिलेगा और किसे नहीं?
फायदा मिलेगा:
- केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को
- रक्षा कर्मियों को
- रेलवे कर्मचारियों को
- केंद्रीय संस्थानों के शिक्षकों को
- 100% सरकारी स्वामित्व वाले पीएसयू कर्मचारियों को
- पेंशनर्स को
फायदा नहीं मिलेगा:
- राज्य सरकार के कर्मचारियों को
- सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों को
- RBI और अन्य नियामक संस्थाओं के कर्मचारियों को
- बैंक पेंशनर्स को
राज्य सरकारें आमतौर पर अपना अलग वेतन आयोग गठित करती हैं या फिर केंद्र की सिफारिशों को कुछ बदलावों के साथ अपनाती हैं। वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों का वेतन आयोग से सीधा संबंध नहीं होता, क्योंकि उनका वेतन ढांचा भारतीय बैंक संघ (IBA) के साथ होने वाले द्विपक्षीय समझौतों पर आधारित होता है।
पहले के वेतन आयोग कब बने और कब लागू हुए?
5वां वेतन आयोग:
यह अप्रैल 1994 में गठित हुआ था। इसकी रिपोर्ट जनवरी 1997 में सरकार को सौंपी गई, लेकिन सिफारिशें 1 जनवरी 1996 से ही लागू मानी गईं। उस समय 51 वेतनमानों को घटाकर 34 कर दिया गया था।
6ठा वेतन आयोग:
यह 20 अक्टूबर 2006 को गठित किया गया। इसकी रिपोर्ट मार्च 2008 में सरकार को सौंपी गई। सरकार ने इसे अगस्त 2008 में मंजूरी दी और इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2006 से लागू की गईं।
7वां वेतन आयोग:
यह फरवरी 2014 में गठित हुआ और मार्च 2014 तक इसके टर्म्स ऑफ रेफरेंस तय हो गए। आयोग ने नवंबर 2015 में अपनी रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद जून 2016 में सरकार ने इसे मंजूरी दी और सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू की गईं।
वेतन आयोग किन बातों को ध्यान में रखता है?
जब वेतन आयोग सैलरी और पेंशन से जुड़ी सिफारिशें तैयार करता है, तो वह कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार करता है:
- देश की आर्थिक स्थिति, महंगाई दर और GDP ग्रोथ कैसी है
- सैलरी बढ़ोतरी से सरकार के खर्च पर कितना असर पड़ेगा
- विकास कार्यों जैसे सड़क, स्कूल, अस्पताल और जनकल्याण योजनाओं पर बोझ न बढ़े
- पुरानी पेंशन जैसी योजनाओं से सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव न आए
- राज्यों की आर्थिक क्षमता और उनके बजट पर संभावित प्रभाव
- सरकारी और निजी क्षेत्र की सैलरी, बोनस तथा कार्य परिस्थितियों की तुलना
सैलरी सिस्टम और पेंशन व्यवस्था पर करता है विचार
केंद्रीय वेतन आयोग समय-समय पर गठित किया जाता है, ताकि सरकारी कर्मचारियों की वेतन संरचना, पेंशन व्यवस्था और भत्तों की समीक्षा की जा सके। आयोग यह तय करता है कि मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार किन बदलावों की जरूरत है और फिर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपता है।
आमतौर पर वेतन आयोग की सिफारिशें हर 10 साल में लागू की जाती हैं। इसी पैटर्न को देखते हुए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें भी आने वाले समय में लागू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
2028 तक इंतजार, फिर मिल सकता है एरियर
8वां वेतन आयोग जल्द लागू होने की दिशा में बढ़ सकता है, लेकिन इसके पूरी तरह लागू होने में 2028 तक का इंतजार करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को 17 से 18 महीने का एरियर एकमुश्त या किस्तों में मिल सकता है। इससे करीब 50 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को लाभ मिलने की संभावना है।



