
Coronavirus Cases Update : पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर Karachi में COVID-19 ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। पिछले एक हफ्ते में यहां कोरोना की वजह से 4 लोगों की मौत हो चुकी है। ये सभी मौतें Aga Khan University Hospital में दर्ज की गई हैं, जहां हाल के दिनों में कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा देखा जा रहा है। मृतकों में ज्यादातर बुजुर्ग थे, जो पहले से ही Diabetes, Hypertension, और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। उनकी कमजोर Immunity इस वायरस का शिकार बनने की मुख्य वजह बनी।
Karachi के श्वसन रोग विशेषज्ञ (Respiratory Expert) डॉ. जावेद खान ने मीडिया को बताया कि पिछले हफ्ते से हर दिन औसतन 8 से 10 COVID-19 Positive Cases सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति को गंभीरता से लेने की जरूरत है, क्योंकि यह वायरस खासतौर पर उन लोगों को प्रभावित कर रहा है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कम है। वहीं, Sindh की स्वास्थ्य मंत्री डॉ. आजरा पेचुहो ने इस मामले पर अभी कोई ठोस बयान देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को लेकर अभी और जानकारी जुटाने की जरूरत है।
पाकिस्तान में सीमित टेस्टिंग, फिर भी 10-20% सैंपल पॉजिटिव
COVID-19 new wave Pakistan : पाकिस्तान के National Institute of Health (NIH) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्हें बहुत कम सैंपल टेस्टिंग के लिए मिल रहे हैं। इसके बावजूद, जो सैंपल टेस्ट किए जा रहे हैं, उनमें से 10 से 20 प्रतिशत COVID Positive पाए जा रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्थिति की गंभीरता को समझने के लिए अधिक डेटा की जरूरत है। उन्होंने कहा, “हमें टेस्टिंग की संख्या बढ़ानी होगी, तभी हम इस नई लहर के प्रभाव को सही ढंग से आंक सकते हैं।”
अधिकारी ने यह भी बताया कि इस बार Coronavirus का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों (Elderly) और कमजोर Immunity वाले लोगों पर पड़ रहा है। खासतौर पर वे लोग जो पहले से ही किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं, इस वायरस की चपेट में आसानी से आ रहे हैं।
भारत में भी बढ़ रहे मामले: 261 नए केस, केरल सबसे प्रभावित
India new COVID cases update : पाकिस्तान के साथ-साथ भारत में भी COVID-19 के मामले बढ़ते दिख रहे हैं। अब तक देश में 261 नए मामले दर्ज किए गए हैं। सबसे ज्यादा मामले Kerala से सामने आए हैं, जहां 95 नए मरीज मिले हैं। इसके बाद Tamil Nadu में 66 और Maharashtra में 56 नए मामले दर्ज किए गए हैं। Mumbai में दो मरीजों की मौत की खबर भी सामने आई है, जिसने चिंता को और बढ़ा दिया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Union Health Ministry) ने 19 मई 2025 को जो आंकड़े जारी किए, उनके मुताबिक देश में इस समय Active Cases की संख्या 261 है। 12 मई के बाद से भारत के 11 राज्यों में नए मामले सामने आए हैं, और सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य Kerala, Maharashtra, और Tamil Nadu हैं। हालांकि, विशेषज्ञों (Experts) का कहना है कि इस बार का JN.1 Variant बहुत ज्यादा खतरनाक नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है।
एशिया में तेजी से बढ़ रहे मामले: सिंगापुर, थाईलैंड में हाई अलर्ट
Coronavirus surge in Asia 2025 : पिछले कुछ समय से पूरे एशिया में COVID-19 के मामलों में तेजी देखी जा रही है। Singapore में 13 मई 2025 तक 14,200 नए मामले दर्ज किए गए, जबकि Thailand में 17 मई तक 33,030 नए मरीज सामने आए। Hong Kong में भी 10 मई तक 1,042 नए केस मिले हैं। इन आंकड़ों को देखते हुए एशिया में कुल मिलाकर 50,000 से ज्यादा नए मामले सामने आ चुके हैं।
पाकिस्तान और भारत के अलावा, China और अन्य एशियाई देशों में भी Omicron के नए Variants के कारण यह नई लहर देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सर्दियों के मौसम और त्योहारों के दौरान लोगों की भीड़ इस वायरस के फैलने का एक बड़ा कारण हो सकती है।
JN.1 Variant: नया खतरा या सामान्य लहर?
COVID-19 cases in Mumbai today : इस बार के संक्रमण के लिए Omicron के नए JN.1 Variant और इसके सब-वैरिएंट्स LF.7 और NB.1.8 को जिम्मेदार माना जा रहा है। JN.1, Omicron के BA.2.86 Strain का एक रूप है, जिसे सबसे पहले अगस्त 2023 में देखा गया था। दिसंबर 2023 में World Health Organization (WHO) ने इसे “Variant of Interest” घोषित किया था, जिसका मतलब है कि इस वैरिएंट पर विशेष निगरानी रखने की जरूरत है।
JN.1 Variant में लगभग 30 Mutations हैं, जो इसे पहले के वैरिएंट्स की तुलना में अधिक संक्रामक बनाते हैं। अमेरिका की Johns Hopkins University के शोध के अनुसार, यह वैरिएंट पहले के वैरिएंट्स की तुलना में तेजी से फैलता है, लेकिन यह बहुत गंभीर बीमारी का कारण नहीं बन रहा है। फिर भी, यह कमजोर Immunity वाले लोगों, खासतौर पर बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

JN.1 Variant के लक्षण और प्रभाव
JN.1 Variant के लक्षण सामान्य COVID-19 Symptoms जैसे बुखार (Fever), खांसी (Cough), सांस लेने में तकलीफ (Breathing Difficulty), और थकान (Fatigue) से मिलते-जुलते हैं। कुछ मरीजों में गले में खराश (Sore Throat) और स्वाद या गंध की कमी (Loss of Taste or Smell) भी देखी गई है। ये लक्षण कुछ दिनों से लेकर कई हफ्तों तक रह सकते हैं।
अगर लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं, तो यह Long COVID की स्थिति हो सकती है। Long COVID एक ऐसी अवस्था है, जिसमें COVID-19 से ठीक होने के बाद भी कुछ लक्षण, जैसे थकान, सांस की समस्या, और मानसिक असंतुलन (Brain Fog), लंबे समय तक बने रहते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अगर आपको लंबे समय तक लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
सावधानी और बचाव: क्या करें?
हालांकि JN.1 Variant को ज्यादा खतरनाक नहीं माना जा रहा है, लेकिन सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, निम्नलिखित उपाय अपनाकर आप इस वायरस से बच सकते हैं:
- Masking: सार्वजनिक स्थानों पर मास्क (Mask) पहनें, खासतौर पर जहां भीड़ हो।
- Hand Hygiene: नियमित रूप से हाथ धोएं और सैनिटाइजर (Sanitizer) का इस्तेमाल करें।
- Social Distancing: भीड़भाड़ वाली जगहों पर दूरी बनाए रखें।
- Vaccination: अगर आपने अभी तक COVID-19 Vaccine या Booster Dose नहीं ली है, तो जल्द से जल्द लें।
- Healthy Lifestyle: अपनी Immunity को मजबूत करने के लिए संतुलित आहार (Balanced Diet), पर्याप्त नींद (Adequate Sleep), और नियमित व्यायाम (Exercise) करें।
विशेषज्ञों की राय: क्या है भविष्य?
Karachi के डॉ. जावेद खान का कहना है कि हालांकि मौजूदा स्थिति चिंताजनक है, लेकिन इसे नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बिना वजह घबराएं नहीं, बल्कि सावधानी बरतें और टेस्टिंग (Testing) करवाएं। वहीं, भारत में स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि JN.1 Variant के कारण यह लहर ज्यादा गंभीर नहीं होगी, लेकिन कमजोर Immunity वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
WHO और अन्य स्वास्थ्य संगठनों ने भी सभी देशों से टेस्टिंग और Vaccination को बढ़ाने की सलाह दी है। साथ ही, लोगों को भीड़भाड़ वाले आयोजनों में सावधानी बरतने और मास्क पहनने की सलाह दी जा रही है।
पाकिस्तान और भारत सहित पूरे एशिया में COVID-19 की यह नई लहर एक बार फिर हमें सतर्क रहने की याद दिला रही है। Karachi में एक हफ्ते में 4 मौतें और प्रतिदिन 8-10 नए मामले इस बात का संकेत हैं कि वायरस अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। भारत में 261 नए मामले और Mumbai में दो मौतें भी चिंता का विषय हैं। JN.1 Variant और इसके सब-वैरिएंट्स LF.7 और NB.1.8 इस लहर के लिए जिम्मेदार हैं, और यह खासतौर पर कमजोर Immunity वाले लोगों को प्रभावित कर रहा है।
ऐसे में हमें सावधानी बरतते हुए सभी जरूरी कदम उठाने चाहिए। Vaccination, मास्क का इस्तेमाल, और स्वच्छता (Hygiene) इस वायरस से बचाव के सबसे प्रभावी तरीके हैं। साथ ही, सरकारों को टेस्टिंग और जागरूकता अभियानों (Awareness Campaigns) को बढ़ाने की जरूरत है, ताकि इस नई लहर को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
