
Divyang Sarathi Project Rajsamand : जिला कलक्टर बालमुकुंद असावा के निर्देशन में जिला प्रशासन, राजसमन्द की पहल ‘प्रोजेक्ट दिव्यांग सारथी’ शनिवार को साकार हुई। 1 अप्रैल 2025 से शुरू हुआ यह अभियान महज दो महीनों में ही सैंकड़ों दिव्यांगो को खुशियां दे गया। सरकार एवं भामाशाहों के सहयोग से मिले लाभ को पाकर हर एक के चेहरे पर मुस्कान थी और हर कोई जिला प्रशासन की पहल का आभार प्रकट कर रहा था।
शनिवार को भिक्षु निलयम परिसर में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में सांसद महिमा कुमारी मेवाड़, सम्भागीय आयुक्त उदयपुर प्रज्ञा केवलरमानी, एन के प्रोटीन्स प्राइवेट लिमिटेड से प्रियांशी पटेल, शुभकाम वेंचर्स की प्रतिनिधि डॉ विमल कावड़िया, समाजसेवी जगदीश पालीवाल, जिला कलक्टर बालमुकुंद असावा, एसपी मनीष त्रिपाठी आदि की गरिमामय उपस्थिति रही। सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र तथा राज्य सरकार की योजनाओं सहित शिक्षा, स्वच्छता एवं हर क्षेत्र में आज राजसमंद अग्रणी है। सम्भागीय आयुक्त केवलरमानी ने प्रशासन के अभियानों और नवाचारों को लेकर बधाई दी। भामाशाह प्रियांशी पटेल ने कहा कि उनकी संस्था जनहित के कार्यों में आगे भी प्रतिबद्धता से भागीदारी सुनिश्चित करेगी। कार्यक्रम में एडीएम नरेश बुनकर, सीईओ बृजमोहन बैरवा, एसडीएम बृजेश गुप्ता सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कार्मिक, कोने-कोने से आए दिव्यांग, परिजन, छात्रावास अधीक्षक आदि मौजूद रहे।
तीन प्रमुख संस्थाओं से सफल हुआ ध्येय
Motorized Tricycle Distribution 2025 : प्रोजेक्ट के तहत तीन प्रमुख संस्थाओं एम पी तापड़िया फाउंडेशन जसवंतगढ़ एवं मुंबई, एन के प्रोटीन्स प्राइवेट लिमिटेड अहमदाबाद तथा शुभकाम वेंचर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड लाडनूं एवं मुंबई द्वारा चलन असमर्थता वाले दिव्यांगजन हेतु कुल 151 मोटराइज्ड ट्राईसाईकिल भेंट की गई जिनमें से अधिकांश का समारोह में वितरण किया गया। अब चलन असमर्थता लाभान्वित निर्धन दिव्यांगजन के जीवन में बाधा नहीं रहेगी और वे अपना जीवन सुचारु ढंग से जी सकेंगे। मोटराइज्ड ट्राई साइकिल वितरण से पहले सांसद, सम्भागीय आयुक्त, भामाशाहों, जनप्रतिनिधियों ने प्रत्येक दिव्यांग का उपरना ओढा कर सम्मान किया। सांसद हर दिव्यांग से आत्मीयता से मिली।
अल्प अवधि में ही मिली बड़ी उपलब्धि

Disabled Welfare Schemes Rajasthan : ‘प्रोजेक्ट दिव्यांग सारथी’ की उपलब्धि यह रही कि तीन निजी संस्थाओं के सहयोग से चलन असमर्थता वाले 151 दिव्यांगजन को मोटराइज्ड ट्राई साइकिल वितरित हुई। साथ ही सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से 22 मस्कुलर डिस्ट्रोफी पीड़ितों को इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर वितरित की गई। 52 दिव्यांगजन को मुख्यमंत्री स्वरोजगार ऋण योजना के तहत 44 लाख रु. के स्वरोजगार ऋण वितरित किया गया, जबकि गत वर्षों में 07 या 08 आवेदन ही प्रतिवर्ष स्वीकृत हुए। इसी तरह 1 जनवरी से अब तक स्वावलंबन योजना के तहत 1474 यूडीआईडी (दिव्यांग कार्ड) जारी किए गए। अभियान अवधि में 142 दिव्यांगजन की पेंशन स्वीकृत हुई तो वहीं एक पात्र जोड़े को सुखद दाम्पत्य जीवन योजना का लाभ भी मिल गया। सहयोगी संस्थाओं और उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों का अतिथियों ने सम्मान किया।
यह था लक्ष्य और कार्य योजना
Divyang Empowerment Initiatives Rajsamand : जिला कलक्टर बालमुकुंद असावा की पहल पर जिला प्रशासन के ‘प्रोजेक्ट दिव्यांग सारथी’ के तहत जिले के प्रत्येक गांव, गली, मोहल्ले, नगर, ढाणी में सर्वे कर प्रत्येक दिव्यांगजन को पहले चिन्हित किया गया और विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं जनसहभागिता से उपकरण लाभान्वित किया गया। अभियान को सफल बनाने के लिए प्रभावी कार्य योजना बनाई गई जिसके तहत जिलेभर में दिव्यांगजन का सर्वे कर वंचित दिव्यांगजन के प्रमाण पत्र तैयार करवाना, प्रत्येक दिव्यांग को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, समस्त विभागों की स्वरोजगार योजनाओं, अन्य कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करना, स्वरोजगार हेतु दिव्यांगजन के ऋण आवेदन तैयार करवा कर बैंकों को भिजवाना एवं समयबद्ध स्वीकृति/स्वरोजगार स्थापना सुनिश्चित करना, भामाशाहों से सम्पर्क पर जरूरतमंद दिव्यांगजन को उपकरण उपलब्ध कराना आदि कार्य किए गए।
चुनौतियाँ आई, लेकिन कार्मिक जुटे रहे
अभियान के समक्ष कई चुनौतियाँ थी, जैसे अल्प अवधि में अति संवेदनशील समूह तक अधिकाधिक पहुंच, आधारभुत ढांचे संबंधी समस्याएंः-जैसे कुंभलगढ़ ब्लॉक में ईमित्र की कमी, नेटवर्क संबंधी समस्या, लोगों में जागरूकता का अभाव आदि लेकिन ये परेशानियाँ प्रशासन के समक्ष आड़े नहीं आई, और सभी के सामूहिक प्रयासों से अभियान सफल रहा।
प्रशासन के वर्षभर के वे नवाचार जो चर्चा में रहे
जिला प्रशासन, राजसमन्द ने गत कुछ महीनों में महिला सशक्तिकरण, दिव्यांग कल्याण, श्रमिक कल्याण, आर्थिक सशक्तिकरण, स्वच्छता सहित हर क्षेत्र में परिवर्तन लाने का प्रयास किया है। कलक्टर ने बताया कि प्रोजेक्ट सक्षम सखी के तहत बेहतर ब्राण्डिंग और मार्केटिंग से एसएचजी सशक्त हुए हैं। 2024-25 कुल 1.73 करोड़ के उत्पादों की बिक्री हुई है जबकि 2023-24 में यह आंकड़ा सिर्फ 22 लाख रु. था। इसी तरह 2024-25 में 117 करोड़ के ऋण वितरित हुए हैं जबकि 2023-24 में यह आंकड़ा सिर्फ 90 करोड़ था। प्रोजेक्ट श्रम सम्बल के तहत 2024-25 में श्रमिकों के 6455 बच्चों को 6.07 करोड़ रु. की छात्रवृत्ति स्वीकृत हुई है। जबकि 2023-24 में सिर्फ 571 बच्चों को 53.06 लाख रु. की राशि स्वीकृत हुई थी। साथ ही गत वर्षों में निरस्त 1100 श्रमिक कार्ड भी जारी कर दिए गए। स्वच्छ राजसमंद, स्वस्थ राजसमंद, माय ऑफिस क्लीन ऑफिस, माय हॉस्पिटल क्लीन हॉस्पिटल, माय स्कूल क्लीन स्कूल, प्लास्टिक मुक्त राजसमंद जैसे नवाचारों से जिले में सफाई की स्थिति में व्यापक परिवर्तन आया। मिशन कुटुम्ब कवच के माध्यम से बैंकों के माध्यम से लागू विभिन्न सामाजिक सुरक्षा बीमा योजनाओं एवं आर्थिक सशक्तिकरण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होने से राजसमंद जिला राज्य में प्रथम स्थान पर पहुंचा। ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में राजसमंद जिला प्रशासन ने विशेष पोर्टल राजसमंद डॉट ओआरजी लॉन्च किया है जिस पर प्रतिमाह अधिकारी राजकीय कार्यालयों/ई मित्र/वार्डों आदि का निरीक्षण कर रिपोर्ट अपलोड कर रहे हैं, जिसकी नियमित समीक्षा की जा रही है। क्षमता संवर्द्धन कार्यक्रम के माध्यम से भामाशाहों/संस्थाओं को साथ लेकर विद्यालयों के भौतिक स्ट्रक्चर को बेहतर करने की कवायद भी प्रशासन द्वारा की जा रही है। साथ ही बच्चों के करियर गाइडेंस पर भी काम किया जा रहा है।



