
Diwali 2025 Puja Muhurat : दीपावली, जिसे दीवाली के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म का एक प्रमुख और पवित्र त्योहार है, जो न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी विशेष महत्व रखता है। यह पर्व हर साल कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष 2025 में दीपावली का यह पावन पर्व 20 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना विशेष शुभ मुहूर्त में की जाएगी। यह लेख आपको दीपावली पूजन के शुभ मुहूर्त, मंत्र, पूजा विधि, भोग, उपाय और मां लक्ष्मी की आरती से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेगा। आइए, इस पवित्र अवसर को और भी विशेष बनाने के लिए विस्तार से जानें।
दीपावली 2025: लक्ष्मी पूजा के शक्तिशाली मंत्र
Lakshmi Ganesh Puja Time 2025 : धन, समृद्धि और सौभाग्य की देवी मां लक्ष्मी की पूजा के दौरान कुछ विशेष मंत्रों का जाप करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। निम्नलिखित मंत्रों को पूजा के समय श्रद्धापूर्वक जपें:
- ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः
- ॐ श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा
- ॐ श्री ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मयै नमः
- धनदाय नमस्तुभ्यं निधिपद्माधिपाय च। भगवान् त्वत्प्रसादेन धनधान्यादिसम्पदः
इन मंत्रों का जाप पूजा के दौरान शुद्ध मन और पूर्ण श्रद्धा के साथ करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और भक्तों को धन, वैभव और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।

दीपावली पूजा भोग
Diwali 2025 Date and Time in India दीपावली की पूजा में भोग का विशेष महत्व है। मां लक्ष्मी और भगवान गणेश को भोग लगाने के लिए निम्नलिखित चीजों का उपयोग करें:
- केसर की खीर: यह स्वादिष्ट और सुगंधित प्रसाद मां लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है।
- खील और बताशे: यह पारंपरिक भोग समृद्धि और मिठास का प्रतीक है।
- सिंघाड़े का भोग: यह स्वास्थ्यवर्धक और शुद्ध प्रसाद पूजा को और भी पवित्र बनाता है।
- नारियल, ईख और अनार: ये फल सौभाग्य और प्रचुरता के प्रतीक माने जाते हैं।
- मिठाई और लड्डू: विशेष रूप से बेसन या मावे के लड्डू भगवान गणेश को बहुत पसंद हैं।
- पान और मखाना: ये प्रसाद पूजा को और भी शुभ बनाते हैं।
इन भोग सामग्रियों को श्रद्धापूर्वक अर्पित करें और पूजा के बाद इसे परिवार और मित्रों में बांटकर प्रसाद का आनंद लें।
दीपावली 2025 पूजा समय: तीन शुभ मुहूर्त में करें पूजा
Diwali 2025 Aarti and Mantra लक्ष्मी-गणेश पूजा के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि यह पूजा का प्रभाव बढ़ाता है। इस साल दीपावली पर निम्नलिखित तीन शुभ मुहूर्त हैं:
- सर्वोत्तम मुहूर्त: शाम 07:08 बजे से रात 08:18 बजे तक। यह समय लक्ष्मी-गणेश पूजा के लिए सबसे आदर्श माना गया है।
- प्रदोष काल मुहूर्त: शाम 05:46 बजे से रात 08:18 बजे तक। इस समय पूजा करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
- वृषभ काल मुहूर्त: शाम 07:08 बजे से रात 09:03 बजे तक। यह समय भी पूजा के लिए अत्यंत शुभ है।
इन मुहूर्तों में पूजा करने से आपके घर में सुख, समृद्धि और शांति का वास होगा।

मां लक्ष्मी की आरती: दीपावली पूजा को बनाएं और भी पवित्र
Lakshmi Puja Vidhi 2025 दीपावली की पूजा का समापन मां लक्ष्मी की आरती के बिना अधूरा है। मां लक्ष्मी की आरती गाकर उनकी कृपा प्राप्त करें। आरती के दौरान दीपक जलाएं और पूरे परिवार के साथ भक्ति भाव से इसे गाएं। यह न केवल पूजा को पूर्णता प्रदान करता है, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी देशवासियों को शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और उमंग लेकर आए। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे इस दीपावली को पर्यावरण के प्रति जागरूकता के साथ मनाएं और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दें।

दिल्ली में लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त
दिल्ली में लक्ष्मी-गणेश पूजा का सबसे शुभ समय शाम 07:08 बजे से रात 08:18 बजे तक है। इस समय पूजा करने से मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होगी। इस मुहूर्त में पूजा करने के लिए अपने घर को साफ-सुथरा रखें और पूजा स्थल को फूलों और रंगोली से सजाएं।
परिवार और मित्रों के साथ साझा करें खुशियां
दीपावली का पर्व अपनों के साथ खुशियां बांटने का अवसर है। इस दिन एक-दूसरे को शुभकामनाएं देकर और मिठाइयां बांटकर उत्सव की खुशी को दोगुना करें। दीपावली की शुभकामनाएं संदेशों, कार्ड्स या सोशल मीडिया के माध्यम से भेजकर अपने प्रियजनों को इस पर्व की बधाई दें।
दीपावली 2025: अमावस्या तिथि का समय
इस वर्ष दीपावली के दिन अमावस्या तिथि दोपहर 03:44 बजे से शुरू होगी और अगले दिन, 21 अक्टूबर को शाम 05:54 बजे तक रहेगी। यह तिथि लक्ष्मी पूजन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमावस्या की रात को मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।\

दीपावली की सुबह इन चीजों का दिखना माना जाता है शुभ
दीपावली के दिन कुछ विशेष चीजों का दिखना शुभ संकेत माना जाता है। यदि आपके घर या आसपास छिपकली, छछूंदर या काली चींटियां दिखाई दें, तो यह इस बात का प्रतीक है कि मां लक्ष्मी आपसे प्रसन्न हैं। यह संकेत देता है कि आपके घर में धन, समृद्धि और सुख की वृद्धि होने वाली है।
लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति: पूजा के लिए सही चयन
दीपावली पूजा के लिए मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की अलग-अलग मूर्तियों का चयन करें। एक साथ जुड़ी हुई मूर्ति खरीदने से बचें। पूजा के बाद इन मूर्तियों को घर में अलग-अलग स्थानों पर रखें, ताकि दोनों देवताओं की कृपा आपके घर पर बनी रहे। मूर्तियों को सजाने के लिए फूल, वस्त्र और आभूषणों का उपयोग करें।
नवज्योति उपाय से पाएं नवग्रहों की कृपा
वर्ष 2025 का योग (2+0+2+5=9) और अंक 9 मंगल ग्रह का प्रतीक है। इसके साथ ही रात 9 बजकर 9 मिनट का समय नवग्रहों का विशेष समय माना जाता है। इस समय नौ बत्तियों वाली नवज्योति दीपक जलाने से नवग्रहों की कृपा प्राप्त होती है, जो आपके परिवार के लिए सौभाग्य और समृद्धि लाती है।
दीपावली पूजा सामग्री
लक्ष्मी-गणेश पूजा के लिए निम्नलिखित सामग्रियों को पहले से तैयार रखें:
- मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र
- गंगाजल, जनेऊ, लाल और पीला कपड़ा
- चौकी, आसन, दो कलश, मिट्टी के दीपक
- लड्डू, फल, घी, अक्षत (चावल)
- पान, सुपारी, नारियल, आम के पत्ते, पान के पत्ते, दूर्वा घास
- केसर, लौंग, बाती, माचिस, साबुत धनिया, कौड़ी
- भगवान के वस्त्र या चुनरी, फूल, कमल के फूल, पंचमेवा
- धूप, अगरबत्ती, कलावा, जल पात्र, गट्टे
- खील-बताशे, सिंदूर, कुमकुम, चांदी का सिक्का, कुबेर यंत्र
इन सामग्रियों को पूजा से पहले व्यवस्थित करें ताकि पूजा में किसी प्रकार की बाधा न आए।
लक्ष्मी पूजा का समय: प्रदोष और वृषभ काल
- प्रदोष काल: 20 अक्टूबर को शाम 05:46 बजे से रात 08:18 बजे तक।
- वृषभ काल: 20 अक्टूबर को शाम 07:08 बजे से रात 09:03 बजे तक।
इन समयों में पूजा करने से मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की कृपा आपके घर पर बरसती है।

दीपावली 2025: राहुकाल का समय
20 अक्टूबर को राहुकाल सुबह 07:50 बजे से 09:15 बजे तक रहेगा। इस समय किसी भी शुभ कार्य या पूजा-पाठ से बचना चाहिए, क्योंकि राहुकाल में किए गए कार्यों का प्रभाव शुभ नहीं होता। सौभाग्यवश, लक्ष्मी पूजा के शुभ मुहूर्त में राहुकाल का प्रभाव नहीं होगा।
दीपावली 2025: पक्की तारीख की पुष्टि
दीपावली 20 अक्टूबर 2025 को ही मनाई जाएगी। 21 अक्टूबर को दीपावली न मनाने का कारण यह है कि कार्तिक अमावस्या तिथि 21 अक्टूबर को सुबह 05:55 बजे समाप्त हो जाएगी। हालांकि 21 अक्टूबर को उदयातिथि रहेगी, लेकिन प्रदोष काल में पूजा का शुभ मुहूर्त नहीं होगा। इसलिए, पूरे देश में 20 अक्टूबर को ही दीपावली का उत्सव मनाया जाएगा और लक्ष्मी पूजन भी इसी दिन किया जाएगा।
दीपावली 2025 तारीख: 20 या 21 अक्टूबर?
देशभर में दीपावली की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल है कि दीपावली 20 अक्टूबर को है या 21 अक्टूबर को। स्पष्ट रूप से, दीपावली 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी, क्योंकि इस दिन प्रदोष काल में अमावस्या तिथि रहेगी, जो लक्ष्मी पूजन के लिए सबसे शुभ मानी जाती है। इस दिन पूरे देश में दीपों का यह पर्व उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जाएगा।
