
Doctors Day : आज डॉक्टर्स दिवस है। डॉक्टर को भगवान भी मानते हैं, मगर राजसमंद जिले के दोनों जिला चिकित्सालयों के साथ समस्त अस्पतालों में जरूरत से आधे डॉक्टर ही कार्यरत है। ज्यादातर विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है, जिसकी वजह से लोगों को इलाज के लिए उदयपुर, भीलवाड़ा या अजमेर जाना ही एकमात्र मजबूरी बन गया है। जिले में डॉक्टरों के कुल 413 पद स्वीकृत है, लेकिन 195 कार्यरत है और 218 पद रिक्त है। इस तरह डॉक्टरों की 53 प्रतिशत कमी है। आरके जिला चिकित्सालय में स्वीकृत 55 डॉक्टरों के पद में से 31 कार्यरत और 24 पद खाली है। नाथद्वारा जिला अस्पताल में 61 डॉक्टरों के मुकाबले 35 कार्यरत और 27 डॉक्टरों के पद रिक्त है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की हालत सबसे चिंताजनक है, जहां सामान्य बीमारियों का इलाज भी नहीं मिल पाता है।
राजसमंद जिले में 21 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है, जिनमें 229 डॉक्टरों के पद स्वीकृत है, लेकिन वर्तमान में सिर्फ 85 डॉक्टर ही कार्यरत हैं, 144 डॉक्टर के पद रिक्त है। यह आंकड़ा न केवल स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ डाल रहा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर इलाज न मिलने की समस्या को भी बढ़ा रहा है। पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों) की हालत भी बेहतर नहीं है। जिले की 48 पीएचसी में कुल 48 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन मात्र 35 डॉक्टर ही कार्यरत हैं। 13 पद रिक्त हैं, जिससे ग्रामीण स्तर की प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था कमजोर हो रही है। स्वास्थ्य सेवाओं में यह असंतुलन जिले में मरीजों की परेशानी का मुख्य कारण बन रहा है। Rajsamand News Today
आरके जिला चिकित्सालय में कई विशेषज्ञ ही नहीं
Doctors shortage in Rajsamand : आरके जिला चिकित्सालय राजसमंद व गोवर्धन राजकीय जिला चिकित्सालय नाथद्वारा में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी लंबे समय चल रही है। वरिष्ठ व कनिष्ठ डॉक्टर के पद रिक्त है। आरके अस्पताल में वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ का पद 6 साल से रिक्त है। वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ का पद डेढ़ साल से खाली है। वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद भी एक साल से रिक्त है। कनिष्ठ सर्जन का छह साल से, कनिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ 8 साल से, कनिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ का 6 साल से, दो रेडियोलोजिस्ट का पद में एक पद पिछले 15 साल से, दूसरा पद 12 साल से, दो पैथोलोजिस्ट का पिछले से रिक्त है। आरके अस्तपाल में चिकित्सा अधिकारियों के 28 पद स्वीकृत है, मगर 14 पद ही भरे है। एक पद 8 साल से, सात पद 4 साल से, चार पद तीन साल से, एक पद सवा साल सेव एक पद सात माह से रिक्त है। तीन डॉक्टर यूटीबी पर लगा रखे है।
गोवर्धन जिला अस्पताल में 26 डॉक्टर का अभाव
Specialist doctor unavailability : गोवर्धन राजकीय जिला अस्पताल नाथद्वारा में कुल 60 में से 34 डॉक्टर कार्यरत है, जबकि 26 डॉक्टर की कमी है। इसमें एक वरिष्ठ विशेषज्ञ मेडिसीन, एक वरिष्ठ विशेषज्ञ अस्थि, एक वरिष्ठ विशेषज्ञ स्त्री रोग, दो कनिष्ठ विशेषज्ञ में से एक खाली है, दो कनिष्ठ विशेषज्ञ ईएनटी में से एक खाली, एक कनिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ, एक कनिष्ठ चर्म रोग विशेषज्ञ, दो कनिष्ठ रेडियोलोजिस्ट, एक कनिष्ठ विशेषज्ञ मनोरोग, चिकित्सा अधिकारी के 31 में से 16 पद रिक्त है।
डॉक्टर्स की कमी है, सरकार लिखते हैं
Doctors Day 2025 ground report : दोनों जिला चिकित्सालयों के अलावा सीएचसी व पीएचसी पर डॉक्टर्स की काफी कमी है। स्वीकृति पदों के मुकाबले आधे डॉक्टर्स ही कार्यरत है। प्रदेश स्तर पर डॉक्टर्स नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है, जिससे राजसमंद जिले को नए डॉक्टर मिलेंगे। फिर उपलब्ध डॉक्टर्स के माध्यम से बेहतर चिकित्सा सुविधा आमजन को उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।
डॉ. हेमंत कुमार बिंदल, सीएमएचओ राजसमंद
