
लक्ष्मणसिंह राठौड़ @ कुंभलगढ़
Election Update : देश व प्रदेश में विधानसभा, लोकसभा चुनाव नेताजी की तरह कार्यकर्ता भी दलबदलू हो गए हैं। जिस पार्टी में ज्यादा तव्वज्जो मिलेगी, कार्यकर्ता उस राजनीतिक पार्टी का दामन थाम रही है। कोई कार्यकर्ता बीजेपी से भारतीय आदिवासी पार्टी ज्वाइन कर रहे हैं, तो दूसरे वही कार्यकर्ता दोबारा बीजेपी में आ रहा और तीसरे दिन कांग्रेस का दामन थाम रहा है। दल बदलू कार्यकर्ताओं का यह ड्रामा राजसमंद जिले के कुंभलगढ़ क्षेत्र में जिला परिषद के वार्ड 1 में हो रहे उप चुनाव में देखने को मिल रहा है। वैसे तो कुछ माह बाद जिला परिषद राजसमंद का कार्यकाल ही पूरा हो रहा है, लेकिन उप चुनाव की जीत वार्ड प्रत्याशी से ज्यादा भाजपा, कांग्रेस और बीएपी के बड़े नेताओं के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई।

Zila Parishad Rajsamand Election : विधानसभा चुनाव के दौरान कुंभलगढ़ में भाग्य आजमाने वाली भारतीय आदिवासी पार्टी ने जिला परिषद सदस्य वार्ड 1 के चुनाव में अपना प्रत्याशी खड़ा कर दिया। साथ ही भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवार भी मैदान में उतर गए। बीएपी, भाजपा व कांग्रेस प्रत्याशी तो क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क कर ही रहे हैं, साथ ही भाजपा के वरिष्ठ नेता व कुंभलगढ़ विधायक सुरेंद्रसिंह राठौड़, कांग्रेस के युवा नेता व विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी योगेन्द्रसिंह परमार और बीएपी नेता व विधानसभा प्रत्याशी रहे डॉ. राम मीणा की प्रतिष्ठा भी दांव पर लग गई। उप चुनाव भले ही एक वार्ड का है, लेकिन तीनों ही बड़े नेता राठौड़, परमार व डॉ. मीणा के लिए बड़ा चैलेंज बन गया।
BJP Rajsamand : वैसे तो जिला परिषद के वार्ड 1 का सदस्य तीनों ही राजनीतिक दलों का कोई भी प्रत्याशी बन जाएगा, तो भी जिला परिषद बोर्ड पर कोई प्रभाव पड़ने वाला प्रत्यक्ष तौर पर तो नहीं दिख रहा है, लेकिन यह उप चुनाव स्थानीय बड़े नेताओं के लिए मुंछ का सवाल बन गया है। भाजपा, कांग्रेस और बीएपी अपनी अपनी जीत पक्की बता रहे हैं।
congress Rajsamand : इस बीच बीजेपी के नेता कांग्रेस के कार्यकर्ता को तोड़कर भाजपा की सदस्य बना रहे हैं, तो बीएपी के नेता कांग्रेस कार्यकर्ता को अपना बीएपी की सदस्यता ग्रहण करवा रहे हैं और कांग्रेस के नेता फिर भाजपा कार्यकर्ता को कांग्रेस का ही कार्यकर्ता बता रहे हैं। इस तरह नेताओं के दल बदलू की परम्परा में कार्यकर्ता इधर से उधर धक्के खा रहे हैं और आमजन में इसका क्या प्रभाव पड़ रहा होगा, यह तो जनता ही जाने।
