
EPF rejection reason check online : क्या आप भी रिटायरमेंट या जरूरत के समय अपने PF (Provident Fund) फंड को निकालने की सोच रहे हैं, लेकिन बार-बार क्लेम रिजेक्ट होने से परेशान हैं? अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं। वित्त वर्ष 2023-24 के आंकड़ों के मुताबिक, Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) ने हर चार में से एक PF क्लेम को खारिज कर दिया, जिससे लगभग 1.6 करोड़ कर्मचारी अपनी मेहनत की कमाई से वंचित रह गए। ये आंकड़े महज संख्याएं नहीं हैं, बल्कि उन लाखों लोगों की व्यथा-कथा हैं जो सिस्टम की जटिलताओं से जूझते हुए अपने हक के पैसे के लिए दर-दर भटक रहे हैं। EPFO की ओर से बताई गई वजहें भले ही छोटी लगें, लेकिन ये आपके क्लेम को महीनों या सालों तक लटका सकती हैं। आज हम इन कारणों की गहराई से पड़ताल करते हैं, साथ ही बताते हैं कि कैसे आप इनसे बच सकते हैं और अपना पैसा सुगमता से प्राप्त कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ये समस्याएं अक्सर जानकारी की कमी और लापरवाही से उपजती हैं, लेकिन इन्हें समय रहते ठीक किया जा सकता है। आइए, विस्तार से समझते हैं इन पांच प्रमुख गलतियों को, जिन्होंने लाखों कर्मचारियों की नींद उड़ा दी है।
1. छोटी गलती, बड़ा नुकसान
PF rejection reason list : EPFO का सिस्टम बेहद सख्त और सटीक है, जहां नाम, जन्मतिथि (Date of Birth), नौकरी शुरू करने की तारीख (Date of Joining) या छोड़ने की तारीख (Date of Exit) में जरा सी भी गड़बड़ी आपके क्लेम को रिजेक्ट कर सकती है। उदाहरण के लिए, अगर आपके आधार कार्ड में नाम “अनुज श्रीवास्तव” दर्ज है, लेकिन PF रिकॉर्ड में “अनुज कुमार श्रीवास्तव” लिखा है, तो सिस्टम इसे मिसमैच मान लेगा। इसी तरह, जन्मतिथि में एक दिन का फर्क या नौकरी की तारीखों में असंगति क्लेम को अस्वीकार कर देती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि ये गलतियां अक्सर नौकरी बदलते समय या दस्तावेज अपडेट न करने से होती हैं।
वित्त वर्ष 2023-24 में ऐसे हजारों मामले सामने आए, जहां कर्मचारी महीनों तक दौड़-भाग करते रहे। मिसाल के तौर पर, दिल्ली के एक आईटी प्रोफेशनल ने अपना क्लेम रिजेक्ट होने पर बताया कि उनकी जन्मतिथि PF रिकॉर्ड में गलत दर्ज थी, जो पुरानी कंपनी के HR की लापरवाही से हुई। परिणामस्वरूप, उनका 5 लाख रुपए का फंड अटक गया। EPFO के नियमों के अनुसार, सभी रिकॉर्ड्स आधार से मैच करने चाहिए, क्योंकि सिस्टम ऑटोमेटेड वेरीफिकेशन पर चलता है। अगर आप भी इससे प्रभावित हैं, तो सबसे पहले EPFO पोर्टल पर लॉगिन करके अपनी प्रोफाइल चेक करें और जरूरी सुधार के लिए आधार या पैन जैसे दस्तावेज जमा करें। इस छोटी सी सावधानी से आप लाखों रुपए की हानि से बच सकते हैं।
2. UAN का आधार से लिंक न होना
आज की डिजिटल दुनिया में Universal Account Number (UAN) का Aadhaar से लिंक होना अनिवार्य है, लेकिन कई बार तकनीकी खामियां क्लेम को अटका देती हैं। EPFO पोर्टल पर KYC (Know Your Customer) Approved दिखने के बावजूद, सिस्टम में Undefined स्टेटस आने से क्लेम रिजेक्ट हो जाता है। यह समस्या विशेष रूप से उन कर्मचारियों में आम है जो ऑनलाइन अपडेट करते हैं, लेकिन सर्वर ग्लिच के कारण अपडेट रिफ्लेक्ट नहीं होता।
2023-24 के आंकड़ों से पता चलता है कि ऐसे मामलों की संख्या लाखों में है, जहां कर्मचारी UAN एक्टिवेट करते हैं, लेकिन आधार लिंकिंग की पुष्टि नहीं मिलती। उदाहरणस्वरूप, मुंबई की एक महिला कर्मचारी ने शेयर किया कि उनका क्लेम तीन बार रिजेक्ट हुआ, क्योंकि सिस्टम में KYC Undefined दिखा रहा था, जबकि उन्होंने आधार ऑनलाइन लिंक किया था। EPFO के विशेषज्ञों का कहना है कि यह समस्या OTP वेरीफिकेशन या सर्वर लोड से उपजती है। बचाव के लिए, UAN को आधार से लिंक करने के बाद EPFO एप या पोर्टल पर दोबारा चेक करें, और अगर समस्या बनी रहे तो नजदीकी EPFO ऑफिस में जाकर मैनुअल वेरीफिकेशन करवाएं। यह कदम न केवल क्लेम को सुगम बनाता है, बल्कि फ्रॉड से भी बचाता है।
3. दो UAN का होना
नौकरी बदलते समय EPFO सिस्टम में गलती से दो UAN जनरेट हो जाना एक सामान्य समस्या है, जो क्लेम को बुरी तरह प्रभावित करती है। नियम स्पष्ट है कि एक व्यक्ति के पास केवल एक UAN हो सकता है, लेकिन अगर दोनों UAN एक ही मोबाइल नंबर से जुड़े हैं, तो मर्जिंग प्रक्रिया जटिल हो जाती है। यह गलती अक्सर पुरानी कंपनी के HR की लापरवाही या सिस्टम एरर से होती है।
पिछले वित्त वर्ष में ऐसे मामलों से लाखों कर्मचारी प्रभावित हुए, जहां उनका पुराना PF बैलेंस नए UAN में ट्रांसफर नहीं हो पाया। बेंगलुरु के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने बताया कि नौकरी बदलने पर उनका दूसरा UAN बन गया, और क्लेम रिजेक्ट होने से 8 लाख रुपए अटक गए। मर्जिंग के लिए महीनों इंतजार करना पड़ा। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि नौकरी छोड़ने से पहले UAN ट्रांसफर रिक्वेस्ट सबमिट करें, और अगर दो UAN हैं तो EPFO पोर्टल पर मर्ज रिक्वेस्ट दाखिल करें। दस्तावेज जैसे आधार, पैन और बैंक स्टेटमेंट तैयार रखें, ताकि प्रक्रिया तेज हो। इस समस्या से बचाव न केवल पैसा बचाता है, बल्कि रिटायरमेंट प्लानिंग को मजबूत बनाता है।
4. फॉर्म भरते समय सावधानी जरूरी
PF क्लेम फॉर्म भरते समय बैंक अकाउंट डिटेल्स या एम्प्लॉयर (कंपनी) का नाम गलत दर्ज होना एक बड़ी वजह है। अक्सर लोग जल्दबाजी में IFSC कोड, अकाउंट नंबर या कंपनी का सही नाम गलत लिख देते हैं, जिससे सिस्टम क्लेम को अस्वीकार कर देता है।
2023-24 में ऐसे हजारों क्लेम रिजेक्ट हुए, जहां कर्मचारी ने पुराना बैंक अकाउंट दिया या कंपनी का नाम स्पेलिंग मिस्टेक से लिखा। चेन्नई के एक कर्मचारी की कहानी ऐसी है कि उनका क्लेम रिजेक्ट हुआ क्योंकि बैंक ब्रांच का नाम गलत था, और सुधार में 6 महीने लग गए। EPFO के अनुसार, सभी डिटेल्स आधार और पैन से मैच करने चाहिए। बचाव के लिए, क्लेम फॉर्म भरने से पहले नियोक्ता से सभी विवरण कन्फर्म करें और ऑनलाइन सबमिशन के बाद स्टेटस ट्रैक करें। यह छोटी सावधानी आपके पैसे को समय पर दिला सकती है।
5. रिश्तों का गलत दर्ज होना
कई बार PF रिकॉर्ड में रिश्तों का विवरण गलत दर्ज हो जाता है, जैसे मां का नाम पिता के स्थान पर या पति का नाम गलत तरीके से। यह क्लेम ट्रांसफर या विड्रॉल को महीनों तक लटका सकता है।
पिछले वर्ष ऐसे मामलों की बाढ़ आई, जहां कर्मचारियों ने दस्तावेज अपडेट नहीं किए। हैदराबाद की एक महिला ने शेयर किया कि उनके पिता का नाम गलत दर्ज होने से क्लेम रिजेक्ट हुआ, और सुधार में कानूनी प्रक्रिया करनी पड़ी। EPFO नियम कहते हैं कि सभी पारिवारिक विवरण आधार से मैच करें। बचाव के लिए, पोर्टल पर प्रोफाइल अपडेट करें और जरूरी दस्तावेज जमा करें।

क्लेम रिजेक्शन से कैसे बचें
EPFO क्लेम रिजेक्ट होने से बचने के लिए निम्नलिखित कदम उठाएं:
- रिकॉर्ड्स की नियमित जांच: EPFO Member Portal या UMANG ऐप पर लॉगिन करके नाम, जन्मतिथि, बैंक डिटेल्स, UAN-Aadhaar लिंक आदि चेक करें। हर 6 महीने में अपडेट करें।
- सुधार प्रक्रिया: गलतियां मिलने पर आधार, पैन या पासपोर्ट जैसे दस्तावेजों से ऑनलाइन सुधार रिक्वेस्ट सबमिट करें। अगर ऑनलाइन नहीं हो रहा, तो EPFO ऑफिस जाएं।
- Grievance Portal का उपयोग: समस्या बनी रहे तो EPFO के Grievance Portal पर शिकायत दर्ज करें। इससे 30 दिनों में समाधान मिल सकता है।
- नियोक्ता से सहयोग: क्लेम से पहले कंपनी के HR से सभी विवरण कन्फर्म करें, खासकर Date of Exit और योगदान की पुष्टि।
- डिजिटल टूल्स का लाभ: EPFO ऐप से ट्रैकिंग करें और SMS अलर्ट एक्टिवेट करें।
PF claim rejected how to apply again
- EPFO Portal Login करें
- https://unifiedportal-mem.epfindia.gov.in पर जाएँ।
- अपना UAN, पासवर्ड और कैप्चा डालकर लॉगिन करें।
- Claim Rejection का कारण देखें
- “Online Services” → “Track Claim Status” में जाकर रिजेक्शन का कारण नोट करें।
- अगर कारण नाम, जन्मतिथि, बैंक डिटेल्स या आधार लिंक से जुड़ा है तो पहले उसे सुधारें।
- गलतियों को ठीक करें
- UAN KYC सेक्शन में जाकर Aadhaar, PAN, Bank Account अपडेट करें।
- नियोक्ता (Employer) से Date of Exit/Joining या अन्य गलतियों को सही करवाएँ।
- सुधार पूरा होने के बाद Claim दोबारा Apply करें
- “Online Services” → “Claim (Form-31, 19, 10C & 10D)” पर क्लिक करें।
- बैंक अकाउंट और आधार OTP से वेरीफाई करें।
- सही डिटेल्स भरकर Claim सबमिट करें।
- स्टेटस ट्रैक करें
- “Track Claim Status” सेक्शन से अपने नए Claim की स्थिति चेक करते रहें।
EPFO Claim Rejected Reason Check by SMS
- अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से मैसेज बॉक्स खोलें।
- टाइप करें:
EPFOHO UAN ENG
(👉 यहाँ UAN आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर होगा और ENG भाषा के लिए है। आप HIN भी लिख सकते हैं हिंदी में जानकारी के लिए।)
- यह SMS भेजें 7738299899 नंबर पर।
- आपको रिप्लाई SMS मिलेगा जिसमें KYC स्टेटस, आधार लिंक स्टेटस और Claim रिजेक्शन का कारण लिखा होगा।
📌 ध्यान दें:
- SMS उसी मोबाइल नंबर से भेजें जो UAN से रजिस्टर्ड है।
- अगर SMS से डिटेल्स नहीं मिल रही हों, तो आप UMANG App या EPFO Portal पर भी Claim Status देख सकते हैं।
Form 19 Rejected Without Reason – क्या करें?
- Claim Status चेक करें
- EPFO Member Portal → Track Claim Status सेक्शन में जाकर देखें।
- कई बार “Rejected” लिखा होता है लेकिन Reason दिखाई नहीं देता।
- SMS/Email चेक करें
- EPFO अक्सर Claim रिजेक्ट होने पर SMS या ईमेल भेजता है।
- अगर कोई Reason नहीं मिला तो आगे की स्टेप्स करें।
- Employer से कन्फर्म करें
- कई बार Date of Exit, Bank Account, या UAN–Aadhaar mismatch के कारण रिजेक्शन होता है।
- HR या Employer से अपडेट की पुष्टि करें।
- EPFO Grievance Portal पर शिकायत करें
- https://epfigms.gov.in पर लॉगिन करें।
- अपनी Claim ID डालकर शिकायत दर्ज करें।
- EPFO टीम 15–30 दिनों में Reason बताती है।
- दोबारा Claim Apply करें
- त्रुटि दूर करने के बाद Portal या UMANG App से नया Claim सबमिट करें।
