
EPFO EDLI Yojana : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा चलाई जा रही EDLI (Employees’ Deposit Linked Insurance) योजना में केंद्र सरकार ने बड़ा और राहत भरा बदलाव किया है। अब यदि किसी कर्मचारी की नौकरी के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उसके नॉमिनी (Nominee) को कम से कम ₹50,000 का बीमा लाभ (Insurance Benefit) मिलेगा, चाहे कर्मचारी के खाते में रकम हो या नहीं। पहले यह लाभ PF खाते में न्यूनतम ₹50,000 राशि होने पर ही मिलता था, लेकिन अब इस बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है।
क्या है EDLI योजना?
Epfo edli yojana amount : EDLI योजना EPFO द्वारा चलाई जाने वाली एक बीमा योजना है जो संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को जीवन बीमा कवरेज देती है। इस योजना के तहत, यदि किसी कर्मचारी की सेवा के दौरान मौत हो जाती है, तो उसके परिजनों या नामांकित व्यक्ति (Legal Heir/Nominee) को एकमुश्त बीमा राशि प्रदान की जाती है। यह राशि ₹2.5 लाख से ₹7 लाख तक हो सकती है। खास बात यह है कि इस योजना के अंतर्गत कर्मचारी को कोई अतिरिक्त प्रीमियम नहीं देना होता — यह खर्च पूरी तरह नियोक्ता (Employer) द्वारा वहन किया जाता है।
50,000 रुपये का न्यूनतम बीमा लाभ
Epfo edli yojana benefits : सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी कर्मचारी की सेवा के दौरान मौत होने पर PF खाते में कितनी राशि है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। नॉमिनी को कम से कम ₹50,000 रुपये की बीमा राशि दी जाएगी। पहले इस लाभ के लिए खाते में न्यूनतम ₹50,000 की रकम होना जरूरी था, लेकिन अब यह शर्त समाप्त कर दी गई है। इससे उन परिवारों को राहत मिलेगी जिनके सदस्य की अचानक मृत्यु हो गई और खाते में पर्याप्त राशि नहीं थी।
नौकरी में 60 दिन तक का ब्रेक अब नहीं माना जाएगा बाधा
इस योजना में एक और बड़ा परिवर्तन यह हुआ है कि अब यदि किसी कर्मचारी की दो नौकरियों के बीच 60 दिन तक का गैप भी रहा है, तो उसे निरंतर सेवा (Continuous Service) माना जाएगा। पहले इस गैप को ‘नौकरी का ब्रेक’ माना जाता था और कर्मचारी बीमा लाभ से वंचित हो सकता था। अब 60 दिनों तक का जॉब गैप ‘सर्विस ब्रेक’ नहीं माना जाएगा।
इसका मतलब यह हुआ कि अगर कोई कर्मचारी एक कंपनी छोड़कर दो महीने के भीतर किसी दूसरी कंपनी में शामिल होता है, तो उसकी सेवा को लगातार माना जाएगा और उसे EDLI योजना के सभी लाभ मिलेंगे।
6 महीने तक की कट-ऑफ में भी मिलेगा बीमा लाभ
मंत्रालय ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि किसी कर्मचारी की मृत्यु आखिरी सैलरी कटने के 6 महीने के भीतर हो जाती है, तो भी उसका नॉमिनी बीमा लाभ पाने का पात्र होगा। यह उन मामलों में विशेष राहत है जहां कर्मचारी ने किसी कारणवश नौकरी छोड़ी हो या नौकरी बदलने की स्थिति में हो। उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति की अंतिम बार वेतन कटौती फरवरी 2025 में हुई थी और उसकी मृत्यु मई 2025 में हो गई, तो भी उसके नॉमिनी को बीमा की राशि प्राप्त होगी। यह नियम उन परिवारों के लिए बड़ी राहत है जिनके पास अचानक हुए नुकसान के समय आर्थिक सहायता की सख्त आवश्यकता होती है।
योजना की मुख्य विशेषताएं
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (EDLI) |
| प्रबंधन संस्था | कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) |
| लाभार्थी | संगठित क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारी |
| बीमा राशि | न्यूनतम ₹50,000 से अधिकतम ₹7,00,000 तक |
| प्रीमियम भुगतान | नियोक्ता द्वारा, कर्मचारी को कोई भुगतान नहीं करना |
| पात्रता | EPFO सदस्य होना आवश्यक |
| नॉमिनी को भुगतान | कर्मचारी की सेवा काल में मृत्यु पर एकमुश्त भुगतान |
| सेवा की निरंतरता | 60 दिन तक का ब्रेक अब ब्रेक नहीं माना जाएगा |
| अंतिम वेतन कटौती | मौत यदि अंतिम वेतन कटने के 6 माह के भीतर होती है, तो भी लाभ मिलेगा |
कौन कर सकता है दावा?
- Who is eligible for EDLI scheme : कर्मचारी के नामांकित व्यक्ति (Nominee)
- यदि नॉमिनी नहीं है, तो कानूनी उत्तराधिकारी
- मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज के साथ EPFO कार्यालय में दावा किया जा सकता है।
दस्तावेज़ कौन-कौन से लगेंगे?
- मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)
- नॉमिनी का पहचान प्रमाण (ID Proof)
- नॉमिनी की बैंक पासबुक की कॉपी या कैंसिल चेक
- कर्मचारी का UAN नंबर और सेवा विवरण
- दावे का फॉर्म — Form 5 IF
बीमा राशि की गणना कैसे होती है?
Epfo edli yojana calculator : बीमा की राशि की गणना कर्मचारी की अंतिम वेतन के आधार पर होती है। अधिकतम बीमा सीमा ₹7 लाख है। गणना का एक सामान्य फॉर्मूला इस प्रकार है:
बीमा राशि = कर्मचारी की अंतिम मासिक सैलरी × 35 + ₹1,50,000 (अतिरिक्त लाभ)
इस फॉर्मूले के अनुसार यदि किसी कर्मचारी की अंतिम सैलरी ₹15,000 थी, तो:
₹15,000 × 35 = ₹5,25,000 + ₹1,50,000 = ₹6,75,000 (कुल बीमा राशि)
सरकार द्वारा EDLI योजना में किए गए इन बदलावों से यह योजना पहले से ज्यादा सुगम, न्यायसंगत और लाभकारी बन गई है। अब न तो खाते में न्यूनतम राशि की आवश्यकता है, न ही 60 दिन तक के नौकरी ब्रेक को बाधा माना जाएगा, और न ही केवल लगातार सेवा की शर्त लागू होगी। इससे उन परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी जो नौकरी के दौरान किसी सदस्य को खो चुके हैं और उन्हें त्वरित आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। EPFO की यह योजना सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम है, जो लाखों कर्मचारियों और उनके परिजनों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में कार्य करती है।
जरूरी सुझाव:
- प्रत्येक कर्मचारी को अपने PF खाते में नॉमिनी अपडेट करना चाहिए।
- मृत्यु के बाद परिवार के सदस्य को योजना का लाभ मिल सके, इसके लिए UAN नंबर एक्टिवेटेड होना चाहिए।
- अधिक जानकारी के लिए EPFO की आधिकारिक वेबसाइट या निकटतम कार्यालय से संपर्क करें।

EPFO EDLI योजना लॉगिन करने की प्रक्रिया
Epfo edli yojana login यदि आप EPFO की EDLI (Employees’ Deposit Linked Insurance) Scheme से जुड़ी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं या लॉगिन करना चाहते हैं, तो नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन करें:
🔐 EPFO EDLI योजना लॉगिन की प्रक्रिया:
1. EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
- वेबसाइट खोलें: https://www.epfindia.gov.in
2. ‘For Employees’ सेक्शन चुनें
- होमपेज पर ऊपर दिए गए “Services” टैब पर क्लिक करें।
- ड्रॉपडाउन में से “For Employees” विकल्प पर क्लिक करें।
3. ‘Member UAN/Online Services’ पर क्लिक करें
- अगले पेज पर जाएं और “Member UAN/Online Services” पर क्लिक करें।
(यह UAN Member e-Sewa पोर्टल है)
4. UAN नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करें
- अपना UAN (Universal Account Number) दर्ज करें
- पासवर्ड और दिए गए कैप्चा कोड भरें
- फिर Login बटन पर क्लिक करें
5. EDLI योजना से जुड़ी जानकारी प्राप्त करें
- लॉगिन के बाद, आप नीचे दिए गए विकल्पों में से किसी पर क्लिक कर सकते हैं:
- View > Service History
- View > Nomination Details
- Online Services > Claim (Form-5, 10D, 20 etc.)
📝 EPFO EDLI योजना में ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
1. Epfo edli yojana apply online : EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
वेबसाइट खोलें: https://unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface/
2. UAN पोर्टल में लॉगिन करें
- अपना UAN नंबर, पासवर्ड, और कैप्चा कोड भरकर लॉगिन करें।
3. Online Services टैब पर क्लिक करें
- लॉगिन के बाद ‘Online Services’ मेन्यू पर जाएं।
4. Claim (Form-31, 19, 10C & 10D) विकल्प चुनें
- यहां से क्लेम करने के लिए Claim Form पर क्लिक करें।
- यदि मृत्यु के बाद क्लेम किया जा रहा है, तो Form 20 (Death Claim) और Form 10D/10C (पेंशन से संबंधित) भरें।
5. Member Details और KYC जानकारी जांचें
- स्क्रीन पर अपनी डिटेल्स वेरिफाई करें – जैसे नाम, जन्म तिथि, आधार नंबर, बैंक डिटेल्स।
6. Proceed For Online Claim पर क्लिक करें
- दिए गए विकल्पों में से EDLI (Form 5 IF) को चुनें।
7. फॉर्म भरें और दस्तावेज़ अपलोड करें
- आवश्यक जानकारी भरें और मृत्यु प्रमाण पत्र, नामांकन प्रमाण, बैंक डिटेल्स, आदि दस्तावेज़ अपलोड करें।
8. Submit करें और ट्रैक करें
- फॉर्म सबमिट करने के बाद EPFO द्वारा जांच की जाती है।
- आप अपनी क्लेम स्थिति को ‘Track Claim Status’ विकल्प से देख सकते हैं।
🔍 EDLI योजना में मृत्यु पर पात्रता की प्रक्रिया
- EDLI eligibility on death cases : कर्मचारी EPF का सदस्य होना चाहिए
- मृतक कर्मचारी EPFO का सक्रिय सदस्य होना चाहिए और उसकी मृत्यु सेवा के दौरान हुई हो।
- कम से कम 1 महीने का EPF योगदान
- मृत्यु से पहले कर्मचारी के खाते में कम से कम एक महीने का EPF योगदान होना आवश्यक है।
- नियोक्ता द्वारा EDLI योजना में नामांकन
- कर्मचारी का नियोक्ता EPFO के साथ EDLI योजना में पंजीकृत होना चाहिए (स्वतः नामांकन होता है, यदि EPF में है)।
- मृत्यु कार्यस्थल या गैर-कार्यस्थल पर हो सकती है
- मृत्यु किसी भी कारण से हो सकती है (बीमारी, दुर्घटना, आदि)। यह स्वाभाविक या आकस्मिक दोनों प्रकार की हो सकती है।
- नॉमिनी/कानूनी वारिस ही क्लेम कर सकता है
- आवेदन नामांकित व्यक्ति (Nominee) या, यदि नॉमिनी नहीं है तो कानूनी उत्तराधिकारी (Legal Heir) द्वारा किया जाना चाहिए।
- कोई न्यूनतम सेवा अवधि नहीं
- EDLI योजना में लाभ पाने के लिए कोई न्यूनतम नौकरी की अवधि आवश्यक नहीं है, बशर्ते मृत्यु सेवा के दौरान हुई हो।
- अधिकतम बीमा राशि सीमा
- अधिकतम ₹7 लाख तक का बीमा लाभ दिया जाता है (नियोक्ता द्वारा EPFO में जमा अंतिम 12 महीनों की औसत सैलरी के आधार पर)।
अक्सर पुछे जाने वाले प्रश्न
❓ EPFO में EDLI क्या है?
उत्तर:
EDLI यानी Employees’ Deposit Linked Insurance Scheme EPFO द्वारा संचालित एक बीमा योजना है। इसमें अगर किसी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उसके नामांकित व्यक्ति (Nominee) को बीमा राशि दी जाती है। यह योजना EPF खाते से स्वतः जुड़ी होती है और इसके लिए अलग से रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होती।
❓ मृत्यु के बाद पीएफ बीमा कितना होता है?
उत्तर:
मृत्यु के बाद EDLI स्कीम के तहत अधिकतम ₹7 लाख तक का बीमा क्लेम किया जा सकता है। यह राशि कर्मचारी की पिछले 12 महीनों की औसत बेसिक सैलरी और डीए (Dearness Allowance) के आधार पर तय की जाती है। न्यूनतम बीमा राशि ₹2.5 लाख है।
❓ पीएफ में EDLI शुल्कों की गणना कैसे करें?
उत्तर:
EDLI स्कीम के अंतर्गत नियोक्ता हर महीने कर्मचारी की बेसिक सैलरी + डीए का 0.5% योगदान करता है, अधिकतम ₹15,000 सैलरी तक। यानी अधिकतम ₹75 प्रति माह EDLI के लिए जमा होता है। कर्मचारी को इसकी कोई राशि नहीं देनी होती।
गणना का सूत्र:
0.5% × बेसिक सैलरी (अधिकतम ₹15,000 तक)
= 0.5% × ₹15,000 = ₹75 प्रति माह
❓ ईडीएलआई योजना क्या है?
उत्तर:
ईडीएलआई योजना एक कर्मचारी बीमा योजना है, जिसे EPFO चलाता है। इसमें कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाने पर उसके परिवार या नामांकित व्यक्ति को बीमा राशि दी जाती है। यह योजना कर्मचारी के EPF खाते से जुड़ी होती है और इसके लिए कोई अतिरिक्त पंजीकरण की जरूरत नहीं होती।
❓ ईएलआई स्कीम क्या है?
उत्तर:
ELI स्कीम (Employees’ Life Insurance Scheme) नाम से कोई स्वतंत्र स्कीम भारत सरकार की आधिकारिक योजनाओं में नहीं है। आमतौर पर इसे गलतफहमी में EDLI स्कीम के रूप में लिया जाता है। यदि आपने कहीं ELI स्कीम देखा है, तो संभवतः वह EDLI (Employees’ Deposit Linked Insurance) ही है।
❓ एडीआईपी योजना क्या है?
उत्तर:
ADIP (Assistance to Disabled Persons for Purchase / Fitting of Aids and Appliances) योजना भारत सरकार की एक योजना है। इसका उद्देश्य विकलांग व्यक्तियों को सहायक उपकरण (जैसे व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, कृत्रिम अंग आदि) उपलब्ध कराना है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को उपकरण नि:शुल्क या रियायती दरों पर दिए जाते हैं।



