
Fake marriage scam : समाज को शर्मसार कर देने वाली घिनौनी करतूत सामने आई, जिससे रिश्तों की पवित्रता को तार तार कर दिया। लोभी सरपंच और सचिव ने सहयोग उपहार योजना से लाखों रुपए फर्जी तरीके से उठाने के लिए करीब 79 लोगों की ऐसी शादी करवा दी कि हर कोई शर्मिंदा है। यह चौंकाने वाली फर्जीवाड़े की कहानी राजस्थान के जैसलमेर जिले में तुर्को की बस्ती की है। वर्ष जून 2021 में इसका खुलसा हुआ था। भाई-बहन और ससुर-पुत्रवधू तक के फर्जी विवाह पंजीयन बना डाले। सहयोग उपहार योजना के तहत फर्जी विवाह प्रमाण पत्राें के जरिए सरकार से सहयोग राशि उठाने की गंभीर अनियमिता उजागर हुई, तो हर कोई हैरान रह गया।
Rajasthan fraud : तुर्कों की बस्ती की ग्राम पंचायत में सरपंच शोभे खान और तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी राजमल रेगर ने मिलकर एक खतरनाक खेल शुरू किया। सहयोग उपहार योजना, जो बीपीएल परिवारों की बेटियों को आर्थिक मदद देने के लिए बनी थी, इनके लिए लालच का जरिया बन गई। ग्रामीणों को बिना बताए, उनके नाम पर फर्जी विवाह पंजीयन बनाए गए। चौंकाने वाली बात यह थी कि इन पंजीयनों में रिश्तों की कोई मर्यादा नहीं रखी गई। भाई-बहन, ससुर-पुत्रवधू, और यहाँ तक कि मृत लोगों के नाम पर भी शादियाँ दर्ज कर दी गईं!
सनसनीखेज खुलासा
Sahyog Uphaar Yojana : इस घोटाले का पर्दाफाश तब हुआ, जब गाँव के एक युवक, इमाम खान, ने ऑनलाइन विवाह पंजीयन की जाँच की। उसे पता चला कि उसके 82 साल के नाना, जिनकी पत्नी 12 साल पहले गुजर चुकी थी, का फर्जी विवाह पंजीयन 2021 में दर्ज हुआ था। साथ ही उनके मामा का भी उसी परिवार की दूसरी लड़की से विवाह पंजीयन मिला। जैसे-जैसे खोजबीन बढ़ी, पता चला कि गाँव में 79 फर्जी विवाह पंजीयन बनाए गए थे। इनमें नाबालिग स्कूली बच्चों से लेकर एक ही व्यक्ति की चार-चार शादियाँ तक शामिल थीं।
रिश्तों की बेपनाह बेइज्जती
Village corruption : ग्रामीणों का गुस्सा तब और भड़क उठा, जब उन्हें पता चला कि इन फर्जी पंजीयनों में रिश्तों को भी नहीं बख्शा गया। एक भाई की शादी उसकी बहन से, बाप-बेटे की शादी दो सगी बहनों से, और यहाँ तक कि एक सरकारी कर्मचारी की दूसरी शादी भी बिना उसकी जानकारी के दर्ज कर दी गई। कादर बख्स, जो सम अस्पताल में कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर हैं, ने बताया, “मेरी शादी 2018 में हो चुकी थी, फिर भी इन लोगों ने 2021 में मेरा फर्जी विवाह पंजीयन बना दिया। यह पूरी तरह धोखा है।”

ग्रामीणों का गुस्सा और कार्रवाई
fake marriage certificate : जैसे ही यह मामला सामने आया, ग्रामीणों ने एकजुट होकर सम थाने में शिकायत दर्ज की। उनका कहना था कि सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी ने न सिर्फ उनके भरोसे को तोड़ा, बल्कि रिश्तों की गरिमा को भी ठेस पहुँचाई। गुरुवार को दर्ज इस शिकायत ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। ग्रामीणों ने माँग की है कि इस फर्जीवाड़े की गहन जाँच हो और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।
सहयोग उपहार योजना का दुरुपयोग
Government fraud : सहयोग उपहार योजना का मकसद बीपीएल परिवारों की दो बेटियों को आर्थिक सहायता देना है। लेकिन इस योजना को भुनाने के लिए सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी ने बीपीएल सूची से नाम उठाए और फर्जी दस्तावेज तैयार किए। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब पैसे के लालच में किया गया, जिसमें रिश्तों की मर्यादा तक को कुचल दिया गया।
