
Farmer Registry Rajasthan : जिले के किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा, पारदर्शी और समयबद्ध लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राजसमंद प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। जिला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा के निर्देशन में जिलेभर में फार्मर रजिस्ट्री के अंतर्गत शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए ‘किसान अधिकार पंजीकरण पखवाड़ा’ का आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष अभियान 2 जनवरी से 17 जनवरी 2026 तक चलेगा, जिसके तहत जिले के प्रत्येक राजस्व ग्राम में सायंकालीन विशेष पंजीकरण कैंप लगाए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से किसानों को फार्मर रजिस्ट्री कराने की सुविधा उनके गांव में ही उपलब्ध कराई जाएगी।
Kisan Adhikar Panjikaran Abhiyan : जिला कलेक्टर के निर्देशों के बाद अभियान की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। समस्त उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, आईएलआर (ILR), गिरदावर एवं पटवारी स्तर तक अधिकारियों-कर्मचारियों को अभियान के सफल क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन विशेष कैंपों का आयोजन प्रतिदिन शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक किया जाएगा, ताकि दिनभर खेतों में कार्यरत किसान भी आसानी से पहुंचकर अपनी Farmer Registry करवा सकें। प्रशासन का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र किसान पंजीकरण से वंचित न रहे।
फार्मर रजिस्ट्री से खुलेगा सरकारी योजनाओं का रास्ता
Farmer ID Registration Camp : फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण होने के बाद किसान PM Kisan Samman Nidhi, मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, फसल ऋण, MSP पर खरीद, कृषि अनुदान योजनाएं और आपदा मुआवजा जैसी केंद्र एवं राज्य सरकार की अनेक योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों में अपने नजदीकी कैंप में आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर पंजीकरण अवश्य करवाएं, जिससे योजनाओं का लाभ Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से सीधे उनके खाते में पहुंचे।
फार्मर आईडी: किसान की डिजिटल पहचान
PM Kisan Farmer Registry : फार्मर रजिस्ट्री के तहत प्रत्येक किसान को 11 अंकों की यूनिक डिजिटल पहचान प्रदान की जा रही है, जिसे Farmer ID कहा जाता है। इस Farmer ID में किसान का नाम, आधार विवरण, भूमि स्वामित्व, बोई गई फसलें और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज रहती है। यह डिजिटल डाटाबेस AgriStack योजना के अंतर्गत तैयार किया जा रहा है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बिचौलिए के सीधे किसान तक पहुंच सके। राजस्थान में यह प्रणाली किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है।
हर श्रेणी का किसान है पात्र
Rajsamand Farmer Registration : इस योजना के तहत सीमांत, लघु और बड़े किसान, सभी पात्र हैं। महिला भूमि धारकों का भी फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकरण किया जा रहा है। प्रत्येक भूमि स्वामी किसान के लिए अलग-अलग फार्मर आईडी बनाई जाती है। भूमि स्वामित्व के आधार पर पंजीकरण किया जाता है। हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों में किराए पर खेती करने वाले किसानों के लिए भी समाधान संभव है, जिसकी जांच संबंधित अधिकारी करते हैं।

पंजीकरण के लिए जरूरी दस्तावेज
फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिए किसानों को निम्न दस्तावेज साथ लाने होंगे—
- आधार कार्ड
- नवीनतम जमाबंदी या खसरा प्रति
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर
PAN Card की आवश्यकता नहीं है।
यदि आधार और जमाबंदी में नाम में अंतर है, तब भी पंजीकरण संभव है, जिसे गिरदावर और तहसीलदार स्तर पर सत्यापित किया जाएगा। भविष्य में योजनाओं के निर्बाध लाभ के लिए आधार में नाम की शुद्धता आवश्यक होगी।
एक मोबाइल नंबर से दो किसानों का पंजीकरण संभव
भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार एक मोबाइल नंबर से दो किसानों का पंजीकरण किया जा सकता है। यह सुविधा विशेष रूप से विवाहित महिलाओं और दूर रह रहे किसानों के लिए उपयोगी है। ऐसे किसान अपने परिजनों के माध्यम से OTP शेयर कर पंजीकरण करवा सकते हैं। पूरी प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन, निःशुल्क है और औसतन 10 से 15 मिनट में पूरी हो जाती है।
एक बार बनवानी होगी फार्मर रजिस्ट्री
फार्मर रजिस्ट्री एक बार बनवानी होती है। इसके बाद भूमि क्रय-विक्रय या उत्तराधिकार की स्थिति में रिकॉर्ड स्वतः अपडेट हो जाता है।
Farmer ID बनने के बाद UFR सुविधा से नए खसरे जोड़े जा सकते हैं और De-Link सुविधा से गलत जुड़े खसरे हटाए जा सकते हैं। अन्य राज्यों के किसान, जिनकी भूमि राजस्थान में है, वे भी आधार के माध्यम से पंजीकरण करवा सकते हैं।
फार्मर आईडी बनवाने के लिए कहां संपर्क करें
किसान निम्न माध्यमों से फार्मर रजिस्ट्री करवा सकते हैं—
- ई-मित्र केंद्र
- CSC सेंटर
- ग्राम पंचायत
- तहसील कार्यालय
PM Kisan योजना में नए पंजीकरण और PM Fasal Bima Yojana का लाभ लेने के लिए Farmer Registry अनिवार्य कर दी गई है। आने वाले समय में कृषि और सहकारिता विभाग की सभी योजनाओं में Farmer ID जरूरी होगी।
