
Fasal Bima Yojana : देशभर के किसानों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत किसानों के ₹5,405 करोड़ के बीमा क्लेम अब तक अटके हुए हैं। यह आंकड़ा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में लोकसभा में पेश किया है। यह बकाया रकम वर्ष 2024 की खरीफ फसल सहित पिछले कई सीजन की है। कुल क्लेम का यह लगभग 6% हिस्सा है, जो किसानों को अब तक नहीं मिला है।
किसानों को उम्मीद थी कि प्राकृतिक आपदाओं से हुए फसल नुकसान के बाद उन्हें बीमा सुरक्षा मिलेगी, लेकिन कई राज्यों में बीमा कंपनियों और राज्य सरकारों के बीच समन्वय की कमी के कारण ये भुगतान फंसे हुए हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि फसल बीमा योजना के अंतर्गत क्लेम कैसे मिलता है, किन कारणों से देरी हो रही है, और आप अपना क्लेम कैसे प्राप्त कर सकते हैं।
📌 क्या है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)?
PMFBY : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, जून 2016 में लॉन्च की गई थी, जिसका उद्देश्य है किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से हुए फसल नुकसान की भरपाई के लिए एक सस्ती, तेज और पारदर्शी बीमा व्यवस्था देना।
इस योजना में:
- किसानों को नाममात्र प्रीमियम (1.5% – 2%) देना होता है
- शेष प्रीमियम का भुगतान केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर करती हैं
- पूर्वोत्तर राज्यों में केंद्र सरकार 90% तक सब्सिडी देती है
- योजना में बुआई से लेकर कटाई के बाद तक का नुकसान कवर किया जाता है
💸 कितनी देरी से मिल रहा है क्लेम?
PMFBY claim status check online : PMFBY के नियमों के अनुसार, बीमा कंपनियों को क्लेम दाखिल होने के 21 दिनों के भीतर किसानों को भुगतान करना अनिवार्य है। यदि इस अवधि के बाद भुगतान नहीं किया जाता, तो किसानों को देरी पर 12% वार्षिक ब्याज का हक भी मिलता है। यही नियम राज्य सरकार पर भी लागू होता है, यदि उनके कारण भुगतान में देरी हो।
इसके बावजूद, ₹5,405 करोड़ जैसी बड़ी राशि का अटक जाना चिंता का विषय है। सरकार ने देरी को रोकने के लिए कई उपाय किए हैं, फिर भी भुगतान प्रक्रिया में सुधार की जरूरत है।
🏢 बीमा कंपनियां और राज्य सरकार की जिम्मेदारी
Fasal Bima Yojana complaint toll-free number राज्य सरकारें अपने-अपने राज्य में बीमा कंपनियों का चयन करती हैं, जो किसानों को पॉलिसी उपलब्ध कराती हैं। फसल की पैदावार और नुकसान का मूल्यांकन राज्य सरकार और बीमा कंपनियों द्वारा बनाई गई संयुक्त समिति करती है।
कई बार:
- मूल्यांकन में देरी
- कागजी कार्रवाई अधूरी रहना
- क्लेम राशि को लेकर मतभेद
- डाटा अपलोड न होना
जैसे कारणों से भुगतान नहीं हो पाता है। ऐसे में किसान क्लेम के लिए सालों तक इंतजार करते रहते हैं।
🗓️ योजना कब शुरू हुई और क्यों है जरूरी?
Crop insurance scheme claim process India प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत जून 2016 में की गई थी। इससे पहले कई जटिल और क्षेत्रीय बीमा योजनाएं थीं, जिन्हें हटाकर इसे एकीकृत और सरल योजना के रूप में लाया गया।
IIM अहमदाबाद की 2019 की स्टडी के अनुसार, जलवायु परिवर्तन, अनियमित बारिश, गर्मी बढ़ने और कीटों के प्रकोप जैसे कारणों से फसल नुकसान तेजी से बढ़ा है। ऐसे में, किसानों के लिए एक सस्ती और भरोसेमंद बीमा प्रणाली आवश्यक हो गई थी।

📱 कैसे मिलेगा फसल बीमा का पैसा? (Step-by-Step Guide)
अगर आपने फसल बीमा के लिए आवेदन किया है और अभी तक क्लेम की राशि नहीं मिली है, तो आप निम्नलिखित तरीकों से अपना पैसा प्राप्त कर सकते हैं:
1️⃣ टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें
- 📞 नंबर: 14447
- समय: सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक
- किसान इस नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं
- बीमा एजेंट आपसे मांगेंगे:
- नाम
- पंजीकृत मोबाइल नंबर
- राशन कार्ड या किसान ID
- गांव, ब्लॉक, जिला
- क्लेम से संबंधित जानकारी
👉 ध्यान दें: अधूरी जानकारी देने पर शिकायत दर्ज नहीं की जाएगी।
2️⃣ Crop Insurance App का उपयोग करें
- “Crop Insurance App” को Google Play Store से डाउनलोड करें
- अपनी भाषा का चयन करें
- मोबाइल नंबर और आधार कार्ड से लॉगिन करें
- “My Claims” या “Claim Status” सेक्शन में जाकर स्थिति जांचें
- आवश्यकता होने पर शिकायत दर्ज करें
3️⃣ WhatsApp हेल्पलाइन का उपयोग करें
- 📱 WhatsApp नंबर: 7065514447
- इस नंबर पर “Hi” लिखकर भेजें
- Chatbot आपके सवालों के जवाब देगा
- यह सुविधा केवल NCIP पोर्टल पर रजिस्टर्ड किसानों के लिए है
🌧️ किन प्राकृतिक आपदाओं में मिलता है बीमा का लाभ?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में निम्नलिखित आपदाएं कवर की जाती हैं:
- बेमौसम बारिश
- बाढ़ और जलभराव
- सूखा और अल्पवृष्टि
- चक्रवात और तूफान
- ओलावृष्टि
- कीट और रोग से फसल नुकसान
- खेत में कटाई के बाद 14 दिनों तक का नुकसान
📡 अब नुकसान का आकलन भी टेक्नोलॉजी से
अब फसल नुकसान का आकलन सिर्फ खेतों में निरीक्षण से नहीं होगा, बल्कि रिमोट सेंसिंग तकनीक, ड्रोन सर्वे, और GIS आधारित रिपोर्टिंग से होगा।
नए नियमों के अनुसार:
- कम से कम 30% क्षेत्र का टेक्निकल सर्वे अनिवार्य है
- इससे आकलन अधिक सटीक और पारदर्शी हो सकेगा
- बीमा कंपनी और राज्य सरकार की जिम्मेदारी तय होगी
जरूरी दस्तावेज़ – क्लेम के लिए क्या रखें तैयार?
क्लेम की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए किसान नीचे दिए गए दस्तावेज पहले से तैयार रखें:
- बीमा प्रमाणपत्र (Policy Document)
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक / बैंक खाता विवरण
- फसल बुआई की रसीद या प्रमाण
- खेत की जानकारी (खसरा / खाता नंबर)
- मोबाइल नंबर (जो रजिस्टर किया गया हो)
📣 सरकार की अपील: समय पर आवेदन और सत्यापन कराएं
PMFBY Status by Aadhar card केंद्र सरकार ने किसानों से आग्रह किया है कि वे:
- हर सीजन की शुरुआत में समय पर पंजीकरण कराएं
- सही फसल विवरण और बैंक जानकारी दें
- पॉलिसी दस्तावेज सुरक्षित रखें
- शिकायत होने पर तुरंत 14447 या WhatsApp पर संपर्क करें
✅ PMFBY (प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना) Village List देखने की प्रक्रिया
- PMFBY village List : PMFBY की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
🔗 https://pmfby.gov.in - होमपेज पर “Application Status” या “Report” सेक्शन पर क्लिक करें
- फिर “Active Insurance Company / Notification / Village list” विकल्प चुनें
- अब स्क्रीन पर दिए गए विकल्पों में से नीचे जानकारी भरें:
- State (राज्य)
- District (जिला)
- Block / Taluka
- Season (Rabi / Kharif)
- Year (वर्ष)
- Crop Name (फसल का नाम)
- “Search” या “Submit” पर क्लिक करें
- संबंधित क्षेत्र की PMFBY village list स्क्रीन पर दिखाई देगी, जिसे आप देख सकते हैं या डाउनलोड कर सकते हैं।
