
Free Ration Scheme : राजस्थान में चल रहा गिव अप अभियान सामाजिक न्याय, खाद्य सुरक्षा सूची के शुद्धिकरण, और स्वैच्छिक त्याग की भावना का प्रतीक बन गया है। यह अभियान न केवल समाज के नैतिक मूल्यों को उजागर कर रहा है, बल्कि सहयोग और समन्वय का एक नया मार्ग भी प्रशस्त कर रहा है। गिव अप अभियान का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गरीबों के हक में कोई सेंधमारी न हो और खाद्य सुरक्षा का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने एक महत्वपूर्ण बैठक में यह बात कही। इस बैठक में गोदारा ने खाद्य आपूर्ति सेवा समिति और विभागीय अधिकारियों से गिव अप अभियान और खाद्य सुरक्षा सूची में नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया पर फीडबैक लिया।
मंत्री गोदारा ने बताया कि गिव अप अभियान के तहत अब तक 31 लाख से अधिक अपात्र व्यक्तियों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ छोड़ दिया है। इस अभूतपूर्व कदम से बनी रिक्तियों और ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी न करने वाले लाभार्थियों के कारण लगभग 60 लाख नए पात्र व्यक्तियों को इस योजना से जोड़ा गया है। इन नए लाभार्थियों को प्रति माह 5 किलोग्राम मुफ्त गेहूं, मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत 450 रुपये में प्रति परिवार सालाना 12 घरेलू गैस सिलेंडर, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत 25 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज, और मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना में 10 लाख रुपये तक का मुफ्त दुर्घटना बीमा कवर जैसे लाभ मिल रहे हैं। ये सुविधाएं न केवल उनके जीवन स्तर को ऊपर उठा रही हैं, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में भी मदद कर रही हैं।

इस अभियान से राज्य को करीब 568 करोड़ रुपये की बचत हुई है, जिसे जरूरतमंद लाभार्थियों के कल्याण के लिए उपयोग किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक सफलता को देखते हुए गिव अप अभियान की अवधि को 31 अक्टूबर 2025 तक बढ़ा दिया गया है। जिला रसद अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि राजसमंद जिले में भी कई सक्षम लाभार्थियों ने खाद्य सुरक्षा का लाभ छोड़ा है, और 26 जनवरी 2025 से मुख्यमंत्री के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा पोर्टल के पुनः शुरू होने के बाद से अब तक जिले में 6,595 नए पात्र लाभार्थी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) से जुड़े हैं।

अपात्रों से वसूली में सख्ती
Rajasthan Give Up Campaign मंत्री गोदारा ने जोर देकर कहा कि केवल पात्र और वंचित लोग ही खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़ें, यह सुनिश्चित करना प्रवर्तन एजेंसी का प्रमुख दायित्व है। इसके लिए एजेंसी डोर-टू-डोर सत्यापन और नए लाभार्थियों की पात्रता की नियमित निगरानी करेगी। अपात्र लोगों की दुकानवार सूची तैयार की जाएगी, जिसे सार्वजनिक स्थानों, पंचायत समितियों, नगर पालिकाओं, कलेक्ट्रेट, और रसद कार्यालयों में प्रदर्शित किया जाएगा। इन अपात्र व्यक्तियों को नोटिस जारी किए जाएंगे, और गेहूं की वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। गोदारा ने बताया कि 31 अक्टूबर 2025 तक स्वेच्छा से गिव अप न करने वाले अपात्र लाभार्थियों से 1 नवंबर से 30.57 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गेहूं की वसूली की जाएगी। यह सख्ती यह सुनिश्चित करेगी कि योजना का लाभ केवल जरूरतमंदों तक पहुंचे।
नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को बनाया गया सरल
NFSA beneficiaries removal Rajasthan गिव अप अभियान के तहत नाम हटाने की प्रक्रिया को पहली बार बेहद सरल बनाया गया है। इसी तरह, नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया को भी लाभार्थी-अनुकूल और सुगम किया गया है। अब पात्र व्यक्ति ई-मित्र केंद्रों के अलावा घर बैठे खाद्य सुरक्षा पोर्टल (https://food.rajasthan.gov.in) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदनों की जांच के लिए शहरी और ग्रामीण स्तर पर विशेष जांच दलों का गठन किया गया है, जो पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
सतर्कता समितियों की भूमिका होगी अहम
Food security scheme Rajasthan खाद्य आपूर्ति और वितरण पर नजर रखने के लिए जिला और तहसील स्तर पर सतर्कता समितियां गठित की गई हैं। गोदारा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गिव अप अभियान में इन समितियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। समितियों से आवेदकों की पात्रता की स्थिति की जानकारी ली जाएगी और नियमित संपर्क व समन्वय के माध्यम से उन्हें अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा।
विभागीय निगरानी और सघन पर्यवेक्षण
गिव अप अभियान की सफलता को सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्त और संभागीय स्तर के अधिकारियों को पर्यवेक्षण का जिम्मा सौंपा गया है। स्वयं खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने अब तक 25 जिलों का दौरा किया है और प्रत्येक जिले में अभियान की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को साप्ताहिक और पाक्षिक दौरों के साथ-साथ मुख्यालय को प्रतिदिन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला स्तर पर प्रचार-प्रसार और जागरूकता अभियान
Rajasthan food security new beneficiaries अभियान की सफलता के लिए जिला स्तर पर जागरूकता और प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न स्तरों पर बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जिनमें उचित मूल्य दुकानदारों, विभागीय अधिकारियों, और जनप्रतिनिधियों के साथ निरंतर समन्वय किया जा रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से आम जनता में अभियान के प्रति सकारात्मक चेतना जगाने का प्रयास किया जा रहा है। सांसद, विधायक, जिला प्रमुख, पंचायत समिति प्रधान, पालिका अध्यक्ष, और अन्य जनप्रतिनिधियों से भी इस अभियान को बढ़ावा देने का आह्वान किया गया है। गोदारा ने क्षेत्रीय और लोक भाषाओं में खाद्य सुरक्षा से नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को प्रसारित करने पर जोर दिया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पहल से जुड़ सकें।
गरीब कल्याण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम
Rajsamand Give Up Campaign मंत्री गोदारा ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का उद्देश्य सेवा और संवेदनशीलता के साथ निर्धन लोगों तक उनका हक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में विभाग इस लक्ष्य को लेकर पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है। गिव अप अभियान ने सक्षम लोगों को गरीबों के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का अवसर दिया है। यह अभियान न केवल खाद्य सुरक्षा सूची को शुद्ध कर रहा है, बल्कि सामाजिक समानता और न्याय को बढ़ावा दे रहा है।

गिव अप अभियान Ration Card Rajasthan
| क्रमांक | विवरण | संख्या/प्रतिशत |
|---|---|---|
| 1 | प्रदेश में कुल NFSA सिलिंग | 4,46,61,960 |
| 2 | प्रदेश में कुल NFSA यूनिट्स | 4,43,43,289 |
| 3 | कुल Give Up | 31,19,853 (7.04%) |
| 4 | 31 मार्च 2025 तक E-KYC नहीं करवाने की वजह से स्वतः हटे | 27,47,683 |
| 5 | NFSA में से कुल हटे | 58,67,536 (13.23%) |
| 6 | राज्य की सिलिंग के विरुद्ध उपलब्ध स्थान | 3,18,671 |
Top 05 जिले (Give Up यूनिट्स प्रतिशत सहित)
| क्रमांक | जिला | संख्या | प्रतिशत |
|---|---|---|---|
| 1 | बाड़मेर | 85,460 | 9.61% |
| 2 | हनुमानगढ़ | 87,300 | 9.03% |
| 3 | भीलवाड़ा | 1,26,801 | 8.81% |
| 4 | जयपुर | 2,25,817 | 8.67% |
| 5 | श्रीगंगानगर | 98,136 | 8.51% |
Bottom 05 जिले (सबसे कम लोगों ने यूनिट्स छोड़ीं)
| क्रमांक | जिला | संख्या | प्रतिशत |
|---|---|---|---|
| 1 | डूंगरपुर | 63,539 | 5.38% |
| 2 | टोंक | 56,071 | 5.42% |
| 3 | कोटा | 54,170 | 5.69% |
| 4 | दौसा | 67,415 | 5.81% |
| 5 | जालौर | 71,336 | 5.87% |
📝 Ration Card Status चेक करने की प्रक्रिया
- राज्य की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
- हर राज्य का अपना Food & Civil Supplies विभाग होता है।
- उदाहरण: राजस्थान के लिए 👉 https://food.rajasthan.gov.in
- “Ration Card” या “NFSA Portal” पर क्लिक करें
- पोर्टल पर राशन कार्ड/जन वितरण प्रणाली (PDS) से संबंधित विकल्प मिलेंगे।
- “Ration Card Status” या “Check Status” चुनें
- यहाँ आपको आवेदन संख्या, आधार नंबर या राशन कार्ड नंबर डालने का विकल्प मिलेगा।
- आवश्यक जानकारी भरें
- जैसे– जिला, ब्लॉक, ग्राम पंचायत/वार्ड का चयन करें।
- फिर राशन कार्ड नंबर या आवेदन आईडी डालें।
- स्टेटस देखें
- सबमिट करने पर आपके राशन कार्ड की स्थिति स्क्रीन पर दिखाई देगी।
- इसमें यह जानकारी मिलेगी:
- कार्ड सक्रिय है या नहीं
- किस श्रेणी (APL, BPL, NFSA) में है
- परिवार के सदस्यों के नाम
- आधार और मोबाइल लिंक स्थिति
- वितरण का रिकॉर्ड (कितना गेहूं/चावल मिला)
- डाउनलोड/प्रिंट करें
- चाहें तो आप Status रिपोर्ट को PDF या Print भी कर सकते हैं।
📝 Ration Card Download करने की प्रक्रिया
- राज्य की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
- हर राज्य की अपनी Food & Civil Supplies (खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति) विभाग की वेबसाइट होती है।
- उदाहरण:
- राजस्थान – https://food.rajasthan.gov.in
- उत्तर प्रदेश – https://fcs.up.gov.in
- बिहार – http://sfc.bihar.gov.in
- NFSA / Ration Card सेक्शन चुनें
- होमपेज पर “Ration Card”, “NFSA Portal” या “RCMS (Ration Card Management System)” का विकल्प मिलेगा।
- Download / Print Ration Card पर क्लिक करें
- “राशन कार्ड डाउनलोड” या “Print Ration Card” विकल्प चुनें।
- जानकारी भरें
- जिला, तहसील/ब्लॉक और ग्राम पंचायत/वार्ड का चयन करें।
- फिर राशन कार्ड नंबर / आवेदन आईडी / आधार नंबर / मोबाइल नंबर डालें।
- OTP वेरिफिकेशन करें (यदि मांगा जाए)
- पंजीकृत मोबाइल नंबर पर OTP आएगा, उसे भरकर वेरिफाई करें।
- राशन कार्ड देखें और डाउनलोड करें
- स्क्रीन पर पूरा Digital Ration Card खुल जाएगा।
- इसमें कार्डधारक का नाम, परिवार के सदस्यों की सूची, श्रेणी (APL, BPL, NFSA) और वितरण यूनिट्स की जानकारी होगी।
- PDF सेव करें या प्रिंट निकालें
- आप इसे PDF में सेव कर सकते हैं या सीधे Print ले सकते हैं।
