
उदयपुर। Gold Motorcycle Collection : किसी को पुरानी कारों का शौक होता है तो कोई महंगी और लग्जरी गाड़ियों का दीवाना होता है, लेकिन राजस्थान के उदयपुर निवासी रवि कंधार का जुनून कुछ अलग ही है। उन्होंने मोटरसाइकिलों के प्रति अपने बचपन के शौक को एक अनूठे संग्रह में बदल दिया है। उनके पास 108 पुरानी ब्रिटिशकालीन मोटरसाइकिलों का शानदार कलेक्शन है। खास बात यह है कि इस संग्रह में तीन बाइक 24 कैरेट सोने से और एक मोटरसाइकिल 999 शुद्ध चांदी से तैयार करवाई गई है। रवि का यह अनोखा कलेक्शन न केवल उनकी पसंद को दर्शाता है, बल्कि विंटेज मोटरसाइकिलों के प्रति उनके जुनून की भी मिसाल है।
इस खास संग्रह को तैयार करने और वर्षों तक सहेजकर रखने में उनकी पत्नी रश्मि कंधार और तीनों बच्चों डॉ. श्वेतल कंधार, दिव्या और शिवांश का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा है। रवि कंधार को बचपन से ही मोटरसाइकिलों के प्रति खास लगाव रहा है। करीब 15 वर्ष की उम्र में उन्होंने पुरानी बाइक जुटाना शुरू कर दिया था। इसके बाद देश के अलग-अलग शहरों से ब्रिटिशकालीन मोटरसाइकिलें खरीदकर अपने संग्रह में शामिल करते गए। इनमें कई बाइक ऐसी थीं, जिनकी हालत बेहद खराब थी और कुछ तो कबाड़ जैसी हो चुकी थीं। लेकिन रवि ने उन्हें बेकार समझकर छोड़ने के बजाय दोबारा पुराने आकर्षक रूप में तैयार करवाने का निर्णय लिया। धीरे-धीरे उनका यह शौक 108 विंटेज मोटरसाइकिलों के विशाल संग्रह में बदल गया।
24 कैरेट सोने की तीन बाइक
24 Carat Gold Bike Udaipur : रवि कंधार के कलेक्शन की सबसे खास बात इसमें शामिल कीमती धातुओं से तैयार मोटरसाइकिलें हैं। उन्होंने तीन मोटरसाइकिलें 24 कैरेट सोने से और एक बाइक 999 शुद्ध चांदी से तैयार करवाई है। ये अनूठी मोटरसाइकिलें उनके संग्रह को खास पहचान देती हैं। सोने और चांदी से सजी इन बाइकों को देखने के लिए लोग भी खास दिलचस्पी दिखाते हैं।

108 बाइकों में हर मॉडल का रंग और डिजाइन अलग
Udaipur Vintage Bike Collector : रवि के संग्रह में शामिल सभी 108 मोटरसाइकिलों की अपनी अलग पहचान है। हर बाइक का रंग, डिजाइन और बनावट दूसरी मोटरसाइकिल से अलग है। इस कलेक्शन में द्वितीय विश्वयुद्ध के दौर के मॉडल भी शामिल हैं। इसके अलावा हेलिकॉप्टर के साथ इस्तेमाल की जाने वाली मोटरसाइकिल का भी उल्लेख किया गया है। रवि को केवल पुरानी बाइक जुटाने का ही नहीं, बल्कि उनके लिए खास नंबर हासिल करने का भी शौक है। इसी वजह से उन्होंने नीलामी के जरिए 555, 111, 777, 666 और 1009 जैसे आकर्षक नंबर भी हासिल किए हैं।
पुर्जे नहीं मिले तो दो साल तक करना पड़ा इंतजार
Ravi Kandhar Gold Bikes : पुरानी ब्रिटिशकालीन मोटरसाइकिलों को दोबारा शानदार स्थिति में लाना आसान काम नहीं था। कई बाइकों के मूल पुर्जे उपलब्ध नहीं थे। ऐसे में कुछ स्पेयर पार्ट्स इंग्लैंड से मंगवाने पड़े तो कुछ देश में ही विशेष रूप से तैयार करवाए गए। कई बार किसी एक पुर्जे को तैयार करवाने और दुरुस्त करने में दो साल तक का समय लग गया। मोटरसाइकिल के इंजन, पहिए, चेसिस, सीट और हैंडल सहित प्रत्येक हिस्से पर बारीकी से काम कराया गया, ताकि उनका पुराना स्वरूप और ऐतिहासिक पहचान बरकरार रखी जा सके।
परिवार के सहयोग से सहेज रहे हैं अनमोल विरासत
Royal Enfield Vintage Bike Collection : रवि कंधार का यह संग्रह केवल मोटरसाइकिलों का जमावड़ा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, लगन और जुनून का परिणाम है। बचपन में शुरू हुआ यह शौक आज 108 विंटेज बाइकों की अनूठी विरासत बन चुका है। इसमें परिवार का सहयोग भी अहम रहा है। तीन सोने की बाइक, एक चांदी की मोटरसाइकिल और खास नंबरों वाली विंटेज बाइकों के कारण रवि कंधार का यह कलेक्शन राजस्थान में अलग पहचान रखता है।



