
Gold price Hike : सोना और चांदी के दामों में मंगलवार को फिर तेज उछाल दर्ज किया गया। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1,283 बढ़कर ₹1.48 लाख के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले 3 अप्रैल को इसकी कीमत ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम थी।
वहीं, चांदी की कीमत में भी मजबूत तेजी देखने को मिली। एक किलो चांदी ₹3,215 महंगी होकर ₹2.31 लाख प्रति किलो तक पहुंच गई। इससे पहले शुक्रवार को इसका भाव ₹2.28 लाख प्रति किलो था। ऐसे में बाजार में एक बार फिर निवेशकों और खरीदारों की नजरें सोना-चांदी की चाल पर टिक गई हैं।
साल 2026 में अब तक सोना-चांदी कितना महंगा हुआ
Silver Price Hike : इस साल की शुरुआत से ही सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। हालांकि कुल मिलाकर दोनों धातुएं महंगी हुई हैं।
- 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत करीब ₹1.33 लाख थी, जो अब बढ़कर ₹1.48 लाख हो गई है।
- यानी साल 2026 में अब तक सोना ₹14,696 महंगा हो चुका है।
- इसी तरह चांदी 31 दिसंबर 2025 को ₹2.30 लाख प्रति किलो थी, जो अब ₹2.31 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई है।
- इस अवधि में चांदी ₹608 महंगी हुई है।
यह साफ संकेत है कि बाजार में कीमती धातुओं के दामों में अस्थिरता बनी हुई है, लेकिन दीर्घ अवधि में तेजी का रुझान अभी भी बना हुआ दिख रहा है।
ऑल टाइम हाई के बाद आई तेज गिरावट
IBJA Gold Silver Price : हालांकि मौजूदा तेजी के बावजूद यह भी याद रखना जरूरी है कि इस साल सोना और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड ऊंचाई भी छुई थी।
- 29 जनवरी को सोना ₹1.76 लाख के ऑल टाइम हाई तक पहुंच गया था।
- वहीं चांदी ने ₹3.86 लाख प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था।
लेकिन इसके बाद अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और भू-राजनीतिक तनावों का असर बाजार पर दिखा। 28 फरवरी के बाद, जब अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध जैसे हालात की खबरों ने वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया, तब सोना-चांदी में लगातार गिरावट देखने को मिली।
बताया जा रहा है कि बीते 38 दिनों में:
- सोना ₹11,206 तक कमजोर हुआ
- चांदी ₹35,672 तक टूट गई
यानी बाजार में उतार-चढ़ाव बेहद तेज है और निवेशकों को हर बदलाव पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।
अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग क्यों होते हैं?
अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि एक ही दिन अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग क्यों दिखाई देते हैं। इसके पीछे कई व्यावहारिक और कारोबारी कारण होते हैं।
1. ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी कॉस्ट
सोने को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने में परिवहन और सुरक्षा पर अतिरिक्त खर्च आता है। लंबी दूरी वाले शहरों में यही लागत बढ़कर कीमत को प्रभावित करती है।
2. खरीदारी की मात्रा और क्षेत्रीय मांग
देश के अलग-अलग हिस्सों में सोने की मांग अलग होती है। दक्षिण भारत जैसे क्षेत्रों में सोने की खपत काफी अधिक मानी जाती है। ऐसे में बड़ी मात्रा में खरीद के बावजूद स्थानीय बाजार की स्थिति कीमतों को अलग दिशा दे सकती है।
3. लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन की भूमिका
हर शहर या राज्य में स्थानीय ज्वेलर्स एसोसिएशन मांग और सप्लाई के हिसाब से रेट तय करने में भूमिका निभाते हैं। इस वजह से रिटेल कीमतों में अंतर दिखाई देता है।
4. पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य
ज्वेलर्स ने पहले किस रेट पर सोना खरीदा था, इसका असर भी बिक्री मूल्य पर पड़ता है। पुराने स्टॉक और नए खरीद रेट के आधार पर ग्राहक को अलग-अलग कीमतें देखने को मिल सकती हैं।

सरकार के फैसले का भी दिख रहा असर
सोना-चांदी और प्लैटिनम से बने गहनों के आयात को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब इन कीमती धातुओं से बनी ज्वेलरी को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया गया है।
अब विदेशी ज्वेलरी मंगाने के लिए लेनी होगी अनुमति
विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, अब सोने, चांदी और प्लैटिनम की ज्वेलरी विदेश से मंगाने के लिए विशेष लाइसेंस या सरकारी अनुमति लेनी होगी। सरकार का कहना है कि यह कदम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है। माना जा रहा है कि इस निर्णय का सीधा असर बाजार की सप्लाई पर पड़ सकता है, और यही वजह है कि कीमतों में तेजी का माहौल भी बन रहा है।
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का जरूर रखें ध्यान
सोना खरीदना सिर्फ निवेश नहीं, भरोसे का भी मामला होता है। ऐसे में ग्राहकों को कुछ जरूरी सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए।
1. हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना खरीदें
सोना खरीदते समय यह जरूर देखें कि उस पर ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हो। हॉलमार्क सोने की शुद्धता की गारंटी देता है। यह अल्फान्यूमेरिक कोड के रूप में होता है, जैसे- AZ4524। इससे पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।
2. खरीदने से पहले रेट क्रॉस-चेक करें
सोने की कीमत खरीदारी के दिन अलग-अलग कैरेट के हिसाब से बदलती रहती है। इसलिए 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के भाव अलग-अलग स्रोतों से जरूर जांच लें। IBJA जैसी विश्वसनीय संस्थाओं की वेबसाइट से रेट मिलान करना बेहतर माना जाता है।
असली चांदी की पहचान कैसे करें?
चांदी खरीदते समय भी सावधानी बेहद जरूरी है। नकली और असली चांदी में फर्क जानने के लिए कुछ आसान घरेलू तरीके अपनाए जा सकते हैं।
1. मैग्नेट टेस्ट
असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती। यदि चांदी चुंबक की ओर आकर्षित हो रही है, तो उसमें मिलावट हो सकती है।
2. आइस टेस्ट
सिल्वर की थर्मल कंडक्टिविटी काफी तेज होती है। असली चांदी पर बर्फ रखने से वह जल्दी पिघलती है।
3. स्मेल टेस्ट
शुद्ध चांदी में आमतौर पर कोई गंध नहीं होती। अगर धातु से कॉपर जैसी गंध आ रही है, तो उसमें दूसरी धातु की मिलावट हो सकती है।
4. क्लॉथ टेस्ट
चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ने पर यदि काला निशान छोड़ती है, तो यह उसके असली होने का संकेत माना जाता है।
बाजार में सतर्कता जरूरी
सोना-चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव यह बता रहा है कि निवेशकों और खरीदारों को अब पहले से अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। एक तरफ साल की शुरुआत से कीमतों में कुल बढ़त दिखाई दे रही है, तो दूसरी ओर बीच-बीच में रिकॉर्ड गिरावट भी देखने को मिली है। ऐसे में जो लोग निवेश या खरीदारी की योजना बना रहे हैं, उन्हें भाव, शुद्धता, हॉलमार्क और बाजार की चाल—सभी पहलुओं पर ध्यान देना चाहिए।
संक्षेप में बड़ी बातें
- 24 कैरेट सोना ₹1,283 बढ़कर ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा
- चांदी ₹3,215 महंगी होकर ₹2.31 लाख प्रति किलो हुई
- साल 2026 में अब तक सोना ₹14,696 और चांदी ₹608 महंगी
- 29 जनवरी को सोना ₹1.76 लाख और चांदी ₹3.86 लाख के ऑल टाइम हाई पर पहुंची थी
- सरकार ने विदेशी ज्वेलरी आयात को ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया
- सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क और सही रेट की जांच जरूरी



