
Gold price today : इस हफ़्ते घरेलू सर्राफा बाज़ार में सोने-चांदी के दामों ने निवेशकों को चौंकाया है। तेज़ी के लंबे दौर के बाद दोनों कीमती धातुओं में भारी बिकवाली देखी गई, जिससे कीमतें नीचे खिसक गईं। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी आधिकारिक रेट के अनुसार, पिछले शनिवार 15 नवंबर को 24 कैरेट सोना 1,24,794 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था, जो आज 22 नवंबर को घटकर 1,23,146 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। यानी महज़ सात दिनों में सोने की कीमत में 1,648 रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई है। चांदी की स्थिति तो और भी ज़्यादा कमज़ोर रही। एक हफ़्ते पहले यानी 15 नवंबर को चांदी 1,59,367 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर थी, जो आज घटकर 1,51,129 रुपये प्रति किलो पर पहुँच गई है। इस तरह चांदी में ज़बरदस्त 8,238 रुपये की गिरावट देखने को मिली है। यह गिरावट सोने के मुकाबले कहीं ज़्यादा तीव्र रही है। गौरतलब है कि अभी कुछ ही हफ़्ते पहले सोना और चांदी ने अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर (ऑल-टाइम हाई) छुए थे। 17 अक्टूबर 2025 को सोना 1,30,874 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुँच गया था, जबकि 14 अक्टूबर को चांदी ने 1,78,100 रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। उस ऊँचाई के बाद अब दोनों धातुओं में मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के दबाव में भारी सुधार देखा जा रहा है।
IBJA रेट्स का महत्व
Silver Price Today : IBJA द्वारा जारी ये रेट्स शुद्ध 24 कैरेट सोने-चांदी के होते हैं, जिनमें 3% GST, मेकिंग चार्ज, ज्वैलर्स का मार्जिन या टीसीएस शामिल नहीं होता। इसलिए स्थानीय बाज़ारों में आपको इनसे 4,000 से 8,000 रुपये तक ज़्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। लेकिन ये रेट्स बहुत महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि:
- RBI इनकी औसत के आधार पर Sovereign Gold Bond का इश्यू प्राइस तय करता है।
- कई बड़े बैंक गोल्ड लोन की वैल्यूएशन के लिए इन्हीं रेट्स को आधार मानते हैं।
- बड़े निवेशक और ट्रेडर्स भी इन्हें बेंचमार्क की तरह इस्तेमाल करते हैं।
साल 2025 में अब तक का शानदार प्रदर्शन
Sone ka Bhav : गिरावट के बावजूद साल 2025 सोने-चांदी के लिए शानदार रहा है। 31 दिसंबर 2024 को 24 कैरेट सोना 76,162 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो अब 1,23,146 रुपये पर पहुँच चुका है। यानी पूरे साल में सोने ने 46,984 रुपये की ज़ोरदार छलाँग लगाई है। चांदी का प्रदर्शन इससे भी ज़्यादा प्रभावशाली रहा है। साल की शुरुआत में चांदी 86,017 रुपये प्रति किलो थी, जो अब 1,51,129 रुपये पर पहुँच गई है – यानी 65,112 रुपये की भारी बढ़ोतरी। यह लगभग 75% का रिटर्न है, जो किसी भी दूसरी एसेट क्लास को पीछे छोड़ देता है।
आगे क्या? उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है
ज्वेलरी और कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने-चांदी के भावों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मज़बूती, फेड रिज़र्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव की वजह से कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
हालांकि भारत में शादी-ब्याह का पीक सीजन शुरू हो चुका है। नवंबर से फरवरी तक लाखों शादियाँ होती हैं, जिससे ज्वेलरी की डिमांड अचानक बढ़ जाती है। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि इसी डिमांड की वजह से सोना जल्द ही फिर 1.25 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार जा सकता है। चांदी भी 1.55-1.60 लाख के दायरे में वापस लौट सकती है।

खरीदारों के लिए सलाह – सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें
अगर आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं तो सावधानी बहुत ज़रूरी है। बाज़ार में नकली और कम कैरेट का सोना बेचने के कई मामले सामने आते रहते हैं। इसलिए हमेशा निम्न बातों का ध्यान रखें:
- सिर्फ़ BIS हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें।
- हॉलमार्क में 6 अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड (जैसे AZ4524) ज़रूर चेक करें।
- हॉलमार्क में शुद्धता (916 for 22K, 999 for 24K), ज्वेलर का लोगो और साल भी लिखा होता है।
- विश्वसनीय और पुराने ज्वेलर्स से ही खरीदारी करें।
सोना न सिर्फ़ शादी-ब्याह का हिस्सा है, बल्कि महंगाई और अनिश्चितता के दौर में सबसे सुरक्षित निवेश भी माना जाता है। इस हफ़्ते की गिरावट को खरीदारी का अच्छा मौका मानकर कई निवेशक फिर से लिवाली कर रहे हैं।
