
Gold Price Today : भारतीय बाजार में कीमती धातुओं ने एक बार फिर निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। 4 जून 2025 को चांदी ने नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए ऑल-टाइम हाई स्तर छू लिया। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 1 किलो चांदी की कीमत में ₹540 की उछाल दर्ज की गई, जिसके बाद यह ₹1,01,000 प्रति किलो पर पहुंच गई। दूसरी ओर, सोने की कीमतों में भी मामूली वृद्धि देखी गई, जिसमें 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव ₹121 बढ़कर ₹96,988 हो गया। यह तेजी वैश्विक और घरेलू बाजारों में बढ़ती मांग और भू-राजनीतिक तनावों (Geopolitical Tensions) का परिणाम है। इस लेख में हम चांदी और सोने की कीमतों में इस उछाल के कारणों, प्रमुख शहरों में उनके भाव, और भविष्य की संभावनाओं का विस्तृत विश्लेषण करेंगे।
चांदी का ऐतिहासिक उछाल
Chandi ka Bhav : चांदी ने 4 जून 2025 को अपनी अब तक की सबसे ऊंची कीमत दर्ज की। IBJA के आंकड़ों के अनुसार, 1 किलो चांदी का भाव ₹1,00,460 से बढ़कर ₹1,01,000 प्रति किलो हो गया। इससे पहले, चांदी ने 28 मार्च 2025 को ₹1,00,934 का उच्चतम स्तर छुआ था। इस नई ऊंचाई ने निवेशकों और ज्वेलरी उद्योग से जुड़े लोगों में उत्साह पैदा किया है। चांदी की यह तेजी न केवल निवेशकों के लिए आकर्षक है, बल्कि औद्योगिक मांग (Industrial Demand) में वृद्धि के कारण भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि चांदी का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर ऊर्जा, और चिकित्सा उपकरणों में बड़े पैमाने पर होता है।
सोने में मामूली तेजी
Sone ka Bhav : सोने की कीमतों में भी 4 जून 2025 को वृद्धि देखी गई। IBJA के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव ₹121 बढ़कर ₹96,988 प्रति 10 ग्राम हो गया। इससे पहले यह ₹96,867 पर था। हालांकि, सोने का यह स्तर अभी भी 21 अप्रैल 2025 के ऑल-टाइम हाई ₹99,100 से थोड़ा नीचे है। सोने की कीमतों में यह स्थिर वृद्धि निवेशकों के लिए सुरक्षित निवेश (Safe-Haven Investment) के रूप में इसकी लोकप्रियता को दर्शाती है। वैश्विक अनिश्चितताओं और मुद्रास्फीति (Inflation) के दबाव के बीच सोना निवेशकों का पसंदीदा विकल्प बना हुआ है।
2025 में अब तक की वृद्धि
2025 की शुरुआत से अब तक सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है:
- सोना: 1 जनवरी 2025 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹76,162 थी, जो अब ₹96,988 हो गई है। यानी, इस साल अब तक ₹20,826 प्रति 10 ग्राम की वृद्धि हुई है। यह 27% से अधिक की वृद्धि दर्शाता है।
- चांदी: 1 जनवरी 2025 को 1 किलो चांदी का भाव ₹86,017 था, जो अब ₹1,01,000 हो गया है। यह ₹14,983 की वृद्धि है, जो लगभग 17.4% की बढ़ोतरी को दर्शाता है।
पिछले साल (2024) की तुलना करें तो सोने में ₹12,810 प्रति 10 ग्राम की वृद्धि हुई थी, जो 2025 की तुलना में कम थी। यह दर्शाता है कि 2025 में कीमती धातुओं की मांग और कीमतों में तेजी अधिक रही है।
कीमतों में उछाल के कारण
चांदी और सोने की कीमतों में इस तेजी के कई कारण हैं:
- भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions): वैश्विक स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक तनाव, जैसे मध्य पूर्व और यूक्रेन-रूस के बीच संघर्ष, निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित कर रहे हैं। सोना और चांदी ऐसे समय में निवेशकों की पहली पसंद बनते हैं।
- औद्योगिक मांग: चांदी की औद्योगिक मांग में वृद्धि, विशेष रूप से सौर ऊर्जा (Solar Energy), इलेक्ट्रॉनिक्स, और बैटरी निर्माण में इसके उपयोग के कारण, इसकी कीमतों को बढ़ा रही है।
- मुद्रास्फीति और आर्थिक अनिश्चितता: वैश्विक और भारतीय अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति का दबाव और ब्याज दरों (Interest Rates) में उतार-चढ़ाव ने सोने और चांदी को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाया है।
- त्योहारी मांग: भारत में त्योहारी सीजन (जैसे दीपावली और अक्षय तृतीया) के दौरान सोने और चांदी की मांग में वृद्धि होती है, जो कीमतों को और ऊपर ले जाती है।
भविष्य की संभावनाएं
केडिया एडवाइजरी के निदेशक अजय केडिया के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में अभी और वृद्धि की संभावना है। उनके विश्लेषण के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
- सोना: यदि भू-राजनीतिक तनाव बने रहते हैं, तो 2025 के अंत तक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,03,000 तक पहुंच सकती है। यह निवेशकों के लिए एक आकर्षक अवसर होगा।
- चांदी: चांदी की औद्योगिक मांग में वृद्धि और भू-राजनीतिक तनाव में कमी की संभावना के कारण, 2025 के अंत तक 1 किलो चांदी की कीमत ₹1,30,000 तक जा सकती है। सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में चांदी की मांग इस वृद्धि का प्रमुख कारण होगी।
- बाजार की स्थिरता: यदि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होते हैं, तो चांदी की औद्योगिक मांग और बढ़ सकती है, जबकि सोने की कीमतें स्थिर रह सकती हैं।
निवेशकों के लिए सलाह
चांदी और सोने की कीमतों में इस तेजी ने निवेशकों के लिए कई अवसर खोले हैं। कुछ महत्वपूर्ण सुझाव इस प्रकार हैं:
- लंबी अवधि का निवेश: सोना और चांदी लंबी अवधि के लिए सुरक्षित निवेश माने जाते हैं। विशेष रूप से चांदी में निवेश औद्योगिक मांग के कारण लाभकारी हो सकता है।
- विविधता: अपने निवेश पोर्टफोलियो में सोने और चांदी को शामिल करने से जोखिम कम होता है, खासकर आर्थिक अनिश्चितता के समय।
- बाजार की निगरानी: कीमतों में उतार-चढ़ाव पर नजर रखें और विशेषज्ञों की सलाह लें। त्योहारी सीजन से पहले खरीदारी करना फायदेमंद हो सकता है।
- गुणवत्ता की जांच: सोना और चांदी खरीदते समय हॉलमार्क और शुद्धता (Purity) की जांच अवश्य करें।
4 जून 2025 को चांदी ने ₹1,01,000 प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर छूकर निवेशकों और उद्योग जगत का ध्यान आकर्षित किया है। सोने की कीमतें भी ₹96,988 प्रति 10 ग्राम पर पहुंचकर स्थिर वृद्धि दर्शा रही हैं। भू-राजनीतिक तनाव, औद्योगिक मांग, और त्योहारी सीजन जैसे कारकों ने इन कीमती धातुओं की कीमतों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 में चांदी ₹1,30,000 और सोना ₹1,03,000 तक पहुंच सकता है। यह समय निवेशकों के लिए सोने और चांदी में निवेश पर विचार करने का उचित अवसर है।
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार के रुझानों पर नजर रखें और विशेषज्ञों की सलाह के साथ सूझबूझ से निवेश करें। यह तेजी न केवल निवेशकों के लिए, बल्कि ज्वेलरी और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी नए अवसर लेकर आई है।
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Silver Price Today : प्रमुख शहरों में चांदी के दाम
22 Carret and 24 Carret Gold Different : 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने में क्या अंतर है?
22 Carret and 24 Carret Gold Different : सोना खरीदते समय, हम अक्सर 22 कैरेट और 24 कैरेट जैसे शब्द सुनते हैं। ये शब्द सोने की शुद्धता को दर्शाते हैं।
- 24 कैरेट सोना: 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध सोना होता है, जिसमें लगभग 99.9% शुद्ध सोना होता है। यह सोना बेहद नरम होता है और इसे आसानी से ख़रोच या मोड़ा जा सकता है। यही कारण है कि 24 कैरेट सोने का उपयोग आमतौर पर सिक्कों या सोने की छड़ों को बनाने में किया जाता है, न कि आभूषणों को बनाने में।
- 22 कैरेट सोना: 22 कैरेट सोने में 91.67% शुद्ध सोना होता है। बाकी 8.33% हिस्सा अन्य धातुओं जैसे तांबा, चांदी या जिंक का होता है। इन धातुओं को सोने में मिलाने से सोना मजबूत और टिकाऊ बन जाता है, जिससे इसे आभूषण बनाने के लिए उपयुक्त बनाया जा सकता है। अधिकांश भारतीय आभूषण 22 कैरेट सोने के बने होते हैं क्योंकि यह एक अच्छा संतुलन प्रदान करता है – यह काफी शुद्ध है और साथ ही टिकाऊ भी है।

Aaj Sone ka Bhav Kya hai : सोना खरीदते समय ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें
Aaj Sone ka Bhav Kya hai : सोना एक महंगा और बहुमूल्य निवेश है। इसलिए, सोना खरीदते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है ताकि आप ठगी का शिकार न बनें और आपको सही कीमत पर शुद्ध सोना मिल सके।
1. बीआईएस हॉलमार्क अनिवार्य: भारत सरकार ने सोने की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए हॉलमार्किंग को अनिवार्य बनाया है। अब, किसी भी ज्वैलरी शॉप पर 6 डिजिट वाले अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्क के बिना सोना नहीं बेचा जा सकता। यह हॉलमार्क कोड सोने की शुद्धता और निर्माता की पहचान को दर्शाता है।
2. सोने की कीमत की जांच: सोने की कीमतें लगातार बदलती रहती हैं। इसलिए, सोना खरीदने से पहले विभिन्न स्रोतों से सोने की कीमत की जांच कर लें। आप इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट पर जाकर ताजा भाव देख सकते हैं।
3. कैरेट और शुद्धता: सोने की शुद्धता कैरेट में मापी जाती है। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध होता है, लेकिन यह बहुत नरम होता है और आमतौर पर आभूषण बनाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता। आभूषण बनाने के लिए 22 कैरेट सोना सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है। आप कैरेट के आधार पर सोने की कीमत की गणना कर सकते हैं। आज क्या है सोने -चांदी का भाव
- उदाहरण : यदि 24 कैरेट सोने की कीमत 60,000 रुपये प्रति 10 ग्राम है, तो 1 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 6,000 रुपये होगी। इसी तरह, 18 कैरेट सोने की कीमत 1 ग्राम के लिए (18/24) x 6,000 = 4,500 रुपये होगी।
4. वजन की जांच: सुनिश्चित करें कि ज्वैलर आपको सोने का सही वजन बता रहा है। आप किसी अन्य ज्वैलर के पास जाकर सोने का वजन दोबारा जांच सकते हैं।
5. बिल: सोने की खरीदारी का बिल जरूर लें।
