
Gold silver price today : 10 दिसंबर 2025 को भारतीय बुलियन मार्केट में हलचल मच गई। चांदी ने एक दिन में जबरदस्त उछाल दिखाते हुए ₹7,457 की बढ़त दर्ज की और ₹1,86,350 प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आधिकारिक रेट के अनुसार, यह चांदी का अब तक का सबसे ऊंचा भाव है। एक दिन पहले यानी 9 दिसंबर को चांदी का भाव ₹1,78,893 प्रति किलो था। सिर्फ एक कारोबारी दिन में 4.17% की तेजी ने निवेशकों को हैरान कर दिया।
वहीं सोने ने भी मजबूत रुझान दिखाया। 24 कैरेट शुद्ध सोना ₹116 बढ़कर ₹1,28,090 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। हालांकि सोना अभी भी अपने ऑल-टाइम हाई (17 अक्टूबर को बनाया गया ₹1,30,874) से थोड़ा नीचे है, लेकिन तेजी का ट्रेंड साफ नजर आ रहा है।
साल 2025 में चांदी-सोने का दमदार प्रदर्शन
Best time to buy gold silver India December 2025 : इस कैलेंडर ईयर में दोनों कीमती धातुओं ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है।
- 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹76,162 था, जो आज ₹1,28,090 हो चुका है। यानी पूरे साल में ₹51,928 की बढ़ोतरी (लगभग 68% का रिटर्न)।
- चांदी का प्रदर्शन और भी शानदार रहा। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी ₹86,017 थी, जो अब ₹1,86,350 पर पहुंच गई है। मतलब पूरे साल में ₹1,00,333 की बढ़त – यानी 116.6% से ज्यादा का रिटर्न!

अलग-अलग शहरों में अलग रेट क्यों?
Gold silver price today IBJA rate : IBJA जो रेट जारी करता है, वह बेस प्राइस होता है। इसमें 3% GST, ज्वेलरी मेकिंग चार्ज (आमतौर पर 8-15%), टीसीएस और ज्वेलर का मार्जिन शामिल नहीं होता। इसलिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ या जयपुर – हर शहर में अंतिम कीमत अलग दिखती है। कई बैंक जैसे पंजाब नेशनल बैंक, एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा आदि गोल्ड लोन की वैल्यूएशन के लिए इन्हीं IBJA रेट्स को आधार बनाते हैं।
सोना-चांदी में तेजी के तीन बड़े कारण
- केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी दुनिया भर के सेंट्रल बैंक (चीन, तुर्की, पोलैंड, भारत सहित) डॉलर पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए लगातार सोना खरीद रहे हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक 2025 में अब तक केंद्रीय बैंकों ने 800 टन से ज्यादा सोना खरीदा है। जब इतनी बड़ी मात्रा में खरीदारी होती है तो कीमत पर सीधा पॉजिटिव असर पड़ता है।
- क्रिप्टो से शिफ्ट और घरेलू डिमांड में उछाल क्रिप्टोकरेंसी में भारी उतार-चढ़ाव और आने वाले सख्त नियमों के डर से कई निवेशक सुरक्षित ठिकाने की तलाश में सोने की ओर मुड़े हैं। भारत में शेयर बाजार ने 2025 में अभी तक सिर्फ 8-10% रिटर्न दिया है, जबकि गोल्ड और सिल्वर ने 60-100% से ज्यादा का रिटर्न दे दिया। ऊपर से शादी-ब्याह का पीक सीजन शुरू हो चुका है, जिससे ज्वेलरी की डिमांड आसमान छू रही है। गोल्ड ETF में भी लगातार पैसा आ रहा है।
- लॉन्ग-टर्म सेफ हेवन एसेट सोना और चांदी कभी बेकार नहीं होते। ये नष्ट नहीं होते, इनकी सप्लाई सीमित है और महंगाई के दौर में ये अपनी क्रय शक्ति बरकरार रखते हैं। भू-राजनीतिक तनाव (रूस-यूक्रेन, मिडिल ईस्ट टेंशन), अमेरिकी फेड की ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता – ये सब मिलकर सोने को मजबूती दे रहे हैं। Gold ETF vs physical gold India
आगे क्या? एक्सपर्ट की भविष्यवाणी
Central banks buying gold 2025 impact : केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर श्री अजय केडिया का कहना है – “जियो-पॉलिटिकल टेंशन अभी लंबे समय तक बने रहने वाले हैं। अमेरिका में नई सरकार के आने से भी अनिश्चितता बढ़ सकती है। ऐसे माहौल में गोल्ड और सिल्वर को लगातार सपोर्ट मिलेगा। 2025 के अंत तक 24 कैरेट सोना ₹1,35,000 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,00,000 प्रति किलो तक जा सकती है।”
सोना खरीदते वक्त रखें इन दो बातों का खास ध्यान
- केवल BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें हॉलमार्क में 6 अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड (जैसे AZ4524) और BIS का त्रिकोण चिह्न जरूर देखें। इससे आपको शुद्धता की गारंटी मिलती है।
- कीमत और वजन का क्रॉस चेक जरूर करें खरीदने से पहले IBJA की वेबसाइट, बैंक की वेबसाइट या भरोसेमंद ऐप से उसी दिन का रेट चेक कर लें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के भाव अलग-अलग होते हैं। बिल में सारी डिटेल (वजन, शुद्धता, मेकिंग चार्ज, GST) स्पष्ट लिखी होनी चाहिए।
कीमती धातुओं का यह शानदार सफर जारी है। अगर आप भी अपने पोर्टफोलियो में सुरक्षित निवेश चाहते हैं, तो सोना-चांदी अभी भी सबसे भरोसेमंद विकल्प नजर आ रहे हैं।
