
Good Samaritan Rah-Veer scheme India 2025 : वर्तमान में देश में बढ़ रही सड़क दुर्घटनाएं अत्यंत चिंता का विषय है। आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं के कारण अनेक घरों के चिराग बुझ रहें हैं, बावजूद हम इसके प्रति गंभीर नहीं है। सरकारी स्तर पर कई उपाय किए जा रहे हैं, लेकिन जब तक पैदल चलने वाले व्यक्ति से लगाकर वाहन चालक तक हर व्यक्ति जब तक स्व अनुशासित नहीं होगा, तब तक सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं इसमें होने वाले घायलों के बचाव के लिए किए जा रहे उपाय भी प्रभावी नहीं होंगे। आज का युवा जोश तो रखता है, लेकिन होश नहीं रख पा रहा है एवं यही कारण है कि प्रतिदिन दुर्घटनाओं में अनेक युवा मृत्यु को प्राप्त हो रहे हैं, तो कई युवा के द्वारा यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए कई लोगों को चोटिल करने की घटनाएं सामने आ रही है। हमारा दायित्व बनता है कि हम सड़क सुरक्षा बनाए रखने के लिए यातायात नियमों का पालन करें एवं वाहनो को नियंत्रित गति से चलाए। वाहन चलाते समय सतर्क एवं सजग रहें।
India fatal road accidents help victims cash reward : किसी ने ठीक ही कहा है कि जब आप वाहन चलाते हैं, तब यह मानकर चले कि सामने वाला व्यक्ति दृष्टि बाधित, श्रवण बाधित एवं मानसिक रूप से कमजोर है और जो कुछ भी ध्यान रखना है, वह मुझे ही रखना है, तो संभवतः आपसे कोई दुर्घटना नहीं होगी एवं न ही आप दुर्घटनाग्रस्त होंगे। सड़क दुर्घटना में घायलों के बचाव के लिए आम नागरिक का सहयोग महत्वपूर्ण हो सकता है। कहीं यदि कोई दुर्घटना हो जाए तो आम नागरिक सेवा भावना रखें, तो अनेक लोगों की जान बचाई जा सकती है। मेरे जीवन में ऐसे अनेक प्रसंग आए, जब कहीं भी दुर्घटना देखी, वहां छोटा सा सहयोग किया तो कई जीवन बच गए। 25 वर्षों तक भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी के मानद सचिव एवं संयुक्त मानद सचिव का पद दायित्व संभालने के दौरान एंबुलेंस सेवा का जिस तत्परता से संचालन करवाया, वह सर्वविदित है। यह सेवा कार्य मुझे जीवन पर्यंत सुखानुभूति करवाता रहेगा।

दुर्घटना देखकर भागते हो? गोल्डन आवर में मदद करो, लाखों कमाओ-रहवीर बन जाओ!
Rahaveer Good Samaritan scheme India road accident reward : इस दौरान मैंने पाया कि जहां कहीं भी दुर्घटना होती है, तो लोग तमासबिन बनकर रह जाते हैं। कोई वीडियो बनाता है, तो कोई भीड़ का हिस्सा बनकर बचाव कार्य एवं यातायात को बाधित करते हैं। कई बार तो लोग इस तरह इकट्ठे हो जाते हैं कि दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की सार संभाल भी ढंग से नहीं हो पाती है। कई बार घायल को जो सहायता हम दे सकते है, वह तो देते नहीं और सारा दोष पुलिस एवं प्रशासन के माथे मढ़ दिया जाता है, जबकि बचाव, दुर्घटना को प्रथम देखने वाले व्यक्ति के हाथ में सर्वाधिक होता है। दुर्घटना होने पर तुरंत पुलिस को पुलिस कंट्रोल रूम पर 100 नंबर पर सूचना दें, एंबुलेंस के लिए 108 नंबर का उपयोग करें, लेकिन एंबुलेंस का अत्यधिक इंतजार नहीं करें। जो भी साधन उपलब्ध हो अथवा स्वयं का वाहन हो, तो उसमें मरीज को लेकर सीधे चिकित्सालय पहुंचे। यदि आपके पास चिकित्सालय के फोन नंबर हो तो उस नंबर पर फोन पर सूचना दे देवे, ताकि घायल को तुरंत उपचार मिल सके। आप कभी यह नहीं सोचें कि पुलिस कार्रवाई में आपको कोई भी परेशानी होगी। वर्तमान नियमों में पुलिस कार्रवाई से पूर्व रोगी का उपचार एवं बचाव प्रमुखता रखता है।
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Mukhyamantri Ayushman Jeevan Rakshak Yojana Rajasthan Good Samaritan : जब कहीं भी दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को राहत पहुंचाने का कार्य पड़े, तो ध्यान रखें कि ीड़ित व्यक्ति को बलपूर्वक नहीं खींचे एवं उठाते वक्त सावधानी रखें। उसके पांव एवं कंधों पर सहारा देकर उठाएं, कमर में भी हाथ रखें। घायल व्यक्ति के फ्रैक्चर हो तो लकड़ी की स्केलनुमा पट्टी अथवा अखबार को लंबा मोड़कर पट्टी की तरह सीधा बांधकर घायल व्यक्ति को स्थिर करें। गंभीर रक्त स्राव है तो घाव पर कपड़े की पट्टी बांधे। यदि पीड़ित सांस नहीं ले पा रहा है हो तो सीपीआर देनी चाहिए, लेकिन यह तभी देनी चाहिए, जब आप इसके जानकार हो एवं प्रशिक्षित हो। आजकल कई संस्थाओं द्वारा सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, लेकिन पूर्ण कुशलता प्राप्त करने में समय लगता है। अतः इस बात का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए कि आप यह करने हेतु पूर्ण रूप से प्रशिक्षित है एवं सक्षम है। मरीज को सदमे में न जाने दें। उसे आश्वस्त करें कि सब कुछ कुशल हो जाएगा। किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाए तो उसकी जानकारी घायल व्यक्ति को नहीं दे। चिकित्सक की अनुमति के बिना भोजन अथवा पानी नहीं देवें। आमजन को चाहिए कि सड़क दुर्घटनाओं के समय घायल व्यक्तियों की मदद करने से हिचकिचाएं नहीं। आपका यह छोटा सा प्रयास किसी की जान बचा सकता है और सरकार की ओर से सम्मान एवं पुरस्कार भी दिला सकता है।

सड़क हादसे में घायल को बचाओ, पाओ 25 हजार कैश
Help road accident victims get 25000 cash award India : सड़क दुर्घटना में गंभीर घायलों की मदद के लिए भारत सरकार ने राहवीर (गुड सेमेरिटन) योजना जारी की है, जिसके तहत मदद करने वाले को 25000 का केश अवार्ड एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार के सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ ने 21 अप्रैल 2025 को घातक सड़क दुर्घटनाओं में गोल्डन आॅवर (दुर्घटना के बाद 1 घंटे की अवधि) अवधि में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल ऐसे व्यक्ति जिन्हें मेजर सर्जरी, तीन दिवस तक भर्ती रहने वाले ब्रेन इंजरी, स्पाइनल कॉर्ड इंजरी एवं इलाज के दौरान मृत्यु हो जाने वाले घायलों को ले जाने वाले भले व्यक्ति, जिन्हें इस योजना के तहत राहवीर (गुड सेमेरिटन) नाम दिया गया है, को मोटर वाहन अधिनियम 1981 की धारा 134 ए एवं भारत सरकार की गुड सेमेरिटन हेतु जारी अधिसूचना 29 सितंबर 2020 के तहत संरक्षण प्रदान करते हुए ऐसे व्यक्तियों को 25000 की नगद राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रत्येक घातक सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वाले को 7 दिन के अंदर-अंदर दी जाएगी। एक से अधिक व्यक्तियों द्वारा घायलों की मदद करने पर यह राशि समान रूप से वितरित की जाएगी। प्रशस्ति पत्र सभी को दिए जाएंगे। एक व्यक्ति वर्ष में अधिकतम पांच बार यह केश अवार्ड प्राप्त कर सकेगा। राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी, जिसके अध्यक्ष प्रमुख शासन सचिव गृह तथा सदस्य सचिव परिवहन आयुक्त होते हैं।
राजस्थान: एंबुलेंस का इंतजार मत करो, घायल को अस्पताल ले जाओ-10 हजार इनाम
Road safety first aid tips and rewards for saving lives India : इस कमेटी में आयुक्त चिकित्सा विभाग एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यातायात सदस्य होते हैं। जिला स्तर पर गठित कमेटी में जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा आरटीओ सदस्य होते हैं। राह -वीर को अस्पताल में अपना नाम, मोबाइल नंबर, घटनास्थल का विवरण, बैंक खाता डिटेल देनी होगी। जिस पुलिस थाना क्षेत्र में दुर्घटना हुई उनका प्रमाण पत्र तथा जिस अस्पताल में भर्ती करवाया गया, उस अस्पताल का प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा। राज्य स्तरीय कमेटी प्रतिवर्ष तीन व्यक्तियों के नाम भारत सरकार को राष्ट्रीय गुड सेमेरिटन अवार्ड के लिए भेजेगा। भारत सरकार राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान ₹1,00,000 की राशि, प्रशस्ति पत्र से राष्ट्रीय गुड सेमेरिटन अवार्ड दिया जाएगा।
राजस्थान सरकार द्वारा मुख्यमंत्री आयुष्मान जीवन रक्षक योजना के तहत ₹10,000 की राशि व प्रशस्ति पत्र गुड सेमेरिटन व्यक्ति को दे रहे है। आमजन से अपेक्षा है कि सड़क दुर्घटना पर कितना भी आवश्यक कार्य हो रुककर घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में लेकर राह वीर बने और सरकार की योजना के तहत कैश अवार्ड एवं प्रशस्ति पत्र प्राप्त करें तथा पीड़ित परिवारों की दुआ प्राप्त करें।

राजकुमार दक
पूर्व मानद सचिव
भारतीय रेडक्राॅस सोसाइटी एवं
समन्वयक प्रबुद्व नागरिक विचार मंच



