
Government scheme for girl child : घर में नन्हीं परी का आगमन सिर्फ खुशियां ही नहीं लाता, बल्कि उसे ‘घर की लक्ष्मी’ कहकर पूजा जाता है। लेकिन आज के महंगाई भरे दौर में बेटी की परवरिश, पढ़ाई-लिखाई और शादी-ब्याह का खर्च माता-पिता के लिए भारी बोझ बन जाता है। इसे समझते हुए केंद्र और राज्य सरकारें एक से बढ़कर एक योजनाएं चला रही हैं, जिनमें बेटी के जन्म के साथ ही हजारों रुपए की आर्थिक मदद सीधे बैंक खाते में जमा हो जाती है। ये स्कीम्स न सिर्फ फाइनेंशियल दबाव कम करती हैं, बल्कि बेटियों को सशक्त बनाकर समाज में लैंगिक समानता की मजबूत नींव रखती हैं। आइए, विस्तार से जानते हैं कि आपके राज्य में कितना फायदा मिल रहा है और अप्लाई करने की प्रक्रिया क्या है।
केंद्र सरकार की दो दमदार योजनाएं
1. बालिका समृद्धि योजना – गरीबी की दीवार तोड़ने वाली स्कीम
Beti ke liye government yojana : केंद्र सरकार की यह योजना खासतौर पर बीपीएल (BPL) परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। बेटी के जन्म के फौरन बाद ₹500 की तुरंत सहायता दी जाती है, जो मां-बच्ची के शुरुआती खर्चों में काम आती है। लेकिन असली फायदा तो आगे है – बच्ची के स्कूल जाने पर किताबें, यूनिफॉर्म और पढ़ाई के लिए हर साल अतिरिक्त राशि जमा होती है। जब बेटी 18 साल की होती है, तो पूरी रकम उसके नाम पर मैच्योर होकर निकाली जा सकती है। अप्लाई करने के लिए आंगनवाड़ी केंद्र या जिला बाल विकास विभाग में जाकर फॉर्म भरें। जरूरी दस्तावेज: जन्म प्रमाण पत्र, बीपीएल कार्ड और आधार।
2. प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) – मां और बच्ची दोनों का पोषण गारंटी
गर्भावस्था के दौरान पोषण और स्वास्थ्य पर फोकस करने वाली यह स्कीम हर गर्भवती महिला को ₹5,000 की एकमुश्त मदद देती है। पहली किस्त गर्भ के रजिस्ट्रेशन पर, दूसरी टीकाकरण के बाद और तीसरी डिलीवरी के बाद मिलती है। यह राशि सीधे बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए आती है। अप्लाई करने के लिए नजदीकी आंगनवाड़ी या स्वास्थ्य केंद्र में फॉर्म जमा करें।
राज्य सरकारों की शानदार पहलें
मध्य प्रदेश: लाडली लक्ष्मी योजना – ₹1.43 लाख तक का सुनहरा तोहफा
Beti Bachao Beti Padhao benefits : मध्य प्रदेश की यह फ्लैगशिप स्कीम बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए डिजाइन की गई है। जन्म के बाद रजिस्ट्रेशन कराने पर सरकार अलग-अलग चरणों में कुल ₹1,43,000 की राशि देती है:
- कक्षा 6 में प्रवेश: ₹2,000
- कक्षा 9 में: ₹4,000
- कक्षा 11 में: ₹6,000
- 21 साल की उम्र में शादी या हायर एजुकेशन के लिए: ₹1,00,000 (बॉन्ड के रूप में)
अप्लाई: आंगनवाड़ी या ऑनलाइन पोर्टल ladlilaxmi.mp.gov.in पर। शर्त: परिवार की सालाना आय ₹2 लाख से कम हो।
उत्तराखंड: हमारी कन्या हमारा अभिमान – जन्म पर ₹15,000 कैश
उत्तराखंड सरकार बेटी के जन्म पर तुरंत ₹15,000 की सहायता देती है, लेकिन इसके लिए जन्म के एक साल के अंदर पंजीकरण अनिवार्य है। यह राशि मां-बाप के खाते में आती है और शुरुआती खर्चों में मदद करती है। अप्लाई: जिला महिला कल्याण विभाग या ऑनलाइन पोर्टल पर।

महाराष्ट्र: माझी कन्या भाग्यश्री – ₹50,000 तक का बंपर फायदा
Girl child financial aid India : महाराष्ट्र की यह योजना योग्य परिवारों को बेटी के जन्म पर ₹50,000 तक का बॉन्ड देती है। अगर परिवार दो बेटियों तक सीमित रहता है, तो दोनों के लिए अलग-अलग राशि मिलती है। यह पैसा शिक्षा और विवाह के समय काम आता है। अप्लाई: स्थानीय आंगनवाड़ी या maharashtra.gov.in पोर्टल।
हरियाणा: आपकी बेटी हमारी बेटी – ₹21,000 सीधे खाते में
हरियाणा में बेटी के जन्म पर ₹21,000 की एकमुश्त राशि दी जाती है। यह स्कीम खासकर ग्रामीण और कम आय वाले परिवारों पर फोकस करती है। अप्लाई: जिला कल्याण विभाग या haryana.gov.in।
बिहार: मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना – 18 साल बाद मिलेंगे हजारों
बिहार सरकार बेटी के नाम पर ₹2,000 की राशि बैंक में FD के रूप में जमा करती है। यह रकम 18 साल बाद ब्याज सहित निकाली जा सकती है, जो करीब ₹10,000-12,000 तक हो जाती है। अप्लाई: आंगनवाड़ी या बिहार सरकार के पोर्टल पर।
राजस्थान: मुख्यमंत्री राजश्री योजना – शुरुआती सालों में डबल डोज
राजस्थान में बेटी के जन्म पर ₹2,500 और एक साल बाद फिर ₹2,500 दिए जाते हैं। इसके अलावा स्कूल जाने पर किताबें, यूनिफॉर्म और आगे की पढ़ाई के लिए अतिरिक्त मदद मिलती है। अप्लाई: rajshri.rajasthan.gov.in या आंगनवाड़ी।
उत्तर प्रदेश: भाग्य लक्ष्मी योजना – 21 साल बाद ₹2 लाख तक का बॉन्ड
यूपी सरकार बेटी के जन्म पर ₹50,000 का बॉन्ड जारी करती है, जो 21 साल की उम्र में मैच्योर होकर करीब ₹2 लाख तक बन जाता है। यह राशि शादी या हायर एजुकेशन के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। अप्लाई: womenwelfare.up.gov.in या जिला प्रोबेशन ऑफिस।
अप्लाई करने के लिए जरूरी टिप्स
- How to apply for girl child government scheme दस्तावेज तैयार रखें: बेटी का जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता का आधार कार्ड, बैंक पासबुक, आय प्रमाण पत्र (कई योजनाओं में जरूरी)।
- ऑनलाइन या ऑफलाइन: ज्यादातर योजनाओं के लिए राज्य सरकार के पोर्टल पर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। नहीं तो आंगनवाड़ी, पंचायत या जिला कल्याण विभाग में फॉर्म जमा करें।
- समय सीमा का ध्यान: कई स्कीम्स में जन्म के 1 साल के अंदर रजिस्ट्रेशन जरूरी है, वरना फायदा गंवाना पड़ सकता है।
- हेल्पलाइन: किसी भी confusion में टोल-फ्री नंबर 1098 (चाइल्डलाइन) या राज्य महिला हेल्पलाइन पर कॉल करें।
ये योजनाएं न सिर्फ आर्थिक मदद देती हैं, बल्कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के संदेश को मजबूत करती हैं। अगर आपके घर नन्हीं राजकुमारी ने कदम रखा है, तो आज ही नजदीकी केंद्र में जाकर रजिस्ट्रेशन करवाएं – क्योंकि सरकार की यह मदद आपके और आपकी बेटी के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है!
