
HDFC Bank loan interest rate : भारत का सबसे बड़ा निजी बैंक, HDFC बैंक, अपने ग्राहकों की वित्तीय जरूरतों को समझते हुए समय-समय पर ऐसे कदम उठाता रहा है, जो उनकी जेब पर बोझ कम करें। इस बार, फेस्टिव सीजन से ठीक पहले, बैंक ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 5 बेसिस प्वाइंट्स (0.05%) की कमी की है। यह कटौती 6 महीने, 1 साल, और 2 साल की अवधि वाले लोन के लिए लागू की गई है, जिसका असर होम लोन, कार लोन, और पर्सनल लोन की EMI पर साफ तौर पर दिखाई देगा। इस बदलाव से न केवल ग्राहकों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि यह डिजिटल और फिजिकल खरीदारी के लिए लोन लेने की प्रक्रिया को भी और आकर्षक बनाएगा।
नई MCLR दरें : कितना और कहां हुआ बदलाव?
HDFC Bank new MCLR rates : HDFC बैंक ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर नई MCLR दरें प्रकाशित की हैं, जो 8 सितंबर 2025 से प्रभावी हैं। इन दरों को विभिन्न लोन अवधियों (Tenors) के आधार पर निर्धारित किया गया है। आइए, एक नजर डालते हैं नई दरों पर:
| अवधि (Tenor) | नई MCLR दर | पिछली दर | बदलाव |
|---|---|---|---|
| ओवरनाइट | 8.55% | 8.55% | कोई बदलाव नहीं |
| 1 महीना | 8.55% | 8.55% | कोई बदलाव नहीं |
| 3 महीने | 8.60% | 8.60% | कोई बदलाव नहीं |
| 6 महीने | 8.65% | 8.70% | 5 bps कमी |
| 1 साल | 8.65% | 8.70% | 5 bps कमी |
| 2 साल | 8.70% | 8.75% | 5 bps कमी |
| 3 साल | 8.75% | 8.75% | कोई बदलाव नहीं |
स्रोत: HDFC बैंक वेबसाइट, 8 सितंबर 2025
यह बदलाव खास तौर पर 6 महीने, 1 साल, और 2 साल की अवधि वाले लोन पर लागू होगा। चूंकि होम लोन की सबसे आम बेंचमार्क दर 1 साल की MCLR होती है, इस कटौती का सबसे ज्यादा असर होम लोन ग्राहकों पर पड़ेगा।
EMI पर कितना होगा असर?
HDFC EMI reduction home loan car loan : MCLR में 5 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती का मतलब है कि ब्याज दर में 0.05% की कमी आई है। यह छोटा-सा बदलाव लंबी अवधि के लोन, जैसे होम लोन, पर मासिक EMI में उल्लेखनीय बचत ला सकता है। उदाहरण के लिए:
- 50 लाख रुपये का होम लोन: मान लीजिए, किसी ग्राहक ने 20 साल की अवधि के लिए 50 लाख रुपये का होम लोन लिया है, जिसकी ब्याज दर 8.70% थी। MCLR में 0.05% की कमी के बाद, नई ब्याज दर 8.65% हो जाएगी। इससे मासिक EMI में लगभग 250-350 रुपये की बचत हो सकती है। 20 साल की अवधि में यह बचत हजारों रुपये तक पहुंच सकती है।
- 20 लाख रुपये का कार लोन: 5 साल की अवधि वाले कार लोन पर भी ब्याज दर में कमी से EMI में 100-150 रुपये प्रति माह की बचत संभव है।
यह बचत भले ही छोटी लगे, लेकिन फेस्टिव सीजन में जब लोग खरीदारी और अन्य खर्चों की योजना बनाते हैं, यह राशि उनके मासिक बजट को संतुलित करने में मददगार साबित हो सकती है।
MCLR क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
HDFC new lending rates 2025 : मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) वह न्यूनतम ब्याज दर है, जिसके नीचे कोई बैंक लोन नहीं दे सकता। इसे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने अप्रैल 2016 में लागू किया था, ताकि लोन की ब्याज दरें अधिक पारदर्शी और बाजार की गतिशीलता के साथ जुड़ी रहें। MCLR कई कारकों पर आधारित होती है, जैसे बैंक की फंडिंग लागत, ऑपरेटिंग कॉस्ट, और लोन की अवधि। यह दर होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन, और बिजनेस लोन जैसे विभिन्न लोन प्रोडक्ट्स की ब्याज दरों को निर्धारित करती है।
जिन ग्राहकों के लोन MCLR से जुड़े हैं, उनकी ब्याज दरें रीसेट पीरियड (Reset Period) के दौरान स्वचालित रूप से अपडेट हो जाती हैं। उदाहरण के लिए, अगर आपका होम लोन 1 साल की MCLR से जुड़ा है, तो अगले रीसेट डेट पर आपकी EMI में कमी दिखाई देगी। हालांकि, जिन लोन्स की ब्याज दरें RBI की रेपो रेट से जुड़ी हैं, उन पर इस बदलाव का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
होम लोन की ब्याज दरें: रेपो रेट से जुड़ी हैं
HDFC Bank latest FD interest rates 2025 : HDFC बैंक की वेबसाइट के अनुसार, बैंक के होम लोन की ब्याज दरें रेपो रेट से लिंक्ड हैं। 8 सितंबर 2025 तक, सैलरीड और सेल्फ-एम्प्लॉयड (प्रोफेशनल और नॉन-प्रोफेशनल) ग्राहकों के लिए होम लोन की ब्याज दरें 7.90% से 13.20% के बीच हैं। बैंक की गणना के अनुसार:
- होम लोन ब्याज दर = पॉलिसी रेपो रेट (6.50%) + 2.4% से 7.7% = 7.90% से 13.20%
इसका मतलब है कि MCLR में कटौती का लाभ उन ग्राहकों को मिलेगा, जिनके लोन MCLR से जुड़े हैं, न कि रेपो रेट से। ग्राहकों को अपने लोन एग्रीमेंट की जांच करनी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि उनका लोन किस बेंचमार्क से जुड़ा है।
बेस रेट और BPLR
HDFC बैंक का बेस रेट 9.35% है, जो 25 जून 2025 से लागू है। इसके अलावा, बैंक का बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट (BPLR) 17.85% प्रति वर्ष है, जो भी 25 जून 2025 से प्रभावी है। ये दरें उन पुराने लोन्स के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो अभी भी बेस रेट या BPLR से जुड़े हैं।
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरें
HDFC बैंक ने MCLR में कटौती के साथ-साथ अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) दरों को भी आकर्षक बनाए रखा है। 3 करोड़ रुपये से कम की FD के लिए:
- आम नागरिकों के लिए: 2.75% से 6.60% प्रति वर्ष
- सीनियर सिटीजन के लिए: 3.25% से 7.10% प्रति वर्ष
- सबसे अधिक ब्याज दर: 6.60% (आम नागरिक) और 7.10% (सीनियर सिटीजन) 18 महीने से 21 महीने से कम की अवधि के लिए।
ये दरें 25 जून 2025 से लागू हैं और निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और आकर्षक विकल्प प्रदान करती हैं।

क्यों लिया गया यह फैसला?
HDFC बैंक का यह कदम रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के रेपो रेट को 5.50% पर स्थिर रखने के बावजूद आया है। RBI ने पिछले तीन मौद्रिक नीति समीक्षा बैठकों में रेपो रेट में 100 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती की थी, जिससे बाजार में तरलता बढ़ी थी। HDFC बैंक ने इस अवसर का लाभ उठाते हुए अपनी MCLR दरों में कमी की है, ताकि ग्राहकों को सस्ते लोन का लाभ मिल सके। यह कदम न केवल ग्राहकों के लिए फायदेमंद है, बल्कि फेस्टिव सीजन में उपभोक्ता खर्च को बढ़ावा देने में भी मदद करेगा।
ग्राहकों के लिए क्या बदलाव?
इस कटौती का सबसे बड़ा लाभ यह है कि MCLR से जुड़े लोन की EMI में कमी आएगी। यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो होम लोन या कार लोन की बड़ी EMI का बोझ उठा रहे हैं। साथ ही, नए लोन लेने की सोच रहे ग्राहकों के लिए भी यह एक सुनहरा अवसर है, क्योंकि कम ब्याज दरों के कारण लोन की कुल लागत कम होगी।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि EMI में कमी तुरंत लागू नहीं होगी। लोन की रीसेट अवधि (जो आमतौर पर 6 महीने या 1 साल होती है) के आधार पर नई दरें प्रभावी होंगी। ग्राहकों को अपने लोन एग्रीमेंट में रीसेट पीरियड की जांच करनी चाहिए, ताकि वे इस बदलाव का पूरा लाभ उठा सकें।
5 महत्वपूर्ण सवाल और जवाब
- HDFC बैंक ने MCLR में कितनी कटौती की है?
बैंक ने चुनिंदा अवधियों (6 महीने, 1 साल, और 2 साल) के लिए MCLR में 5 बेसिस प्वाइंट्स (0.05%) की कटौती की है। - इस कटौती का लाभ किसे मिलेगा?
यह लाभ उन ग्राहकों को मिलेगा, जिनके होम लोन, कार लोन, या अन्य लोन MCLR से जुड़े हैं। रेपो रेट से जुड़े लोन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। - EMI पर कितना असर पड़ेगा?
50 लाख रुपये के 20 साल के होम लोन पर मासिक EMI में 250-350 रुपये की बचत हो सकती है। छोटे लोन पर यह बचत कम होगी। - यह राहत किन लोन्स पर लागू होगी?
यह कटौती होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन, और अन्य MCLR-लिंक्ड लोन्स पर लागू होगी। - उधार लेना कैसे आसान होगा?
कम ब्याज दरों के कारण EMI का बोझ घटेगा, जिससे लोन लेना और चुकाना दोनों आसान हो जाएंगे।
