
HDFC FD interest rates देश के बड़े निजी बैंकों में शामिल HDFC बैंक ने Fixed Deposit (FD) कराने वालों के लिए नई ब्याज दरें जारी की हैं। बैंक ने हाल ही में 3 करोड़ रुपए से कम राशि की FD स्कीमों पर ब्याज दरों में कुछ कटौती की है। अब HDFC में सामान्य नागरिकों (General Citizens) को FD पर 3% से 7.05% तक और वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) को 3.50% से 7.55% तक का ब्याज मिलेगा।
📉 Latest HDFC Bank FD rates : दूसरे बड़े बैंकों ने भी घटाई ब्याज दरें
Latest HDFC Bank FD rates : इससे पहले, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और बैंक ऑफ इंडिया (BOI) ने भी अपने FD निवेशकों के लिए ब्याज दरों में कटौती की थी।
- SBI में अब 1 साल की FD पर अधिकतम 6.70% का ब्याज दिया जा रहा है।
- वहीं BOI में 1 साल की FD पर सामान्य नागरिकों को 7.05% का ब्याज मिल रहा है।
दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट (Repo Rate) में कटौती के बाद, बैंकों पर भी ब्याज दरों में कमी करने का दबाव है, जिसका असर FD स्कीमों पर साफ देखने को मिल रहा है।

💡 HDFC FD senior citizen rates : FD में निवेश से पहले ध्यान रखें ये 3 जरूरी बातें
✅ 1. HDFC FD senior citizen rates : सही Tenure चुनना है सबसे अहम
FD में पैसा लगाने से पहले उसकी अवधि यानी Tenure को लेकर सोच-विचार जरूर करें। अगर FD को मेच्योरिटी से पहले तोड़ा गया, तो बैंक द्वारा Penalty लगाई जा सकती है।
- आमतौर पर, FD को ब्रेक करने पर ब्याज दर में 1% तक की कटौती कर दी जाती है।
- इससे निवेश पर मिलने वाला कुल रिटर्न (Return) प्रभावित हो सकता है।
✅ 2. एक ही FD में सारा पैसा न लगाएं
अगर आप एक ही बैंक में 10 लाख रुपए की FD कराने की सोच रहे हैं, तो बेहतर होगा कि इस रकम को कई छोटी-छोटी FD में बांटें।
- जैसे – 1 लाख की 8 FD और 50 हजार की 4 FD।
- इससे फायदा यह होगा कि पैसों की जरूरत पड़ने पर आप कुछ FD तोड़ सकते हैं और बाकी को चालू रहने दे सकते हैं।
- यह रणनीति Liquidity और Security दोनों बनाए रखती है।
✅ 3. HDFC FD rate cut April 2025 : 5 साल की FD पर मिलती है Tax Saving
HDFC FD rate cut April 2025 : अगर आप टैक्स में छूट चाहते हैं, तो 5 साल की FD एक अच्छा विकल्प है।
- इसे Tax Saving FD कहा जाता है और यह Income Tax Act की धारा 80C के तहत आती है।
- इस स्कीम में निवेश करने पर आप अपनी कुल Taxable Income से 1.5 लाख रुपए तक की कटौती (Deduction) का लाभ उठा सकते हैं।
- हालांकि, 5 साल तक इस FD को Premature Withdraw नहीं किया जा सकता।
📊 FD interest rates in HDFC Bank : निवेशकों के लिए क्या है मतलब?
FD interest rates in HDFC Bank : HDFC समेत अन्य बैंकों की ब्याज दरों में कमी का सीधा असर उन निवेशकों पर पड़ता है जो सुरक्षित और सुनिश्चित रिटर्न चाहते हैं।
- रिटायर्ड व्यक्ति, वरिष्ठ नागरिक, और कंज़रवेटिव इन्वेस्टर्स के लिए FD एक पसंदीदा निवेश विकल्प होता है।
- लेकिन ब्याज दरों में कटौती से उनकी आमदनी प्रभावित हो सकती है।
- ऐसे में, निवेशकों को चाहिए कि वे बाजार के रुझानों को देखते हुए अपनी निवेश रणनीति को अपडेट करें।
सोच-समझकर करें FD में निवेश
HDFC द्वारा ब्याज दरों में बदलाव और अन्य बैंकों के इसी दिशा में उठाए गए कदम यह संकेत देते हैं कि आने वाले समय में Fixed Income Instruments में निवेश करने से पहले अच्छी प्लानिंग जरूरी है। अगर आप सुरक्षित निवेश की सोच रहे हैं, तो FD अब भी एक भरोसेमंद विकल्प है, बशर्ते आप उसमें सही रणनीति से पैसा लगाएं – जैसे Tenure का चुनाव, Multiple FD Strategy, और Tax Saving Benefits का पूरा इस्तेमाल।
🔶 HDFC बैंक की FD ब्याज दरें (Updated April 2025)
(Deposit Less Than ₹3 Crore)
| जमा अवधि (Tenure) | सामान्य नागरिकों के लिए ब्याज दर | वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर |
|---|---|---|
| 7 दिन से 14 दिन | 3.00% | 3.50% |
| 15 दिन से 29 दिन | 3.00% | 3.50% |
| 30 दिन से 45 दिन | 3.50% | 4.00% |
| 46 दिन से 60 दिन | 4.50% | 5.00% |
| 61 दिन से 89 दिन | 4.50% | 5.00% |
| 90 दिन से 6 महीने तक | 4.75% | 5.25% |
| 6 महीने 1 दिन से 9 महीने | 5.75% | 6.25% |
| 9 महीने 1 दिन से 1 साल | 6.00% | 6.50% |
| 1 साल से 15 महीने तक | 6.60% | 7.10% |
| 15 महीने 1 दिन से 2 साल | 7.05% | 7.55% |
| 2 साल 1 दिन से 3 साल | 7.00% | 7.50% |
| 3 साल 1 दिन से 5 साल | 7.00% | 7.50% |
| 5 साल 1 दिन से 10 साल | 7.00% | 7.50% |
🔍 HDFC बैंक द्वारा FD की ब्याज दरों में बदलाव के पीछे क्या हैं कारण?
HDFC बैंक ने हाल ही में अपनी FD ब्याज दरों में संशोधन किया है, और इसके पीछे कई आर्थिक और नीतिगत कारण हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख निम्नलिखित हैं:
✅ 1. RBI की रेपो रेट में बदलाव
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) समय-समय पर मौद्रिक नीति की समीक्षा करते हुए रेपो रेट यानी जिस दर पर बैंकों को आरबीआई से कर्ज मिलता है, उसमें बदलाव करता है।
- जब रेपो रेट में कटौती होती है, तो बैंक भी अपने लेंडिंग और डिपॉजिट रेट्स में बदलाव करते हैं।
- हाल ही में RBI ने रेपो रेट स्थिर रखा है या हल्की कटौती की है, जिससे बैंक FD पर दी जाने वाली ब्याज दरों को घटा रहे हैं।
✅ 2. मार्केट में लिक्विडिटी की स्थिति
बाजार में यदि नकदी (liquidity) की स्थिति बेहतर होती है, यानी बैंकों के पास ज्यादा फंड होता है, तो उन्हें ज्यादा डिपॉजिट्स की आवश्यकता नहीं होती।
- ऐसी स्थिति में बैंक ब्याज दरों में कटौती करते हैं, जिससे ज्यादा महंगी FD लेने से बचा जा सके।
✅ 3. ब्याज दरों का संतुलन (Interest Rate Balancing)
बैंक को एक संतुलन बनाए रखना होता है कि वह अपने कर्जदारों (Loan Borrowers) और निवेशकों (Depositors) दोनों को कैसे बेहतर दर दे सके।
- यदि बैंक लोन पर कम ब्याज दर ले रहा है, तो उसे FD पर भी ज्यादा ब्याज देना संभव नहीं होता।
✅ 4. बाजार की प्रतिस्पर्धा (Market Competition)
बैंकिंग सेक्टर में प्रतिस्पर्धा के कारण, बैंक अक्सर दूसरी संस्थाओं जैसे कि SBI, ICICI, Axis, या NBFCs की ब्याज दरों को देखकर भी अपने रेट एडजस्ट करते हैं।
- SBI और BOI ने भी FD रेट घटाई है, जिससे HDFC ने भी अपने रेट्स को उसी लेवल पर लाने की कोशिश की है।
✅ 5. मंदी या आर्थिक सुस्ती के संकेत
जब देश में आर्थिक सुस्ती होती है या ग्रोथ स्लो होती है, तो आमतौर पर ब्याज दरों को कम किया जाता है ताकि निवेश बढ़ाया जा सके और लोन लेना सस्ता हो जाए।
🔓 FD से बाहर निकलने (Exit) के विकल्प
अगर आपने किसी बैंक में Fixed Deposit (FD) करवाई है और बीच में पैसों की जरूरत पड़ जाती है, तो FD को पूरी अवधि से पहले भी बंद किया जा सकता है। इसके लिए निम्नलिखित विकल्प मौजूद हैं:
✅ 1. Premature Withdrawal (प्रीमैच्योर विदड्रॉल)
- FD को उसकी मेच्योरिटी अवधि से पहले बंद करवाया जा सकता है।
- ऐसा करने पर बैंक Penalty चार्ज करता है, जो सामान्यतः 0.5% से 1% तक होता है।
- कुछ FD पर यह विकल्प उपलब्ध नहीं होता (जैसे Tax Saving FD)।
📌 उदाहरण: अगर आपकी FD पर 7.05% ब्याज मिल रहा था, तो समय से पहले तुड़वाने पर केवल 6.05% या 6.55% ब्याज मिल सकता है।
✅ 2. Partial Withdrawal (आंशिक निकासी)
- कुछ बैंक आंशिक निकासी की सुविधा भी देते हैं।
- इसका मतलब है कि आप FD का एक हिस्सा निकाल सकते हैं, जबकि बाकी अमाउंट पर FD जारी रहती है।
- यह सुविधा हर FD स्कीम में नहीं होती। पहले से बैंक की शर्तों को पढ़ें।
✅ 3. Loan Against FD (FD पर लोन)
- FD तोड़ने की बजाय, आप FD को गिरवी रखकर उस पर लोन ले सकते हैं।
- सामान्यतः बैंक 90% तक राशि FD पर लोन के रूप में देते हैं।
- ब्याज दर FD की ब्याज दर +1-2% तक होती है।
- यह एक बेहतर विकल्प होता है जब आपको थोड़े समय के लिए पैसों की जरूरत होती है।
✅ 4. ऑटो क्लोजर सुविधा (Auto-closure at Maturity)
- यदि आपने FD के ऑटो-क्लोजर का विकल्प लिया है, तो मेच्योरिटी के दिन FD अपने-आप बंद हो जाएगी और पैसा आपके सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगा।
- इस पर कोई जुर्माना नहीं लगता क्योंकि ये नियमित प्रक्रिया होती है।
✅ 5. FD Renewal कैंसल करना (Do Not Renew Option)
- मेच्योरिटी के समय FD को आगे बढ़ाने की बजाय, आप उसे ‘Do Not Renew’ विकल्प के साथ बंद करवा सकते हैं।
- इससे आपका निवेश समय पर वापस मिल जाता है।
⚠️ FD तोड़ते समय ध्यान देने योग्य बातें:
- प्रीमैच्योर FD पर मिलने वाला ब्याज कम हो सकता है।
- टैक्स छूट वाली FD (5-Year Tax Saving FD) को समय से पहले नहीं तोड़ा जा सकता।
- बैंक की शर्तें FD की अवधि और राशि के अनुसार बदल सकती हैं।
