
Heatwave Alert : मार्च की शुरुआत के साथ ही राजस्थान में गर्मी ने अचानक तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। आमतौर पर अप्रैल-मई में तेज गर्मी देखने को मिलती है, लेकिन इस बार मार्च के पहले सप्ताह में ही कई जिलों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले में अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी अधिक माना जा रहा है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि अगले दो से तीन दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है और पश्चिमी जिलों में गर्म हवाएं चलने की संभावना है।
Rajasthan Weather Update : दिलचस्प बात यह है कि दिन में तेज धूप और गर्मी महसूस हो रही है, जबकि रात के समय कई शहरों में ठंडक बनी हुई है और तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा रहा है। इस मौसम के असामान्य बदलाव के पीछे मौसम वैज्ञानिक अरब सागर में बने एंटी साइक्लोन को प्रमुख कारण बता रहे हैं। इस सिस्टम के कारण आसमान साफ है और पश्चिम से गर्म हवा राजस्थान में प्रवेश कर रही है, जिससे तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
राजस्थान के कई शहरों में तापमान 35°C के पार
Rajasthan heatwave Alert : पिछले 24 घंटों में राजस्थान के अधिकांश जिलों में आसमान साफ रहा और तेज धूप के कारण तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई। कई शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। सबसे अधिक गर्मी पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले में रही, जहां अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा जयपुर, अजमेर, चूरू और उदयपुर में भी अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज हुआ।
Temperature Today : अन्य शहरों में भी गर्मी का असर साफ दिखाई दिया। श्रीगंगानगर, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, कोटा और अजमेर में भी तापमान सामान्य से ज्यादा रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यदि इसी तरह मौसम साफ रहा तो अगले कुछ दिनों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच सकता है।
अरब सागर में एंटी साइक्लोन से बढ़ी गर्मी
Mosam update : मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राजस्थान में अचानक बढ़ी गर्मी के पीछे एक बड़ा कारण अरब सागर में बना एंटी साइक्लोन है। यह एक हाई प्रेशर सिस्टम होता है जिसमें हवाएं घड़ी की दिशा में घूमती हैं और ऊपर से नीचे की ओर तेजी से उतरती हैं।
जब यह सिस्टम सक्रिय होता है तो बादल बनने की संभावना कम हो जाती है और आसमान पूरी तरह साफ रहता है। साफ आसमान के कारण सूर्य की किरणें सीधे जमीन पर पड़ती हैं और तापमान तेजी से बढ़ जाता है। अरब सागर में बने इस एंटी साइक्लोन के कारण हवा पाकिस्तान की दिशा से होकर राजस्थान में प्रवेश कर रही है। यह हवा पहले से ही गर्म होती है, जिससे पश्चिमी राजस्थान में तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
इन राज्यों में भी बढ़ रहा तापमान
राजस्थान ही नहीं बल्कि इस मौसम प्रणाली का असर आसपास के कई राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में भी तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि पश्चिमी हवाओं के कारण गर्म और सूखी हवा लगातार उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ रही है। इससे राजस्थान के साथ-साथ पश्चिमी और मध्य भारत के कई इलाकों में भी मौसम सामान्य से अधिक गर्म हो रहा है।
दिन में झुलसाने वाली धूप, रात में ठंडक
Weather update : मार्च के इस मौसम की सबसे खास बात यह है कि दिन में तेज गर्मी के बावजूद रात के समय तापमान काफी नीचे चला जाता है। दिन में तेज धूप और गर्म हवा के कारण लोगों को गर्मी महसूस होती है, लेकिन शाम ढलते ही तापमान तेजी से गिर जाता है। कई शहरों में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। पाली में सबसे ठंडी रात रिकॉर्ड हुई, जहां न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा फतेहपुर (सीकर) में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री और करौली में 11.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार साफ आसमान और सूखी हवा के कारण दिन में तापमान तेजी से बढ़ता है, जबकि रात के समय जमीन की गर्मी तेजी से बाहर निकल जाती है। इसी कारण दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिलता है।
पश्चिमी राजस्थान में गर्म हवा का अलर्ट
INDIA WEATHER NEWS : जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने संकेत दिया है कि आने वाले दो से तीन दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान के जिलों में गर्म हवा चलने की संभावना है। विशेष रूप से बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर और श्रीगंगानगर जैसे जिलों में गर्मी का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।

मार्च में इतनी जल्दी गर्मी क्यों बढ़ रही है
आमतौर पर राजस्थान में तेज गर्मी अप्रैल के मध्य से शुरू होती है और मई-जून में चरम पर पहुंचती है। लेकिन इस बार मार्च के पहले सप्ताह में ही तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके पीछे कई कारण हैं। पहला कारण अरब सागर में बना एंटी साइक्लोन है, जिसने मौसम के पैटर्न को प्रभावित किया है। दूसरा कारण पश्चिमी हवाओं का प्रभाव है, जो गर्म और सूखी हवा लेकर आ रही हैं। तीसरा कारण आसमान का साफ रहना है, जिससे सूर्य की गर्मी सीधे धरती तक पहुंच रही है। इन सभी कारणों के मिलेजुले प्रभाव से राजस्थान में मार्च में ही गर्मी का असर महसूस होने लगा है।
गर्मी से बचने के लिए क्या करें
मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च में बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। गर्मी से बचने के लिए कुछ जरूरी उपाय अपनाए जा सकते हैं:
- दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचें
- शरीर में पानी की कमी न होने दें
- हल्के और ढीले कपड़े पहनें
- सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखें
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि मार्च के दूसरे सप्ताह में भी तापमान धीरे-धीरे बढ़ता रहेगा। यदि मौसम प्रणाली में बदलाव नहीं हुआ तो पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच सकता है।
हालांकि कुछ क्षेत्रों में हल्की हवा चलने से रात के समय ठंडक बनी रह सकती है। लेकिन दिन के समय तेज धूप और गर्मी से लोगों को राहत मिलने की संभावना कम है। इसलिए मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।



