
Heavy Rain Alert : प्रदेश में मानसून ने अपनी पूरी ताकत दिखानी शुरू कर दी है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य के 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जयपुर सहित कई जिलों में गुरुवार रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है, जो शुक्रवार सुबह भी जारी रही। गुरुवार को बीकानेर संभाग में मानसून की आधिकारिक एंट्री हो गई, जहां कई इलाकों में 3 इंच तक बारिश दर्ज की गई। इस बीच, झालावाड़ जिले में बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में एक महिला सहित चार लोगों की दुखद मौत हो गई, जबकि एक अन्य महिला गंभीर रूप से झुलस गई।
Rajasthan Monsoon : गुरुवार को राजधानी जयपुर और अन्य कई जिलों में दिनभर उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया। हालांकि, देर शाम को शुरू हुई बारिश ने लोगों को इस उमस से राहत दिलाई। जयपुर के अलावा बाड़मेर, सीकर, नागौर, जोधपुर, राजसमंद, दौसा, भीलवाड़ा, जैसलमेर, कोटा और झालावाड़ में भी तेज बारिश हुई। कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया, जिससे आवागमन में दिक्कतें आईं। हनुमानगढ़ के गोलूवाला में पिछले 24 घंटों में 90 मिमी (3.5 इंच से ज्यादा) बारिश दर्ज की गई, जो इस सीजन की सबसे भारी बारिश में से एक है।
राजसमंद व उदयपुर संभाग में झमाझम
Rain Update : राजसमंद के साथ उदयपुर संभाग में एक सप्ताह से झमाझम बारिश का दौर लगातार जारी है। कभी सुबह तो कभी दोपहर बाद तेज हवा के साथ झमाझम बारिश होने लगी है, जिसके चलते अब नदी, नालों में पानी की आवक होने लगी है। पहाड़ों का पानी तालाब, बांध में पहुंचने लगा है। राजसमंद शहर, नाथद्वारा, आमेट, कुंभलगढ़ व रेलमगरा क्षेत्र में अच्छी बारिश लगातार हो रहा है। पिछले दो दिन से तो आसमान में बादलों का डेरा है, जिससे सूरज के दर्शन भी नहीं हो पा रहे हैं।
बीकानेर संभाग में मानसून की दस्तक
Weather update : मौसम विभाग ने पुष्टि की है कि मानसून ने अब बीकानेर संभाग सहित श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, झुंझुनूं और चूरू में प्रवेश कर लिया है। पिछले 24 घंटों में दौसा, अलवर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, बारां, कोटा, झालावाड़, चित्तौड़गढ़ और सीकर जैसे जिलों में अच्छी बारिश हुई। बारां के छबड़ा में 25 मिमी, अटरू में 36 मिमी, बीकानेर के लूणकरणसर में 25 मिमी और हांडा में 68 मिमी बारिश दर्ज की गई। हनुमानगढ़ के पीलीबंगा में 55 मिमी और टिब्बी में 58 मिमी बारिश हुई।
बाड़मेर और जैसलमेर में गर्मी का प्रकोप
Rain in Rajasthan : जबकि कई इलाकों में बारिश ने राहत दी, बाड़मेर और जैसलमेर में गुरुवार को गर्मी का प्रकोप जारी रहा। जैसलमेर में अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस, बाड़मेर में 40.6 डिग्री और बीकानेर में 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके विपरीत, श्रीगंगानगर में सुबह से देर शाम तक रुक-रुककर हुई बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया। यहां अधिकतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
मानसून की रफ्तार और बारिश का रिकॉर्ड
Rain Alert : मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान में मानसून ने तेजी से प्रगति की है और अब तक पूरे राज्य को कवर कर चुका है। 1 जून से 25 जून तक प्रदेश में सामान्य से 150 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। यह इस साल मानसून की असाधारण सक्रियता को दर्शाता है। हालांकि, भारी बारिश के साथ प्राकृतिक आपदाओं का खतरा भी बढ़ गया है, जैसा कि झालावाड़ में बिजली गिरने की घटनाओं में देखा गया।

सावधानी और सतर्कता की जरूरत
Monsoon update : मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है, खासकर उन इलाकों में जहां भारी बारिश की संभावना है। बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए खुले स्थानों से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन भी प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए तैयार है।
27 जून को इन जिलों में बारिश का अलर्ट
- ऑरेंज अलर्ट: बांसवाड़ा, डूंगरपुर
- यलो अलर्ट: प्रतापगढ़, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, सिरोही, जालोर, पाली, राजसमंद, बूंदी, कोटा, झालावाड़, जयपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, टोंक, अजमेर, भीलवाड़ा, नागौर, जोधपुर, जैसलमेर
देश के अन्य राज्यों में बारिश की स्थिति
भारत के विभिन्न हिस्सों में मानसून ने जोर पकड़ लिया है, जिसके चलते मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की चेतावनी जारी की है। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक, मौसम की मार ने जनजीवन को प्रभावित किया है। कई जगहों पर जलभराव, सड़कें बंद होने और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
उत्तर भारत
दिल्ली-NCR: मौसम विभाग ने 27 जून के लिए दिल्ली और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक का येलो अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश की संभावना कम है, लेकिन तेज हवाएं और बूंदाबांदी मौसम को सुहाना बनाए रखेंगी।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: इन पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हिमाचल के मंडी में ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से अलर्ट जारी किया गया है।
पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश: 1 जुलाई तक इन राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश के 16 जिलों, खासकर पश्चिमी यूपी में, 27-28 जून को भारी बारिश की स्थिति गंभीर हो सकती है।
राजस्थान: पूर्वी राजस्थान के सीकर, कोटा, बारां, झालावाड़ और सवाई माधोपुर सहित 30 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी है। कोटा संभाग में सेना और SRDF टीमें तैनात की गई हैं।
मध्य भारत
मध्य प्रदेश: 2 जुलाई तक मध्य प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी है। जबलपुर और छिंदवाड़ा में जलभराव की स्थिति है और येलो अलर्ट जारी किया गया है।
छत्तीसगढ़: रायपुर और रायगढ़ सहित कई जिलों में तेज बारिश हो रही है। 33 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी है।
पूर्व और पूर्वोत्तर भारत
बिहार: पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, मधुबनी और सुपौल में अति भारी बारिश की संभावना है। पूर्णिया और अन्य जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट है।
झारखंड: रांची और खूंटी में मूसलाधार बारिश से नुकसान हुआ है। सिमगेडा पुल के ढहने की खबर सामने आई है।
पश्चिम बंगाल: गांगेय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी क्षेत्रों में 30 जून तक भारी बारिश का अनुमान है। कोलकाता, बांकुरा और हुगली में अगले 3-4 घंटों में मध्यम बारिश हो सकती है।
पूर्वोत्तर राज्य: असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और नागालैंड में 28 जून तक भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। अरुणाचल में भूस्खलन से एक व्यक्ति की मौत की खबर है।
ओडिशा: भुवनेश्वर और कटक में भारी बारिश से दो लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
पश्चिम भारत
गुजरात: सूरत, अहमदाबाद, वापी और राजकोट में भारी बारिश से सड़कें और घर जलमग्न हैं। सूरत में 36 घंटों में 400 मिमी बारिश दर्ज की गई। तीन जिलों में रेड अलर्ट जारी है।
महाराष्ट्र: मुंबई, नासिक और कोंकण क्षेत्र में जलभराव की स्थिति है। 28 जून तक भारी बारिश का अलर्ट जारी है।
दक्षिण भारत
केरल और तटीय कर्नाटक: 28 जून तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना: तेज बारिश और 40-60 किमी/घंटा की हवाएं चल सकती हैं।
आंध्र प्रदेश: तटीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।
प्रशासन और जनता के लिए सलाह
मौसम विभाग ने सभी प्रभावित राज्यों के प्रशासन और जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। नदियों और बांधों के आसपास के इलाकों को खाली कराने और बाढ़ से निपटने के लिए मॉक ड्रिल की जा रही है। गुजरात और राजस्थान में सेना और आपदा प्रबंधन टीमें तैनात हैं। जनता से निचले इलाकों में सावधानी बरतने और मौसम अपडेट्स पर नजर रखने की अपील की गई है।
