
Hindu Sammelan Rajsamand : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना के सौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित शताब्दी वर्ष समारोह के अंतर्गत रविवार को जिला मुख्यालय पर द्वारकेश बस्ती द्वारा भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से पंच परिवर्तन—सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य, स्वदेशी और कुटुंब प्रबोधन को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया।
RSS Centenary Celebration Rajasthan : सम्मेलन की शुरुआत दोपहर एक बजे कुमावत समाज नोहरा, हाथीनाड़ा स्थित केदारेश्वर महादेव मंदिर से भव्य शोभायात्रा के साथ हुई। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और धार्मिक जयघोष के साथ निकली इस यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शोभायात्रा की विशेष पहचान बनी करीब 2100 मातृशक्ति, जो सिर पर मंगल कलश धारण कर भक्ति भाव से नृत्य करती हुई आगे बढ़ रही थीं। शोभायात्रा में बाबा रामदेव, प्रभु चारभुजा नाथ और सांवरिया सेठ की सजीव और मनोहारी झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। वहीं भारत माता के रूप में सजी नन्ही बालिका और प्रभु श्रीनाथजी के स्वरूप के साथ सेल्फी लेने के लिए लोगों में खास उत्साह देखने को मिला। मुखजी चौराहा, जेके मोड़ और कांकरोली पुराने बस स्टैंड पर स्थानीय नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया।
धर्मसभा में राष्ट्र और संस्कृति पर हुआ चिंतन
Hindu Shobha Yatra Rajasthan : द्वारकेश वाटिका में आयोजित धर्मसभा में मुनि संबोध कुमार मेघांश, मुनि विशाल कुमार, मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद के सुरेंद्र सिंह राव, विशिष्ट अतिथि किन्नर समाज प्रमुखा पारसमणी भुआजी, कार्यक्रम संयोजक चंद्र मोहन सोलंकी एवं सह संयोजक अशोक रांका मंचासीन रहे। सभा की अध्यक्षता द्वारकाधीश मंदिर के विशेषाधिकारी देव शंकर शास्त्री ने की। धर्मसभा का शुभारंभ भारत माता की छवि के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम का परिचय रजनीकांत साहू ने दिया, स्वागत उद्बोधन अशोक रांका ने प्रस्तुत किया तथा कार्यक्रम की रूपरेखा मोहन कुमावत ने रखी। इस दौरान ललित खींची ने भावपूर्ण काव्य गीत की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
“विचारों में हमेशा भारत दिखना चाहिए” — मुनि संबोध कुमार

Rajsamand Hindu Sammelan 2026 : धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि संबोध कुमार मेघांश ने राष्ट्रवाद, सामाजिक एकता और अखंडता का सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति चाहे किसी भी ग्रंथ या साहित्य का अध्ययन करे, लेकिन उसके विचारों में भारत सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारत में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान जाति या संप्रदाय से ऊपर हिंदुस्तानी के रूप में होनी चाहिए। जो व्यक्ति राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने का भाव रखता है, वही सच्चा देशभक्त है। मुनि ने युवाओं को सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के प्रति सचेत करते हुए इसके सकारात्मक उपयोग पर बल दिया, ताकि देश की अखंडता और सामाजिक सौहार्द बना रहे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी जनता की सेवा में लगे हैं, लेकिन समाज के उत्थान के लिए नागरिकों को स्वयं आगे आना होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हर भारतीय को यह भाव रखना चाहिए कि वह अखंड भारत का हिस्सा है और सदैव रहेगा।

“हिंदू संस्कृति का उद्देश्य संसार को शांति देना” — सुरेंद्र सिंह राव
RSS Shatabdi Varsh Samaroh : मुख्य वक्ता सुरेंद्र सिंह राव ने श्रीमद्भागवत के प्रसंगों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की गहराई को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने कहा कि सृष्टि की रचना के दौरान ब्रह्मा जी को मनुष्य की रचना के बाद ही पूर्ण संतोष प्राप्त हुआ, क्योंकि मानव को बुद्धि रूपी अनुपम वरदान मिला। उन्होंने गुरु रामदास, शिवाजी, तुलसीदास, कबीर और सूरदास जैसे महापुरुषों का उल्लेख करते हुए बताया कि विचारों और कर्मों ने ही समाज में क्रांतिकारी बदलाव लाए। राव ने कहा कि भारतीय संस्कृति “सर्वे भवन्तु सुखिनः” और “वसुधैव कुटुंबकम्” की भावना पर आधारित है, जहां संपूर्ण विश्व को एक परिवार माना गया है। हमारी संस्कृति की नीति संसार को शांति, अध्यात्म और आनंद देने की है और इस विरासत पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए।
अतिथियों का हुआ सम्मान, पुलिस व्यवस्था रही चाक-चौबंद
कार्यक्रम के प्रारंभ में आयोजन समिति के सदस्यों ने अतिथियों एवं भामाशाहों का प्रभु श्रीराम की छवि, साहित्य और इकलाई भेंट कर सम्मान किया। कार्यक्रम में विधायक दीप्ति माहेश्वरी, पूर्व विधायक बंशीलाल गहलोत, भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल, प्रधान अरविंद सिंह राठौड़ सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में महिला-पुरुष उपस्थित रहे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस उपाधीक्षक नेत्रपाल सिंह, थाना अधिकारी सरोज बैरवा, यातायात प्रभारी कैलाश चंद्र सहित पुलिस जाब्ता मुस्तैद रहा। कार्यक्रम का संचालन हित्विका शर्मा और तरुणा कुमावत ने किया तथा आभार हिम्मत कुमावत ने ज्ञापित किया।
