
Hindustan Zinc CSR initiatives : हिंदुस्तान जिंक की प्रमुख कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल, जिंक कौशल केंद्र, ग्रामीण युवाओं को न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी रोजगार के अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को बाजार-प्रासंगिक कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार, उद्यमिता, तथा वैश्विक करियर के लिए तैयार करने पर केंद्रित है। विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर, हिंदुस्तान जिंक ने अपने परिचालन क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित और कुशल बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।
2019 में शुरू हुआ जिंक कौशल केंद्र, हिंदुस्तान जिंक की एक प्रमुख कौशल विकास पहल है, जो राजस्थान और उत्तराखंड के 6 जिलों में 7 विशेष प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से संचालित होती है। इन केंद्रों ने अब तक 8,600 से अधिक ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित किया है, जिनमें 45 प्रतिशत महिलाएँ शामिल हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हॉस्पिटैलिटी, रिटेल, सिक्योरिटी, सोलर, और माइक्रोफाइनेंस जैसे क्षेत्र शामिल हैं, जिनमें से 7,250 से अधिक प्रशिक्षुओं ने रोजगार या स्वरोजगार के अवसर प्राप्त किए हैं। हिंदुस्तान जिंक का यह कार्यक्रम समावेशी विकास पर केंद्रित है, जो न केवल सामान्य युवाओं बल्कि दिव्यांग युवाओं को भी सहायता प्रदान करता है। यह आत्मनिर्भर भारत और विकसित राजस्थान जैसे राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों के साथ भी संरेखित है। कंपनी ने 500 से अधिक भर्ती भागीदारों जैसे टाटा मोटर्स, एसबीआई कार्ड्स, जाइडस हॉस्पिटल्स, और रिलायंस रिटेल के साथ साझेदारी की है, जिससे प्रशिक्षुओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
प्रमुख उपलब्धियाँ
- महिला सशक्तिकरण: जिंक कौशल केंद्र ने भारत की पहली सभी महिला अनआर्म्ड सिक्योरिटी बैच को प्रशिक्षित किया, जिसने 100 प्रतिशत प्लेसमेंट हासिल किया।
- वैश्विक अवसर: प्रशिक्षित युवा अब यूरोप में क्रूज लाइनर और खाड़ी देशों में तकनीकी भूमिकाओं में कार्य कर रहे हैं।
- उद्यमिता को बढ़ावा: कई प्रशिक्षु स्वरोजगार के माध्यम से अपने व्यवसाय शुरू कर रहे हैं, जिससे स्थानीय समुदायों में आर्थिक विकास हो रहा है।
सफलता की कहानियाँ: ग्रामीण भारत से वैश्विक मंच तक
Zinc Kaushal Kendra rural youth training : जिंक कौशल केंद्र ने कई ग्रामीण युवाओं को उनके सपनों को साकार करने में मदद की है। यहाँ दो प्रेरणादायक कहानियाँ हैं जो इस पहल की सफलता को दर्शाती हैं:
दीपिका देवड़ा: हॉस्पिटैलिटी में वैश्विक उड़ान
उदयपुर के पास डबोक की निवासी दीपिका देवड़ा ने जिंक कौशल केंद्र, उदयपुर से हॉस्पिटैलिटी में प्रशिक्षण प्राप्त किया। स्थानीय होटलों में अपने करियर की शुरुआत करने के बाद, उन्होंने क्रूज लाइन हॉस्पिटैलिटी में अवसर तलाशा। आज, दीपिका मारेला क्रूज (स्पेन) में कार्यरत हैं, जहाँ उन्हें प्रति माह 60,000 रुपये से अधिक का वेतन, पूर्ण आवास, और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर का लाभ मिलता है। उनकी कहानी इस बात का प्रमाण है कि सही प्रशिक्षण और अवसरों के साथ ग्रामीण भारत की बेटियाँ वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकती हैं। Women empowerment CSR Hindustan Zinc
ललित जांगिड़: तकनीकी क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय करियर
Hindustan Zinc skill development programs : अजमेर के पास ग्राम के निवासी ललित जांगिड़ ने जिंक कौशल केंद्र, कायड़ में असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन पाठ्यक्रम में प्रशिक्षण लिया। उन्होंने भीवाड़ी में मदरसन सूमी में अपने करियर की शुरुआत की और अब सऊदी अरब में एस्टेरिक्स कंपनी में तकनीशियन के रूप में कार्यरत हैं, जहाँ उन्हें प्रति माह 50,000 रुपये का वेतन मिलता है। उनकी सफलता इस बात को दर्शाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले युवा सही मार्गदर्शन और कौशल के साथ वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
हिंदुस्तान जिंक के सीईओ का दृष्टिकोण

हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा:
“हम सिर्फ व्यक्तियों को प्रशिक्षित नहीं कर रहे हैं, हम ग्रामीण भारत के भविष्य को आकार दे रहे हैं। जिंक कौशल केंद्र एक ऐसा मंच है जो आकांक्षा को अवसरों से जोड़ता है। आज, हमारे युवाओं को देश और विदेश में अपने भविष्य को संवारते हुए देखना बेहद संतोषजनक है। प्रत्येक वैश्विक प्लेसमेंट एक विकसित भारत की दिशा में एक कदम है, जहाँ कोई भी सपना बहुत बड़ा नहीं है और कोई भी गाँव बहुत छोटा नहीं है।”

व्यापक सामाजिक प्रभाव

Skill training for rural youth India : हिंदुस्तान जिंक की सीएसआर पहलें केवल कौशल विकास तक सीमित नहीं हैं। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 में 2,300 गाँवों में 23 लाख से अधिक लोगों तक अपनी पहुँच बनाई है। इसके अतिरिक्त:
- महिला सशक्तिकरण: 2,000 से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 27,000 महिलाओं को सशक्त बनाया गया है।
- शिक्षा: शिक्षा संबल और ऊंची उड़ान जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से 2 लाख छात्रों को शिक्षा के अवसर प्रदान किए गए हैं।
- कृषि: समाधान पहल के तहत 35,000 से अधिक किसान परिवारों को सहायता प्रदान की गई है।
ये प्रयास शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कृषि, स्वास्थ्य सेवा, और आजीविका के क्षेत्र में समावेशी और सतत विकास के लिए हिंदुस्तान जिंक की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
