
IBJA Gold Silver Price Drop : सोना-चांदी की कीमतों में इस सप्ताह बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। बीते कुछ दिनों में दोनों कीमती धातुओं के भाव दबाव में रहे, जिसके चलते सोना और चांदी दोनों सस्ते हो गए। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सोना इस हफ्ते 4,276 रुपए टूटकर 1.43 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। इससे पहले 20 मार्च को सोने का भाव 1.47 लाख रुपए के करीब था। यानी हफ्तेभर में निवेशकों और ग्राहकों को कीमतों में साफ गिरावट देखने को मिली।
वहीं चांदी की कीमत में भी तेज गिरावट आई है। चांदी 2.32 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर से फिसलकर 2.21 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई है। इस तरह चांदी में 10,717 रुपए की कमी दर्ज की गई। लगातार गिरते दामों ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है और निवेशकों की नजर अब अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर टिक गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी तनावपूर्ण हालात का असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है। ऐसे माहौल में निवेशक अपनी गोल्ड होल्डिंग्स बेचकर नकदी, खासकर डॉलर, जमा कर रहे हैं ताकि बाजार में बनी अनिश्चितता और अस्थिरता से खुद को सुरक्षित रख सकें। इसी वजह से डॉलर की मांग बढ़ी है और सोना-चांदी के दामों पर दबाव बना है। जब निवेशक सोने जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली संपत्तियों से पैसा निकालकर डॉलर की ओर जाते हैं, तो बाजार में कीमतें नीचे आने लगती हैं।

इस हफ्ते भाव में कितना उतार-चढ़ाव रहा
Silver price today : हफ्तेभर के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोने और चांदी दोनों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 27 मार्च 2026 को सोने का भाव 1,42,942 रुपए और चांदी का भाव 2,21,647 रुपए दर्ज किया गया। 25 मार्च 2026 को सोना 1,46,205 रुपए और चांदी 2,34,814 रुपए पर थी। 24 मार्च 2026 को सोने का दाम 1,40,420 रुपए और चांदी 2,24,545 रुपए रहा। 23 मार्च 2026 को सोना 1,39,569 रुपए और चांदी 2,19,260 रुपए पर दर्ज की गई। इन आंकड़ों से साफ है कि बाजार में एक ही हफ्ते के भीतर तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन कुल मिलाकर रुझान गिरावट का ही रहा।

अलग-अलग शहरों में अलग क्यों होते हैं सोने के दाम
sona chandi bhav : देशभर में सोने की कीमतें एक जैसी नहीं होतीं। अलग-अलग शहरों में सोने के रेट में अंतर देखने को मिलता है और इसके पीछे कई व्यावहारिक कारण होते हैं।
1. ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा खर्च
सोने को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने में ईंधन, लॉजिस्टिक्स और कड़ी सुरक्षा का खर्च लगता है। आयात केंद्रों से दूरी बढ़ने पर यह लागत और ज्यादा हो जाती है, जिसका असर स्थानीय कीमतों पर पड़ता है।
2. खरीदारी की मात्रा
कुछ क्षेत्रों, खासकर दक्षिण भारत में, सोने की खपत अधिक रहती है। वहां ज्वेलर्स बड़ी मात्रा में सोना खरीदते हैं, जिसके कारण उन्हें थोक स्तर पर कुछ लाभ मिल सकता है। कई बार इसका असर ग्राहकों को मिलने वाले रेट पर भी दिखता है।
3. स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन की भूमिका
हर राज्य और शहर में ज्वेलर्स के अपने संगठन होते हैं, जो स्थानीय मांग, सप्लाई और व्यापारिक परिस्थितियों को देखते हुए रेट तय करने में भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि एक शहर का भाव दूसरे शहर से थोड़ा अलग हो सकता है।
4. पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य
किस ज्वेलर ने अपना स्टॉक किस कीमत पर खरीदा है, यह भी बहुत मायने रखता है। जिनके पास पुराने और कम कीमत वाले स्टॉक होते हैं, वे ग्राहकों को अपेक्षाकृत कम रेट पर सोना बेच सकते हैं।
28 मार्च 2026: सोने की कीमत की सारणी
कैरेट के अनुसार भाव
| कैरेट | कीमत (रुपए/10 ग्राम) |
|---|---|
| 14 कैरेट | ₹83,621 |
| 18 कैरेट | ₹1,07,207 |
| 22 कैरेट | ₹1,30,935 |
| 24 कैरेट | ₹1,42,942 |
नोट: भाव (रुपए/10 ग्राम)
स्रोत: IBJA
प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव
| शहर | कीमत (रुपए/10 ग्राम) |
|---|---|
| जयपुर | ₹1,44,860 |
| दिल्ली | ₹1,44,860 |
| पटना | ₹1,44,760 |
| अहमदाबाद | ₹1,44,760 |
| लखनऊ | ₹1,44,860 |
| कोलकाता | ₹1,44,710 |
| मुंबई | ₹1,44,710 |
| रायपुर | ₹1,44,710 |
| भोपाल | ₹1,44,760 |
| चेन्नई | ₹1,46,510 |
नोट: भाव 24 कैरेट (रुपए/10 ग्राम)
ऑलटाइम हाई से काफी नीचे आई चांदी
gold price latest update : इस साल सोना-चांदी दोनों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 31 दिसंबर 2025 को सोने का दाम 1.33 लाख रुपए था। इसके बाद तेजी का दौर आया और 29 जनवरी को सोना 1.76 लाख रुपए के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। लेकिन तब से अब तक सोना 33,179 रुपए सस्ता हो चुका है।
चांदी की बात करें तो 31 दिसंबर 2025 को इसका भाव 2.30 लाख रुपए प्रति किलो था। बाद में 29 जनवरी को चांदी 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई तक पहुंच गई थी। अब वहां से चांदी में बड़ी गिरावट आई है और बीते 57 दिनों में यह करीब 1.64 लाख रुपए सस्ती हो चुकी है। यह गिरावट बताती है कि बाजार में अस्थिरता कितनी तेज रही है।
सोना खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान
Gold Silver price crash reason : सोना खरीदते समय केवल कीमत देखना ही काफी नहीं है। ग्राहकों को गुणवत्ता और प्रामाणिकता पर भी बराबर ध्यान देना चाहिए।
1. हमेशा हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड खरीदें
सोना खरीदते समय यह जरूर देखें कि उस पर ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड यानी BIS का हॉलमार्क लगा हो। हॉलमार्क इस बात की पुष्टि करता है कि सोना तय शुद्धता के मानकों पर खरा उतरता है। इसके साथ एक अल्फान्यूमेरिक कोड भी होता है, जिससे उसकी प्रमाणिकता की जानकारी मिलती है।
2. कीमत को एक से अधिक स्रोतों से जांचें
सोने का वजन, कैरेट और दिन का बाजार भाव अलग-अलग हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले विश्वसनीय स्रोतों, जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की दरों से कीमत का मिलान जरूर करें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के भाव में फर्क होता है, इसलिए यह अंतर समझना जरूरी है।
असली चांदी पहचानने के आसान तरीके
चांदी खरीदते समय भी सावधानी जरूरी है। असली और नकली चांदी की पहचान के लिए कुछ आसान तरीके अपनाए जा सकते हैं।
1. मैग्नेट टेस्ट
असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती। अगर कोई धातु चुंबक की ओर आकर्षित हो रही है, तो उसके नकली होने की आशंका बढ़ जाती है।
2. आइस टेस्ट
चांदी गर्मी की बहुत अच्छी चालक होती है। यदि चांदी पर बर्फ रखी जाए और वह तेजी से पिघलने लगे, तो यह असली चांदी होने का संकेत हो सकता है।
3. स्मेल टेस्ट
असली चांदी में सामान्यतः कोई गंध नहीं होती। अगर धातु से कॉपर जैसी या किसी अन्य तरह की तेज गंध आए, तो उसमें मिलावट हो सकती है।
4. कपड़ा रगड़कर जांच
चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ने पर यदि काला निशान आता है, तो यह उसके असली होने का एक संकेत माना जाता है। हालांकि अंतिम पुष्टि के लिए विशेषज्ञ जांच बेहतर रहती है।
निवेशकों और खरीदारों के लिए क्या संकेत
सोना-चांदी में आई यह गिरावट निवेशकों और आम खरीदारों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। एक ओर जहां निवेशक वैश्विक घटनाक्रम को देखते हुए सतर्क रणनीति अपना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए यह कीमतों में राहत का मौका भी हो सकता है। हालांकि बाजार की दिशा फिलहाल अंतरराष्ट्रीय तनाव, डॉलर की चाल और निवेशकों की रणनीति पर निर्भर करती दिख रही है।
कुल मिलाकर, इस हफ्ते सोना और चांदी दोनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। डॉलर की मजबूत मांग और वैश्विक तनाव के बीच कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। आने वाले दिनों में भी इनकी कीमतें अंतरराष्ट्रीय हालात और निवेशकों की गतिविधियों के आधार पर बदल सकती हैं।



