
ICL Fincorp NCD Issue 2026 : यदि आप पारंपरिक Bank FD से बेहतर रिटर्न की तलाश में हैं और एक निश्चित ब्याज दर (Fixed Return) वाले निवेश विकल्प पर विचार कर रहे हैं, तो ICL फिनकॉर्प का नया NCD (Non-Convertible Debenture) इश्यू आपके लिए आकर्षक साबित हो सकता है। यह इश्यू 5 फरवरी से खुला है और 18 फरवरी तक निवेश के लिए उपलब्ध रहेगा।
13 फरवरी को दोपहर 12 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, यह इश्यू कुल 1.74 गुना सब्सक्राइब हो चुका है, जो निवेशकों की मजबूत रुचि को दर्शाता है। कंपनी इस NCD पर सालाना अधिकतम 12.25% तक का ब्याज ऑफर कर रही है। इस हिसाब से यदि कोई निवेशक ₹1 लाख का निवेश करता है, तो उसे एक वर्ष में लगभग ₹12,250 तक का ब्याज मिल सकता है, जो सामान्य बैंक एफडी से काफी अधिक है।
HNI सेगमेंट में जबरदस्त मांग
ICL Fincorp NCD interest rate : इस इश्यू को हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) सेगमेंट में 3.72 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है, जो दर्शाता है कि बड़े निवेशक इसमें खास दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
- रिटेल निवेशकों का हिस्सा 0.95 गुना भरा है।
- नॉन-इंस्टीट्यूशनल कैटेगरी में 2.02 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया है।
कंपनी के CMD एडवोकेट के.जी. अनिलकुमार ने नए NCD इश्यू को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि निवेशकों से मिल रहा रिस्पॉन्स उत्साहजनक है और यह कंपनी की विश्वसनीयता को दर्शाता है।
13 महीने से 6 साल तक के विकल्प
ICL Fincorp NCD subscription status : ICL फिनकॉर्प ने निवेशकों को अलग-अलग अवधि (Tenure Options) के कुल 10 विकल्प उपलब्ध कराए हैं। इनमें 13, 24, 36, 60 और 72 महीने की अवधि शामिल है। ब्याज दरें 10% से 12.25% के बीच रखी गई हैं, जो निवेश की अवधि और ब्याज भुगतान विकल्प पर निर्भर करती हैं।
निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार ब्याज भुगतान का तरीका चुन सकते हैं:
- मंथली (Monthly Interest)
- सालाना (Annual Interest)
- या मैच्योरिटी पर एकमुश्त (Cumulative Option)
इस इश्यू में न्यूनतम निवेश राशि ₹10,000 रखी गई है, जिससे छोटे निवेशक भी इसमें भाग ले सकते हैं।
निवेश से पहले जान लें ये 3 अहम बातें
1. रिटर्न (Return)
ICL Fincorp NCD review : जहां अधिकतर बैंक एफडी 7% से 8% तक का रिटर्न देती हैं, वहीं यह NCD अधिकतम 12.25% तक का ब्याज ऑफर कर रहा है। यह उन निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है जो फिक्स्ड इनकम की तलाश में हैं।
2. रिस्क (Risk Factor)
इस इश्यू को क्रिसिल (CRISIL) द्वारा ‘BBB- / Stable’ रेटिंग दी गई है। यह इन्वेस्टमेंट ग्रेड की सबसे निचली श्रेणी मानी जाती है, जो मध्यम स्तर की सुरक्षा को दर्शाती है। इसका अर्थ है कि कंपनी में वित्तीय दायित्वों को पूरा करने की क्षमता मौजूद है, लेकिन इसमें कुछ जोखिम भी शामिल है।
3. अवधि (Tenure Flexibility)
निवेशक अपनी जरूरत के अनुसार 13 महीने से लेकर 72 महीने तक की अवधि चुन सकते हैं। यह लचीलापन (Flexibility) निवेशकों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
आवेदन कैसे करें?
ICL Fincorp NCD last date इस NCD में निवेश करने के लिए आपके पास एक एक्टिव Demat Account होना आवश्यक है। इच्छुक निवेशक अपने ब्रोकर के माध्यम से या कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन कर सकते हैं। साथ ही, नजदीकी ब्रांच से भी आवेदन प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

रेटिंग का मतलब समझें
यह एक सिक्योर NCD है, यानी कंपनी की संपत्तियां इसके खिलाफ गिरवी रहती हैं, जिससे निवेशकों को अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है।
हालांकि, ‘BBB-’ रेटिंग यह संकेत देती है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति स्थिर है, लेकिन यह उच्चतम श्रेणी की सुरक्षा नहीं मानी जाती। रेटिंग के साथ जुड़ा ‘Stable’ शब्द बताता है कि निकट भविष्य में कंपनी की वित्तीय स्थिति में बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं है।
34 साल पुरानी कंपनी, 11 राज्यों में विस्तार
ICL फिनकॉर्प पिछले 34 वर्षों से फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में सक्रिय है। एडवोकेट के.जी. अनिलकुमार के नेतृत्व में कंपनी केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली समेत 11 राज्यों में अपना कारोबार संचालित कर रही है।
कंपनी मुख्य रूप से:
- गोल्ड लोन
- बिजनेस लोन
- हायर परचेज लोन
जैसी सेवाएं प्रदान करती है। इसके ग्रुप की एक अन्य कंपनी ‘सेलम ईरोड इन्वेस्टमेंट्स’ बीएसई (BSE) पर लिस्टेड है, जिससे समूह की बाजार में मौजूदगी और विश्वसनीयता मजबूत होती है।
जुटाई गई राशि का उपयोग
इस इश्यू के माध्यम से जुटाए गए फंड का उपयोग कंपनी अपने बिजनेस विस्तार, नई ब्रांच खोलने, टेक्नोलॉजी अपग्रेड और सर्विस क्वालिटी सुधारने में करेगी। कंपनी का लक्ष्य है कि वह ग्राहकों को और अधिक भरोसेमंद तथा आधुनिक वित्तीय समाधान उपलब्ध कराए।
नॉलेज बॉक्स: क्या है NCD?
NCD यानी Non-Convertible Debenture एक प्रकार का डेट इंस्ट्रूमेंट (Debt Instrument) है। इसमें निवेशक कंपनी को एक निश्चित अवधि के लिए पैसा उधार देता है और बदले में कंपनी तय ब्याज दर पर रिटर्न देती है।
इसे शेयर में कन्वर्ट नहीं किया जा सकता, इसलिए इसे ‘Non-Convertible’ कहा जाता है। चूंकि इसमें रिटर्न पहले से तय होता है, इसलिए शेयर बाजार की तुलना में इसका जोखिम अपेक्षाकृत कम माना जाता है, हालांकि यह पूरी तरह जोखिम मुक्त नहीं होता।
📌 डिस्क्लेमर (Disclaimer) : यह समाचार/लेख केवल सामान्य जानकारी (General Information) के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई निवेश संबंधी जानकारी को किसी भी प्रकार की वित्तीय सलाह (Financial Advice), निवेश सलाह (Investment Recommendation) या खरीद-बिक्री की सलाह के रूप में न लें।
