
India Covid cases : देश में एक बार फिर से कोरोनावायरस (Coronavirus) ने चिंता बढ़ा दी है। एक्टिव केसों की संख्या तेजी से बढ़कर 6,815 तक पहुंच गई है। बीते 24 घंटों में 324 नए मामले सामने आए हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग (Health Department) और राज्य सरकारें सतर्क हो गई हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य केरल में 2,053 एक्टिव केस हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। इस बीच, मध्य प्रदेश के ग्वालियर में तीन डॉक्टरों समेत छह नए मामले दर्ज किए गए हैं, जिसके बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर है।
कर्नाटक के मदुरै एयरपोर्ट (Madurai Airport) पर यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग (Thermal Scanning) शुरू कर दी गई है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। वहीं, उत्तर प्रदेश के हरदोई मेडिकल कॉलेज (Hardoi Medical College) में 124 बेड का एक विशेष कोविड वार्ड (Covid Ward) तैयार किया गया है, जिसमें मरीजों के इलाज की पूरी व्यवस्था की गई है।
देश में बढ़ते मामले और मौतें
JN.1 variant symptoms and spread : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश के 12 राज्यों में नए वैरिएंट्स (New Variants) के कारण अब तक 68 मरीजों की मौत हो चुकी है। सोमवार को केरल, दिल्ली और झारखंड में एक-एक मरीज ने दम तोड़ा। महाराष्ट्र इस मामले में सबसे आगे है, जहां अब तक 18 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इन आंकड़ों ने एक बार फिर से लोगों में डर पैदा कर दिया है, हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि स्थिति अभी नियंत्रण में है, लेकिन सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सोमवार को तीन डॉक्टरों समेत छह लोग कोविड पॉजिटिव (Covid Positive) पाए गए। इसके बाद से जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। ग्वालियर में स्वास्थ्य विभाग ने टेस्टिंग (Testing) बढ़ा दी है और अस्पतालों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। मध्य प्रदेश में वर्तमान में 43 एक्टिव केस हैं, और राज्य सरकार स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है।
राज्य सरकारों की तैयारियां
Active Covid-19 cases : कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में राज्य के सभी प्रमुख विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। ममता बनर्जी ने कहा, “हमें उम्मीद है कि यह महामारी (Pandemic) दोबारा बड़े स्तर पर न लौटे, लेकिन हमें हर स्थिति के लिए तैयार रहना होगा। राज्य के सरकारी अस्पतालों में इलाज की पूरी व्यवस्था है, इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।” उन्होंने लोगों से मास्क पहनने, सामाजिक दूरी (Social Distancing) बनाए रखने और भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने की अपील की।
राज्यों में कोरोना की स्थिति और तैयारियां
- गुजरात: गुजरात सरकार ने कोविड से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को मजबूत कर लिया है। स्वास्थ्य मंत्री रुशिकेश पटेल ने बताया कि अस्पतालों में बेड, वेंटिलेटर (Ventilator) और आईसीयू (ICU) की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा, “मौजूदा वैरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) वायरस का ही हिस्सा है, लेकिन यह ज्यादा गंभीर नहीं है। हम किसी भी स्थिति को नियंत्रित करने में सक्षम हैं।” राज्य में लोगों से सतर्कता बरतने और कोविड प्रोटोकॉल (Covid Protocol) का पालन करने की अपील की गई है।
- केरल: केरल में सबसे ज्यादा 2,053 एक्टिव केस हैं, जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। अस्पतालों को जून 2023 में जारी कोविड गाइडलाइंस (Covid Guidelines) का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी अस्पतालों में मास्क (Mask) पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, जुकाम, खांसी और बुखार जैसे लक्षण वाले मरीजों की कोविड टेस्टिंग अनिवार्य कर दी गई है, ताकि संक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके।
- कर्नाटक: कर्नाटक के गुलबर्गा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (Gulbarga Institute of Medical Sciences) में 25 बेड का एक विशेष कोविड वार्ड बनाया गया है। इस वार्ड में पांच बेड आईसीयू (वेंटिलेटर समेत), पांच हाई डिपेंडेंसी यूनिट (High Dependency Unit) और पांच गर्भवती महिलाओं के लिए रिजर्व किए गए हैं। बाकी 10 बेड सामान्य मरीजों के लिए हैं। इसके अलावा, मदुरै एयरपोर्ट पर थर्मल स्कैनर के जरिए यात्रियों की जांच शुरू की गई है।
- उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार ने बुधवार को एक नई गाइडलाइन जारी की, जिसमें जिला प्रशासन को अस्पतालों में ऑक्सीजन (Oxygen) और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारियों (Influenza-Like Illnesses), सांस से जुड़े गंभीर इंफेक्शन (Severe Acute Respiratory Infections) और कोविड मामलों की नियमित रिपोर्टिंग करने को कहा गया है।
- हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में 3 जून को सिरमौर जिले के नाहन में पहला कोविड केस सामने आने के बाद 4 जून से सभी अस्पतालों में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया। राज्य सरकार ने लोगों से सतर्क रहने और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की है।

भारत में नए वैरिएंट्स की पहचान
New Covid variants : भारत में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच चार नए वैरिएंट्स की पहचान की गई है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के डायरेक्टर डॉ. राजीव बहल ने बताया कि दक्षिण और पश्चिम भारत से जिन सैंपल्स की सीक्वेंसिंग (Sequencing) की गई, उनमें LF.7, XFG, JN.1 और NB.1.8.1 सीरीज के वैरिएंट्स पाए गए हैं। इन वैरिएंट्स की जांच के लिए देशभर से सैंपल्स इकट्ठा किए जा रहे हैं। डॉ. बहल ने कहा, “ये मामले गंभीर नहीं हैं, इसलिए लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता बरतना जरूरी है।”
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी इन वैरिएंट्स को चिंताजनक नहीं माना है, लेकिन इन्हें निगरानी में रखे गए वैरिएंट्स (Variants Under Monitoring) की श्रेणी में रखा है। चीन सहित एशिया के कई देशों में कोविड के बढ़ते मामलों में यही वैरिएंट्स देखे गए हैं। NB.1.8.1 वैरिएंट में A435S, V445H और T478I जैसे स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन्स (Spike Protein Mutations) पाए गए हैं, जो इसे अन्य वैरिएंट्स की तुलना में तेजी से फैलने में मदद करते हैं। साथ ही, यह वैरिएंट कोविड के खिलाफ बनी इम्यूनिटी (Immunity) को भी प्रभावित करता है।
JN.1 वैरिएंट का खतरा
India Corona update today : भारत में सबसे ज्यादा फैल रहा वैरिएंट JN.1 है, जो टेस्टिंग में आधे से ज्यादा सैंपल्स में पाया गया है। इसके बाद BA.2 (26 प्रतिशत) और ओमिक्रॉन सबलाइनेज (20 प्रतिशत) वैरिएंट्स के मामले भी सामने आए हैं। JN.1, ओमिक्रॉन के BA.2.86 का एक स्ट्रेन है, जिसे पहली बार अगस्त 2023 में देखा गया था। दिसंबर 2023 में WHO ने इसे ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ (Variant of Interest) घोषित किया था। इस वैरिएंट में करीब 30 म्यूटेशन्स हैं, जो शरीर की इम्यूनिटी को कमजोर करने में सक्षम हैं।
अमेरिका की जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी (Johns Hopkins University) के अनुसार, JN.1 अन्य वैरिएंट्स की तुलना में तेजी से फैलता है, लेकिन यह ज्यादा गंभीर नहीं है। यह वैरिएंट दुनिया के कई हिस्सों में सबसे आम बना हुआ है। JN.1 के लक्षण कुछ दिनों से लेकर हफ्तों तक रह सकते हैं। अगर लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं, तो यह लॉन्ग कोविड (Long Covid) का संकेत हो सकता है। लॉन्ग कोविड एक ऐसी स्थिति है, जिसमें कोविड-19 से ठीक होने के बाद भी कुछ लक्षण जैसे थकान, सांस लेने में तकलीफ और बुखार बने रहते हैं।
सतर्कता और बचाव के उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। मास्क पहनना, सामाजिक दूरी बनाए रखना, बार-बार हाथ धोना और भीड़भाड़ वाली जगहों से बचना जैसे बुनियादी नियमों का पालन करने की सलाह दी जा रही है। जिन लोगों ने अभी तक कोविड वैक्सीन (Covid Vaccine) की बूस्टर डोज (Booster Dose) नहीं ली है, उन्हें जल्द से जल्द इसे लेने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से बुजुर्गों, गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों और बच्चों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
हालांकि, स्थिति अभी नियंत्रण में है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सतर्कता नहीं बरती गई, तो हालात बिगड़ सकते हैं। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर स्थिति पर नजर रख रही हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
