
India Pak War : भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर है, लेकिन इस बीच पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने एक अप्रत्याशित और महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि भारत अपनी आक्रामक कार्रवाइयों को रोक देता है, तो पाकिस्तान भी जवाबी हमले बंद करने और शांति की दिशा में कदम उठाने को तैयार है। यह बयान Operation Sindoor के तहत भारत की हालिया सैन्य कार्रवाइयों और पाकिस्तान की ओर से लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों के जवाब में आया है। डार का यह बयान दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने की दिशा में एक संभावित कदम के रूप में देखा जा रहा है।
इशाक डार का शांति का संदेश
पाकिस्तान के प्रमुख समाचार चैनल Geo News से बातचीत में इशाक डार ने स्पष्ट किया कि उनका देश और अधिक विनाश या आर्थिक नुकसान नहीं चाहता। उन्होंने कहा, “हम अपने देश को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते। हमारा मकसद न तो विनाश है और न ही धन की बर्बादी। पाकिस्तान हमेशा से शांति का पक्षधर रहा है। अगर भारत इस समय अपनी आक्रामकता पर विराम लगाता है, तो हम भी जवाबी कार्रवाइयों को रोकने और शांति की दिशा में कदम उठाने पर विचार करेंगे। हमारा लक्ष्य सच्ची शांति है।”
डार का यह बयान उस समय आया है, जब भारत ने Operation Sindoor के तहत 7 मई 2025 को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए। इन हमलों का उद्देश्य 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लेना था, जिसमें 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे। भारत ने इन हमलों को लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों से जोड़ा, जिन्हें पाकिस्तान का समर्थन प्राप्त है।
भारत की सैन्य कार्रवाइयों का प्रभाव
Operation Sindoor ने पाकिस्तान के आतंकी ढांचे को गहरा झटका दिया। भारतीय सशस्त्र बलों ने बहावलपुर, मुरीदके, सियालकोट और PoK के कई इलाकों में आतंकी ठिकानों को नष्ट किया। अनुमान है कि इन हमलों में करीब 100 आतंकी मारे गए, हालांकि सटीक आंकड़ों की पुष्टि अभी नहीं हुई है। भारत ने इन हमलों को सटीक और सुनियोजित बताते हुए कहा कि कोई भी नागरिक या सैन्य ठिकाना निशाना नहीं बनाया गया।
पाकिस्तान ने इन हमलों को “युद्ध की कार्रवाई” करार देते हुए दावा किया कि भारत ने नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें महिलाएं और बच्चे मारे गए। हालांकि, भारत ने इन दावों को “प्रोपेगेंडा” करार देते हुए खारिज कर दिया और कहा कि उसके हमले केवल आतंकी ठिकानों तक सीमित थे।
पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाइयां और भारत का प्रतिकार
Operation Sindoor के बाद पाकिस्तान ने आक्रामक रुख अपनाते हुए भारत के सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू किए। 8 और 9 मई की रात को पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान के 26 स्थ\[\] अलग-अलग स्थानों पर ड्रोन हमलों की कोशिश की। इनमें श्रीनगर, अवंतीपुरा, उधमपुर और पंजाब के कई वायुसेना अड्डों को निशाना बनाया गया। भारतीय सेना ने इन हमलों को नाकाम करते हुए अपनी S-400 Missile Defence System का प्रभावी उपयोग किया और कई ड्रोन्स को मार गिराया।
पाकिस्तान ने इन हमलों के जवाब में भारत के सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, लेकिन भारतीय सेना ने इनका भी करारा जवाब दिया। भारतीय वायुसेना ने रफीकी, मुरीद, चकलाला, रहीम यार खान, सुक्कुर और चुनियां जैसे पाकिस्तानी सैन्य अड्डों पर सटीक हमले किए, जिनमें कमान और नियंत्रण केंद्र, रडार स्थल और हथियार भंडारण क्षेत्र नष्ट किए गए।
अमेरिका की मध्यस्थता और वैश्विक प्रतिक्रिया
Pakistan Latest news : पाकिस्तान के इस नरम रुख के पीछे अंतरराष्ट्रीय दबाव की भी भूमिका मानी जा रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 10 मई को इशाक डार और भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बात की, जिसमें उन्होंने दोनों देशों से तनाव कम करने और सीधी बातचीत शुरू करने की अपील की। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा, “हमारा मानना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को केवल कूटनीतिक वार्ता के जरिए ही हल किया जा सकता है।”
वैश्विक समुदाय ने भी इस तनाव पर चिंता जताई है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान ने दोनों देशों के विदेश मंत्रियों से बात की और तनाव कम करने की वकालत की। फ्रांस, ब्रिटेन, संयुक्त राष्ट्र और अन्य देशों ने भी संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान की अपील की है।
इशाक डार का बयान: हार की स्वीकारोक्ति या रणनीति?
India War news इशाक डार का यह बयान कई तरह से देखा जा रहा है। कुछ विशेषज्ञ इसे पाकिस्तान की सैन्य और कूटनीतिक कमजोरी की स्वीकारोक्ति मान रहे हैं। Operation Sindoor के बाद पाकिस्तान के आतंकी ढांचे और सैन्य ठिकानों को हुए नुकसान ने उसे बैकफुट पर ला दिया है। दूसरी ओर, कुछ का मानना है कि यह बयान अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते एक रणनीतिक कदम हो सकता है, ताकि पाकिस्तान वैश्विक मंच पर खुद को शांति का पक्षधर दिखा सके।
पाकिस्तान के इस बयान से पहले उसके रुख में आक्रामकता थी। डार ने पहलगाम हमले के आतंकियों को “स्वतंत्रता सेनानी” कहकर भारत को उकसाने की कोशिश की थी। लेकिन भारत की सैन्य कार्रवाइयों और वैश्विक समर्थन के बाद पाकिस्तान का लहजा बदल गया है।

भारत का रुख: आतंक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ अपनी Zero Tolerance Policy पर अडिग है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा, “पहलगाम हमला पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का परिणाम था। हमारी कार्रवाइयां केवल आतंकी ठिकानों तक सीमित थीं, और हम तनाव बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं।” भारत ने यह भी कहा कि भविष्य में कोई भी आतंकी हमला युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक उच्चस्तरीय बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और सैन्य प्रमुखों के साथ स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने सैन्य तत्परता और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
जनता और विपक्ष का समर्थन
भारत में Operation Sindoor को व्यापक समर्थन मिला है। विपक्षी दल, जैसे कांग्रेस, ने भी सरकार और सेना के कदमों की सराहना की। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा, “विदेश सचिव विक्रम मिसरी और दो महिला अधिकारियों द्वारा दी गई प्रेस कॉन्फ्रेंस ने दुनिया को सही संदेश दिया। यह धर्म का मसला नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई है।”
पहलगाम हमले में अपने परिजनों को खोने वाले लोगों ने भी इस कार्रवाई को न्याय की दिशा में पहला कदम बताया। सोशल मीडिया पर #OperationSindoor और #BharatMataKiJai जैसे हैशटैग्स के साथ जनता ने अपनी सेना का हौसला बढ़ाया।
भविष्य की संभावनाएं
इशाक डार का बयान दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक संभावित शुरुआत हो सकता है। हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया है कि वह तब तक पीछे नहीं हटेगा, जब तक पाकिस्तान आतंकी गतिविधियों को पूरी तरह बंद नहीं करता। विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, “पाकिस्तान के बयानों का मूल्यांकन उसके कार्यों से होगा, न कि शब्दों से।”
दोनों देशों के बीच तनाव का असर क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ रहा है। जम्मू-कश्मीर में स्कूल बंद हैं, और सीमावर्ती इलाकों में ब्लैकआउट लागू है। पंजाब, राजस्थान और हरियाणा में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार का यह बयान Operation Sindoor के बाद भारत की सैन्य और कूटनीतिक ताकत का परिणाम माना जा रहा है। भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता को साबित कर दिया है, और पाकिस्तान को अब यह तय करना है कि वह शांति की राह चुनेगा या आक्रामकता की। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब दोनों देशों के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या यह बयान तनाव का अंत होगा, या फिर यह केवल एक रणनीतिक चाल है? यह आने वाला समय ही बताएगा।



