
Iran Israel war latest update : अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध आज 12वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इस संघर्ष में अब तक 140 अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं, जबकि 7 सैनिकों की मौत की पुष्टि की गई है। वहीं, ईरान ने दावा किया है कि उसके देश में हुए हमलों में करीब 8000 घरों को नुकसान पहुंचा है और 1300 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी के अनुसार, देश में लगभग 9600 नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। इनमें घरों के अलावा बाजार, अस्पताल, दवा केंद्र और स्कूल भी शामिल हैं। इसी बीच ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने इजराइल के कई शहरों पर मिसाइल हमले किए हैं। ईरानी दावे के मुताबिक हाइफा, यरुशलम और तेल अवीव को निशाना बनाया गया।
खाड़ी देश न्यूक्लियर आपदा से बचाव की तैयारी में जुटे
US soldiers injured in Iran war : अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच खाड़ी देशों ने संभावित न्यूक्लियर डिजास्टर से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में बहरीन की एक एजेंसी ने चंडीगढ़ की एक दवा कंपनी से संपर्क साधा है। एजेंसी ने कंपनी से पूछा है कि क्या वह न्यूक्लियर इमरजेंसी में उपयोग होने वाली ‘प्रुशियन ब्लू’ कैप्सूल बड़ी मात्रा में तैयार कर सकती है। जानकारी के अनुसार, करीब 1 करोड़ कैप्सूल बनाने की क्षमता के बारे में पूछताछ की गई है। साथ ही यह भी जानकारी मांगी गई है कि अलग-अलग उम्र के लोगों को इसकी कितनी खुराक दी जानी चाहिए। यह दवा शरीर में पहुंच चुके रेडियोएक्टिव तत्वों के असर को कम करने में मदद करती है। ऐसे तत्व शरीर में चले जाएं तो यह कैप्सूल उन्हें आंतों में बांधकर मल के जरिए बाहर निकालने में सहायक होती है। पहले यह दवा मुख्य रूप से अमेरिका और यूरोप में बनती थी, लेकिन भारत में इसका व्यावसायिक उत्पादन करीब दो साल पहले शुरू हुआ। यदि यह डील तय हो जाती है, तो यह दवा बहरीन, कुवैत, कतर और जॉर्डन जैसे खाड़ी देशों को भेजी जा सकती है।
ईरान युद्ध का असर थाईलैंड तक
7 US soldiers killed Iran war : ईरान युद्ध का असर अब एशिया के कई देशों में दिखाई देने लगा है। तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण कम से कम 9 एशियाई देशों में ऊर्जा संकट गहराने लगा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई देशों को ईंधन बचाने और ऊर्जा संकट से निपटने के लिए सख्त कदम उठाने पड़े हैं। थाईलैंड ने सरकारी दफ्तरों में लिफ्ट के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है और कर्मचारियों को सीढ़ियों का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा कर्मचारियों को सूट-टाई जैसे औपचारिक कपड़े पहनने से भी मना किया गया है, ताकि एयर कंडीशनर का इस्तेमाल कम किया जा सके।

दावा- ट्रम्प ईरान के खार्ग आइलैंड पर कब्जे के विकल्प पर विचार कर रहे
Iran missile attack on Israel : अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित खार्ग आइलैंड का महत्व अचानक बढ़ गया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ट्रम्प प्रशासन इस आइलैंड पर कब्जे को लेकर सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है, क्योंकि यह ईरान की तेल आय का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। दरअसल, ईरान के करीब 80 से 90 प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात इसी आइलैंड से होता है। यहां बड़े ऑयल टर्मिनल, पाइपलाइन, स्टोरेज टैंक और जहाजों में तेल भरने की अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। बताया जाता है कि यहां से प्रतिदिन करीब 70 लाख बैरल तक तेल जहाजों में लादा जा सकता है।
अमेरिका ने युद्ध के पहले दो दिनों में ₹46 हजार करोड़ खर्च किए
Israel airstrikes on Tehran : अमेरिका ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध के शुरुआती दो दिनों में करीब 5.6 अरब डॉलर यानी लगभग 46 हजार करोड़ रुपए खर्च किए। यह जानकारी अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने संसद को सौंपी गई एक रिपोर्ट में दी है। रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध की शुरुआत में अमेरिकी सेना ने बड़ी संख्या में महंगे और अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया। इनमें लंबी दूरी तक मार करने वाली प्रिसिजन-गाइडेड मिसाइलें और अन्य एडवांस हथियार शामिल थे। इसके अलावा अमेरिका और उसके सहयोगियों को ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को रोकने के लिए भी बड़ी संख्या में एयर डिफेंस हथियारों का इस्तेमाल करना पड़ा।
सैटेलाइट से अमेरिकी ठिकानों की लोकेशन ट्रैक कर रहा था चीन
28 फरवरी को ईरान पर पहली मिसाइल दागे जाने से पहले ही चीनी सोशल मीडिया पर ऐसे संकेत मिलने लगे थे कि अमेरिका कोई बड़ा हमला करने की तैयारी में है। इंटरनेट पर अमेरिकी सैन्य गतिविधियों से जुड़ी सैटेलाइट तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगी थीं। इन तस्वीरों में रनवे पर खड़े लड़ाकू विमान, रेगिस्तानी एयरफील्ड पर उतरते ट्रांसपोर्ट प्लेन और भूमध्यसागर में एक विमानवाहक पोत के डेक पर तैनात फाइटर जेट दिखाई दे रहे थे। इन तस्वीरों की खास बात यह थी कि इनमें असामान्य रूप से बहुत अधिक जानकारी दी गई थी, और वह भी अंग्रेजी में नहीं बल्कि मंदारिन भाषा में लिखी गई थी।
कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर ईरान का हमला
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना के मुख्यालयों पर मिसाइल हमला किया है। ईरान के अनुसार, उसने चार मिसाइलें दागीं, जिनमें से दो मिसाइलें कुवैत के कैंप आरिफजान सैन्य बेस को निशाना बनाकर छोड़ी गईं। यह बेस अमेरिका की सेना के लिए क्षेत्र का एक बड़ा लॉजिस्टिक केंद्र माना जाता है। कुवैत स्थित इस बेस पर पहले भी ईरानी हमलों और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आ चुकी हैं, जिनसे सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचा था। ईरान ने मंगलवार रात इजराइल पर भी मिसाइल हमले किए।
जंग से किस देश को क्या नुकसान
ऊर्जा संकट
भारत: कतर और UAE से अपनी 59% LNG खरीदता है। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।
पाकिस्तान: कतर और UAE पर निर्भरता के चलते गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है। मंत्रियों की विदेश यात्राओं पर रोक लगी है, स्कूल दो हफ्तों के लिए बंद हैं और लोगों को घर से काम करने की सलाह दी गई है।
बांग्लादेश: पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर सीमा तय की गई है, जबकि यूनिवर्सिटीज बंद कर दी गई हैं।
वियतनाम: ईंधन बचाने के लिए कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम के निर्देश दिए गए हैं।
मिस्र: ईंधन की कीमतों में 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है।
थाईलैंड: लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है।
सऊदी अरब: दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी मानी जाने वाली रास तनुरा रिफाइनरी हमले के चलते ठप पड़ी है।
अप्रवासी संकट
भारत: खाड़ी देशों में फंसे करीब 52,000 भारतीय वापस लौट चुके हैं।
अफगानिस्तान: ईरान से करीब 80 हजार अफगानी लौट चुके हैं, जबकि रोजाना करीब 2,000 लोग सीमा पार कर रहे हैं।
सीरिया: 2 मार्च से अब तक 80 हजार से अधिक सीरियाई लेबनान से लौट चुके हैं।
लेबनान: करीब 5 लाख लोगों ने देश छोड़ दिया है।
हवाई यातायात संकट
- ईरान और इजराइल ने अपना हवाई क्षेत्र पूरी तरह बंद कर दिया है।
- UAE, कतर और कुवैत ने भी एयरस्पेस बंद किया, जिससे हजारों उड़ानें रद्द हुईं।
- इराक ने एयरस्पेस बंद रखने की अवधि 72 घंटे बढ़ा दी है।
- पाकिस्तान ने भी अपने हवाई क्षेत्र के कुछ हिस्से बंद किए हैं।
उत्तर कोरिया ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर का समर्थन किया
उत्तर कोरिया ने कहा है कि वह ईरान के नए सुप्रीम लीडर के चयन के फैसले का सम्मान करता है। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि ईरान की जनता को अपने देश के सर्वोच्च नेता को चुनने का पूरा अधिकार है। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के निधन के बाद उनके दूसरे बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। उत्तर कोरिया ने अमेरिका और इजराइल पर आरोप लगाया कि उनके कदमों से क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को नुकसान पहुंच रहा है और वैश्विक अस्थिरता बढ़ रही है।
ईरान का इजराइल पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला
इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसने युद्ध शुरू होने के बाद इजराइल पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है। ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, इस हमले में कई मिसाइलें दागी गईं, जिनमें लंबी दूरी की ‘खोरमशहर’ बैलिस्टिक मिसाइल भी शामिल थी। ईरान का कहना है कि इन मिसाइलों से इजराइल के कई ठिकानों और इलाके में मौजूद अमेरिकी बेसों को निशाना बनाया गया। IRGC ने कहा है कि उसके हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक दुश्मन पूरी तरह परास्त नहीं हो जाता। वहीं अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी कहा कि अमेरिका तब तक पीछे नहीं हटेगा, जब तक दुश्मन को पूरी तरह हराया नहीं जाता।
नेतन्याहू बोले- ईरान युद्ध के लिए विशेष बजट तैयार करेंगे
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के साथ जारी युद्ध के खर्च के लिए इजराइल सरकार अरबों शेकेल का विशेष बजट तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि युद्ध के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि अमेरिका और इजराइल ने युद्ध के दौरान कई सरकारी ठिकानों पर हमले किए हैं और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने ईरान की जनता से अपील की कि वे अली खामेनेई शासन को हटाने का अवसर हाथ से न जाने दें।
पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति से फोन पर की बातचीत
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार रात ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान से फोन पर बात की। इस बातचीत में पुतिन ने कहा कि युद्ध को जल्द रोका जाना चाहिए और क्षेत्रीय तनाव कम करना जरूरी है। रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के मुताबिक, पुतिन ने दोहराया कि इस संघर्ष का समाधान राजनीतिक तरीकों से ही निकाला जाना चाहिए। फोन कॉल के दौरान पजशकियान ने रूस के समर्थन और मानवीय सहायता के लिए आभार जताया। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी कहा था कि उनकी पुतिन से फोन पर बातचीत हुई है। ट्रम्प के अनुसार, दोनों नेताओं ने ईरान युद्ध और यूक्रेन के हालात पर चर्चा की थी। ट्रम्प ने यह भी कहा कि पुतिन ने ईरान युद्ध खत्म कराने में मदद की पेशकश की, हालांकि उन्होंने पुतिन से कहा कि यदि वे रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने में मदद करें, तो यह अधिक बेहतर होगा।
ईरानी महिला फुटबॉल टीम की दो और खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया में शरण
ईरानी महिला फुटबॉल टीम की दो और खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया में शरण मिल गई है। ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री टोनी बर्क ने बताया कि इन दोनों को उन पांच लोगों के समूह से मिला दिया गया है, जिन्हें एक दिन पहले मानवीय वीजा दिया गया था। बाद में शामिल किए गए समूह में एक खिलाड़ी और एक टीम स्टाफ सदस्य भी थे। उन्होंने बाकी खिलाड़ियों को एयरपोर्ट ले जाने से पहले शरण मांगी थी। टीम के बाकी सदस्य सिडनी से ईरान लौट गए। होटल और एयरपोर्ट पर कुछ ईरानी-ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन किया और महिलाओं से ईरान वापस न लौटने की अपील की, क्योंकि उन्हें उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता थी।
कतर से करीब 1000 भारतीय लौटे
कतर में भारतीय दूतावास ने बताया कि करीब 1000 भारतीय यात्री भारत लौट आए हैं। ये लोग कतर एयरवेज की फ्लाइट से नई दिल्ली, मुंबई और कोच्चि पहुंचे। दूतावास ने कहा कि फंसे हुए भारतीयों और इमरजेंसी यात्रा करने वालों की मदद के लिए कतर एयरवेज के साथ समन्वय किया गया। इसके साथ ही, सलवा बॉर्डर से सऊदी अरब जाने वाले भारतीयों के लिए 96 घंटे का अस्थायी ट्रांजिट वीजा भी जारी किया गया है।
दक्षिणी लेबनान में इजराइली हमलों में 5 लोगों की मौत
लेबनान के पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान के टायर जिले के काना इलाके में इजराइली हमलों में 5 लोगों की मौत हो गई। इन हमलों में कम से कम 5 अन्य लोग घायल भी हुए हैं। जानकारी के अनुसार, मृतकों में जौया शहर के मेयर फॉजी फवाज और काउंसिल सदस्य अब्बास बालबेकी भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि पिछले सोमवार से अब तक इजराइली हमलों में 570 लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों लेबनानी नागरिक पहले ही इन इलाकों को छोड़कर जा चुके हैं।
सऊदी अरब ने ड्रोन हमलों को विफल किया
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि शायबा ऑयल फील्ड की ओर बढ़ रहे दो ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराया गया। ड्रोन की पहचान होते ही उन्हें ऑयल फैसिलिटी तक पहुंचने से पहले एम्प्टी क्वार्टर रेगिस्तान में नष्ट कर दिया गया। वहीं सुरक्षा बलों ने अल-खारज गवर्नरेट के पूर्वी हिस्से में पांच और ड्रोन भी निष्क्रिय कर दिए। बुधवार सुबह कम से कम दो ड्रोन और छह मिसाइलों को भी रोककर नष्ट किया गया।
इजराइल ने तेहरान और तबरीज में एक साथ कई ठिकानों पर हमला किया
ईरान की राजधानी तेहरान में रातभर जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इजराइली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने कहा कि उसने तेहरान और तबरीज में एक साथ कई स्थानों पर हमला किया। IDF के अनुसार, तबरीज में एक स्पेशल यूनिट कमांड सेंटर को निशाना बनाया गया। वहीं तेहरान में “इमाम हसन” सिक्योरिटी यूनिट के मिलिट्री कंपाउंड और बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च से जुड़े एक कमांड सेंटर पर भी हमला किया गया। इसके अलावा माराघेह प्रांत में इंटेलिजेंस और जनरल सिक्योरिटी पुलिस के कमांड सेंटर तथा तबरीज में बासिज फोर्सेज के एक बड़े कंपाउंड को भी निशाना बनाया गया। इजराइल ने यह भी दावा किया कि उसने ईरान की ओर से दागी गई कुछ मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर दिया।
ईरान का दावा- इजराइल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया कि उसने इजराइल और मिडिल ईस्ट में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं। IRGC के मुताबिक, तीन घंटे से अधिक समय तक लगातार खोरामशहर सुपर-हेवी मिसाइलें दागी गईं। ईरान ने दावा किया कि तेल अवीव के दक्षिण में हेला सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेंटर, बीर याकूब, पश्चिम यरुशलम और हाइफा की सैन्य साइट्स को निशाना बनाया गया। इसके अलावा इराक के एरबिल में अमेरिकी बेस और बहरीन के मनामा में अमेरिकी पांचवें नेवल फ्लीट मुख्यालय पर भी हमले का दावा किया गया। IRGC ने कहा कि वह अपने लक्ष्यों की प्राप्ति तक ऐसे हमले जारी रखेगा।



