
Iran Israel war LPG impact : ईरान-इजरायल युद्ध के बीच भारत में एलपीजी सप्लाई को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और गैस आयात प्रभावित होने की आशंका के मद्देनजर पेट्रोलियम मंत्रालय ने सरकारी तेल कंपनियों को निर्देश दिया है कि उपलब्ध एलपीजी सिलेंडर सबसे पहले घरेलू उपभोक्ताओं को दिए जाएं। इसके बाद ही व्यावसायिक उपयोग के लिए आपूर्ति की जाए।
सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सिलेंडर रिफिल की प्रतीक्षा अवधि भी बढ़ा दी है। अब एलपीजी रिफिल के लिए इंतजार 21 दिन के बजाय 25 दिन करना होगा। माना जा रहा है कि यह फैसला संभावित आपूर्ति दबाव को संभालने के लिए लिया गया है।
कई राज्यों से कमी की खबरें
India LPG supply priority ; मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बिहार, महाराष्ट्र और पंजाब समेत कई राज्यों में एलपीजी और ईंधन की कमी की खबरें सामने आई हैं। हालांकि केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देशभर में पेट्रोल पंप और गैस स्टेशन सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और फिलहाल किसी बड़े संकट जैसी स्थिति नहीं है।
मंत्रालय ने कंपनियों को क्या निर्देश दिए
India gas import crisis : पेट्रोलियम मंत्रालय ने अपने आदेश में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों से कहा है कि खरीदी गई एलपीजी का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सुनिश्चित किया जाए। साथ ही देश की सभी तेल रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को निर्देश दिया गया है कि प्रोपेन और ब्यूटेन गैस का इस्तेमाल दूसरे पेट्रोकेमिकल उत्पाद बनाने के बजाय केवल एलपीजी उत्पादन में किया जाए।

होटल और रेस्तरां उद्योग में बढ़ी चिंता
domestic LPG supply India : सरकार के इस फैसले के बाद होटल और रेस्तरां उद्योग में चिंता बढ़ गई है। नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने चेतावनी दी है कि यदि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई बाधित हुई तो कई रेस्तरां बंद होने की स्थिति में आ सकते हैं। वहीं, बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने भी कहा है कि गैस की कमी के चलते शहर के कई रेस्तरां बुधवार से अपना संचालन प्रभावित होने की आशंका जता रहे हैं।
जरूरी क्षेत्रों को मिलेगी प्राथमिकता
commercial LPG shortage India : पेट्रोलियम मंत्रालय ने बाद में स्पष्ट किया कि गैर-घरेलू उपयोग के लिए आयातित एलपीजी अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे जरूरी क्षेत्रों को प्राथमिकता से उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही होटल और रेस्तरां सेक्टर की मांग की समीक्षा के लिए तीन सरकारी तेल कंपनियों के निदेशकों की एक समिति भी गठित की गई है।
युद्ध का असर भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर भी नजर
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और अधिक बढ़ गया है। इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान पर लगातार हमले किए जा रहे हैं, जबकि ईरान भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है। ऐसे हालात में भारत सरकार ऊर्जा आपूर्ति को लेकर सतर्क नजर आ रही है और घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देने की रणनीति पर काम कर रही है।



