
Kalyan Jewellers : अक्षय तृतीया, धन और समृद्धि का पर्व, नजदीक है और इस खास मौके पर कल्याण ज्वैलर्स ने स्विगी इंस्टामार्ट के साथ मिलकर एक शानदार पहल की है। देश के भरोसेमंद ज्वैलरी ब्रांड्स में से एक, कल्याण ज्वैलर्स ने क्विक कॉमर्स की दुनिया में कदम रखते हुए देशभर के 100 शहरों में सोने और चांदी के सिक्कों की त्वरित डिलीवरी शुरू की है। अब आप घर बैठे कुछ ही मिनटों में 24 कैरेट सोने और 999 शुद्ध चांदी के प्रमाणित सिक्के खरीद सकते हैं, जिनमें अयोध्या, गणेश, स्वास्तिक, और लक्ष्मी जैसे शुभ प्रतीक शामिल हैं। यह साझेदारी न केवल अक्षय तृतीया के लिए खास है, बल्कि सालभर इन सिक्कों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी।
Akshaya Tritiya Gold Coins : कल्याण ज्वैलर्स और स्विगी इंस्टामार्ट की यह साझेदारी अक्षय तृतीया को और खास बनाने का एक शानदार प्रयास है। यह न केवल परंपरागत खरीदारी को आधुनिक सुविधा से जोड़ता है, बल्कि ग्राहकों को भरोसेमंद और तेज सेवा भी प्रदान करता है। अगर आप इस अक्षय तृतीया सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इंस्टामार्ट ऐप पर कल्याण ज्वैलर्स के सिक्के जरूर देखें। यह पहल निश्चित रूप से भारत में ज्वैलरी खरीदारी के तरीके को बदल रही है।
कल्याण ज्वैलर्स और स्विगी इंस्टामार्ट की अनूठी साझेदारी
Quick Commerce Jewellery : भारत में अक्षय तृतीया का पर्व समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक है। इस दिन सोना और चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। कल्याण ज्वैलर्स, जो अपनी गुणवत्ता और भरोसे के लिए जाना जाता है, ने स्विगी इंस्टामार्ट के साथ साझेदारी कर इस परंपरा को और आसान बना दिया है। अब आपको ज्वैलरी शोरूम में जाने की जरूरत नहीं—बस अपने स्मार्टफोन पर इंस्टामार्ट ऐप खोलें और कुछ ही मिनटों में BIS हॉलमार्क 24 कैरेट सोने और 999 शुद्ध चांदी के सिक्के आपके दरवाजे पर होंगे। यह सेवा देश के 100 शहरों, जिसमें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे प्रमुख मेट्रो शहर शामिल हैं, में उपलब्ध है।
क्या है इस साझेदारी की खासियत?
इस साझेदारी के तहत, कल्याण ज्वैलर्स के प्रमाणित सिक्के इंस्टामार्ट पर उपलब्ध हैं। इनमें शामिल हैं:
- सोने के सिक्के: 0.5 ग्राम और 1 ग्राम (24 कैरेट, BIS हॉलमार्क)। इनमें अयोध्या, भगवान गणेश, स्वास्तिक, और माता लक्ष्मी जैसे शुभ प्रतीक उकेरे गए हैं।
- चांदी के सिक्के: 5 ग्राम, 10 ग्राम, और 20 ग्राम (999 शुद्ध चांदी, प्रमाणित)। इनमें गणपति, लक्ष्मी, और गणेश-लक्ष्मी जैसे डिजाइन हैं।
Swiggy Instamart Gold Delivery : ये सिक्के न केवल पूजा और उपहार के लिए आदर्श हैं, बल्कि निवेश के रूप में भी लोकप्रिय हैं। अक्षय तृतीया के बाद भी ये सिक्के इंस्टामार्ट पर नियमित रूप से उपलब्ध रहेंगे, जिससे आप सालभर कभी भी सोना-चांदी खरीद सकते हैं।
नेताओं का क्या कहना है?
स्विगी इंस्टामार्ट के सीईओ अमितेश झा ने इस साझेदारी पर उत्साह जताते हुए कहा, “अक्षय तृतीया से पहले कल्याण ज्वैलर्स का हमारे प्लेटफॉर्म पर स्वागत करना हमारे लिए गर्व की बात है। ग्राहक अब त्योहारों और परंपरागत खरीदारी के लिए क्विक कॉमर्स की सुविधा को अपनाने लगे हैं। हमारा लक्ष्य है कि ग्राहक किराने की तरह ही आसानी से भरोसेमंद और प्रमाणित सोने-चांदी के सिक्के खरीद सकें।”
वहीं, कल्याण ज्वैलर्स के कार्यकारी निदेशक रमेश कल्याणरमन ने कहा, “स्विगी इंस्टामार्ट के साथ हमारी यह साझेदारी परंपरा और आधुनिकता का अनोखा मेल है। अक्षय तृतीया पर सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है, और अब हमारे ग्राहक कुछ ही मिनटों में ये सिक्के घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं।”
अक्षय तृतीया के लिए खास तैयारी
Certified Silver Coins : अक्षय तृतीया 30 अप्रैल 2025 को मनाई जाएगी, और इस मौके पर कल्याण ज्वैलर्स ने ग्राहकों के लिए खास व्यवस्था की है। इंस्टामार्ट ने 25 अप्रैल से ही इन सिक्कों की बिक्री शुरू कर दी थी, ताकि अंतिम समय की खरीदारी में कोई परेशानी न हो। हैदराबाद में इस साझेदारी को और रोमांचक बनाने के लिए इंस्टामार्ट ने ‘इंस्टागोल्ड’ नाम से एक अनोखा ग्राउंड एक्टिवेशन आयोजित किया। इसमें चॉकलेट से बने सिक्कों के बीच 5 असली सोने के सिक्के छिपाए गए थे, और लोगों को अपनी किस्मत आजमाने का मौका दिया गया। इस आयोजन ने अक्षय तृतीया की भावना को और जीवंत कर दिया।

क्विक कॉमर्स में कल्याण ज्वैलर्स की नई शुरुआत
कल्याण ज्वैलर्स जिसके भारत, मध्य पूर्व, और अमेरिका में 388 से अधिक शोरूम हैं, ने इस साझेदारी के साथ क्विक कॉमर्स की दुनिया में अपनी पहली पारी शुरू की है। यह कदम न केवल ब्रांड की पहुंच को बढ़ाता है, बल्कि ग्राहकों को तेज, भरोसेमंद, और सुविधाजनक खरीदारी का अनुभव भी देता है। इंस्टामार्ट, जो 2020 में लॉन्च होने के बाद से 10-15 मिनट में किराना डिलीवरी के लिए जाना जाता है, अब सोने-चांदी जैसे कीमती सामानों को भी उसी गति से पहुंचा रहा है।
अक्षय तृतीया पर सोने-चांदी में भारी गिरावट
akshaya tritiya 2025 gold rate : अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 30 अप्रैल 2025 को सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय कमी देखी गई है। यह त्योहारी सीजन में खरीदारी के लिए सुनहरा मौका हो सकता है। MCX के अनुसार, सुबह 9:23 बजे 24 कैरेट सोने का भाव लगभग 400 रुपये प्रति 10 ग्राम गिर गया, और वर्तमान में यह 95,353 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। वहीं, चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सुबह 10:12 बजे 10 ग्राम चांदी का दाम 97,500 रुपये रहा, जो 10:13 बजे तक 1,297 रुपये प्रति 10 ग्राम कम हो गया। यह गिरावट अक्षय तृतीया पर खरीदारी को और आकर्षक बना रही है।
सोना खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच जरूरी है। गहनों पर अक्सर 999 या 995 का निशान देखा जाता है। 999 का मतलब है कि गहने में 99.9% शुद्ध सोना है, जबकि 995 में 99.5% सोना होता है। शुद्धता के लिहाज से 999 वाला सोना बेहतर माना जाता है, क्योंकि इसमें अन्य धातुओं की मिलावट कम होती है। अक्षय तृतीया पर सोने-चांदी की खरीदारी शुभ मानी जाती है। कीमतों में इस गिरावट का लाभ उठाने के लिए स्थानीय ज्वैलर्स से संपर्क करें और हॉलमार्क प्रमाणित सोना खरीदें। यह निवेश और परंपरा दोनों के लिए उत्तम समय है।
कल्याण ज्वैलर्स के संघर्ष की प्रेरक कहानी
TS Kalyanaraman : भारत के सबसे लोकप्रिय ज्वैलरी ब्रांड्स में से एक, कल्याण ज्वैलर्स, आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। देशभर में इसके 277 से अधिक आउटलेट्स और 53,703 करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू के साथ यह ब्रांड हर भारतीय के दिल में बस्ता है। अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, कैटरीना कैफ और रश्मिका मंदाना जैसे सितारों ने इसकी मार्केटिंग की है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस विशाल साम्राज्य की नींव एक 12 साल के लड़के ने रखी थी? यह है टीएस कल्याणरमन की प्रेरणादायक कहानी, जिन्होंने मेहनत और लगन से कल्याण ज्वैलर्स को भारत के शीर्ष ज्वैलरी ब्रांड्स में शुमार किया।
टेक्सटाइल से ज्वैलरी तक का सफर
Kalyan Developers : कल्याण ज्वैलर्स की स्थापना साल 1993 में टीएस कल्याणरमन ने की थी। आज 77 वर्षीय कल्याणरमन इस कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। उनकी कहानी बेहद प्रेरक है, क्योंकि उन्होंने महज 12 साल की उम्र से काम शुरू कर दिया था। शुरुआत में वे अपने परिवार के टेक्सटाइल बिजनेस में हाथ बंटाते थे। यह बिजनेस उनके दादा ने लगभग 100 साल पहले एक छोटी सी दुकान से शुरू किया था। टीएस कल्याणरमन ने साल 1993 तक परिवार के इस बिजनेस को संभाला, लेकिन उनके मन में कुछ बड़ा करने की चाह थी।
उन्होंने पारिवारिक बिजनेस को अलविदा कहकर ज्वैलरी उद्योग में कदम रखने का साहसिक फैसला लिया। यह जोखिम भरा कदम था, लेकिन उनकी मेहनत और दूरदर्शिता ने इसे सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। केरल के त्रिशूर में शुरू हुआ कल्याण ज्वैलर्स का पहला स्टोर जल्द ही गुणवत्ता और विश्वास का पर्याय बन गया।
मेहनत और विश्वास से बनी पहचान
कल्याण ज्वैलर्स की सफलता का राज टीएस कल्याणरमन की पारदर्शिता और ग्राहकों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता है। उन्होंने अपने ब्रांड को न केवल डिजाइन और गुणवत्ता के लिए जाना जाता बनाया, बल्कि ग्राहकों का भरोसा भी जीता। कंपनी ने पारंपरिक और आधुनिक ज्वैलरी डिजाइनों का ऐसा मेल पेश किया, जो हर आयु वर्ग को पसंद आया।
साल 2014 में वैश्विक निवेश फर्म वारबर्ग पिन्कस ने कल्याण ज्वैलर्स में निवेश किया, जिसने कंपनी को और मजबूती दी। इसके बाद 2021 में कंपनी ने शेयर बाजार में लिस्टिंग के साथ नया मुकाम हासिल किया। आज कल्याण ज्वैलर्स न केवल भारत, बल्कि मध्य पूर्व जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है।
एक साधारण इंसान से अरबपति तक
टीएस कल्याणरमन की मेहनत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनकी नेटवर्थ आज 3.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 32,964 करोड़ रुपये) है। वे भारत के सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में शामिल हैं। उनकी सफलता की कहानी यह सिखाती है कि उम्र, पृष्ठभूमि या संसाधनों की कमी सपनों को रोक नहीं सकती। कल्याणरमन ने अपनी मेहनत, लगन और सही दृष्टिकोण से एक छोटे से टेक्सटाइल बिजनेस की विरासत को ज्वैलरी उद्योग के विशाल साम्राज्य में बदल दिया।

टीएस कल्याणरमन का बायोडेटा
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नाम | टीएस कल्याणरमन (TS Kalyanaraman) |
| पिता का नाम | टीआर सीतारमैया (T.R. Seetharamaiyer) |
| पत्नी का नाम | रामादेवी (Ramadevi) |
| बच्चों के नाम | – राजेश कल्याणरमन (Rajesh Kalyanaraman), विवाहित माया राजेश से – रमेश कल्याणरमन (Ramesh Kalyanaraman), विवाहित दीपा रमेश से – राधिका (Radhika), गृहिणी, विवाहित कार्तिक आर से (Kalyan Developers के MD) |
| जन्म तारीख | 23 अप्रैल 1947 |
| जन्म स्थान | त्रिशूर, केरल, भारत |
| रुचि | – गोल्फ (कई शौकिया टूर्नामेंट जीते) – प्राचीन ज्वैलरी संग्रह – परोपकार (हैबिटेट फॉर ह्यूमैनिटी इंडिया को 3 मिलियन USD दान) – कला और संस्कृति को बढ़ावा देना |
| शिक्षा | श्री केरल वर्मा कॉलेज, त्रिशूर से वाणिज्य (कॉमर्स) में डिग्री |
| बिजनेस कारोबार | – कल्याण ज्वैलर्स: 1993 में त्रिशूर में पहला स्टोर शुरू, 75 लाख रुपये (50 लाख ऋण, 25 लाख स्वयं) के निवेश से। आज 277+ स्टोर (भारत और मध्य पूर्व), 2024 में 1.4 बिलियन USD राजस्व, मार्केट कैप 53,703 करोड़ रुपये। – कल्याण डेवलपर्स: रियल एस्टेट में विस्तार, केरल में प्रीमियम आवासीय और वाणिज्यिक प्रोजेक्ट्स। – कल्याण ग्रुप: कल्याण सिल्क्स, कल्याण साड़ीज़, और कल्याण कलेक्शन्स का होल्डिंग कंपनी। |
| बिजनेस ग्रोथ | – 1993: त्रिशूर में पहला स्टोर, 4,000 वर्ग फुट, BIS हॉलमार्क और पारदर्शी मूल्य निर्धारण की शुरुआत। – 2014: वारबर्ग पिन्कस से 1,200 करोड़ रुपये का निवेश। – 2021: शेयर बाजार में लिस्टिंग। – 2024: भारत और मध्य पूर्व (UAE, कतर, कुवैत, ओमान) में 277+ स्टोर, 10%+ वार्षिक वृद्धि दर। – राजस्व: 2018 में 10,580 करोड़ रुपये, 2019 में 11,500 करोड़ रुपये से अधिक। |
| भविष्य के प्लान | – विस्तार: भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों (यूएस सहित) में नए स्टोर। – नई श्रेणियां: लैब-ग्रोन डायमंड्स और युवाओं के लिए समकालीन डिजाइन। – तकनीक: AI-आधारित वैयक्तिकरण और वर्चुअल ट्राई-ऑन में निवेश। – अन्य क्षेत्र: मल्टीप्लेक्स और 7-स्टार स्कूलिंग में संभावित प्रवेश। |
| नेटवर्थ | 5.4 बिलियन USD (लगभग 45,397 करोड़ रुपये, 2024 के अनुसार, फोर्ब्स) |
| पुरस्कार और सम्मान | – पद्म श्री (2016, भारत सरकार द्वारा व्यापार में योगदान के लिए) – अनमोल रत्न पुरस्कार (2022, ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वैलरी काउंसिल) – IAA विशेष पुरस्कार (44वां इंटरनेशनल एडवरटाइजिंग एसोसिएशन, कोच्चि) |
नोट:
- टीएस कल्याणरमन की आत्मकथा “द गोल्डन टच” में उनके जीवन और बिजनेस दर्शन का विस्तृत वर्णन है।
- उनकी परोपकारी गतिविधियों में हैबिटेट फॉर ह्यूमैनिटी इंडिया को 2,000 घरों के लिए 3 मिलियन USD का दान शामिल है।
- कल्याण ज्वैलर्स की सफलता में उनके बेटों, राजेश (वित्त और इन्वेंट्री) और रमेश (मार्केटिंग और ऑपरेशन्स), की अहम भूमिका है।



