
Khadya Suraksha Yojana : Rajasthan News : राजस्थान में चल रहे ‘Give Up Campaign’ का असर अब साफ़ तौर पर दिखाई देने लगा है। इस पहल के तहत अब तक राज्य के 17.52 लाख अपात्र लाभार्थियों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना (Food Security Scheme) का लाभ लेना बंद कर दिया है। इससे सरकार को प्रत्येक वर्ष लगभग 324 करोड़ रुपये की बड़ी आर्थिक बचत होने जा रही है।
राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने इस अभियान की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “यह सिर्फ एक बचत नहीं, बल्कि एक समाज हितैषी कदम है, जिससे उन जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाएं पहुंच पा रही हैं जो वास्तव में इसके हकदार हैं।”
🔁 Ration Card News : खाद्य सुरक्षा पोर्टल से जुड़े नए नाम
Ration Card News : राज्य सरकार ने Food Security Portal को फिर से सक्रिय किया है, जिसके जरिए बड़ी संख्या में नए पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ा जा रहा है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार:
- अब तक 19.70 लाख नए लाभार्थी इस योजना में शामिल हो चुके हैं।
- वर्ष 2024 में 12.95 लाख लोगों को जोड़ा गया था।
- जबकि 2025 की शुरुआत से अब तक लगभग 33 लाख नए लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जा चुका है।
इससे स्पष्ट है कि योजना की पारदर्शिता और लाभ की वास्तविक पहुँच पहले से बेहतर हुई है।
🧾 मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी और ‘मां’ योजना का लाभ:
राज्य सरकार ने पात्र लाभार्थियों को सिर्फ खाद्य सुरक्षा योजना ही नहीं, बल्कि कई अन्य राहत योजनाओं से भी जोड़ा है। इनमें प्रमुख हैं:
- मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को 450 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।
- ‘मां योजना’ के तहत पात्र परिवारों को निःशुल्क इलाज (Free Medical Treatment) की सुविधा दी जा रही है।
इन योजनाओं से राज्य के लाखों निम्न आय वर्ग के परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है।
⚖️ ई-केवाईसी अनिवार्यता और सुप्रीम कोर्ट का आदेश:
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, जिन लोगों ने 31 मार्च 2025 तक ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी नहीं की, उन्हें एनएफएसए (NFSA) की सूची से हटा दिया गया है। इस नियम के अंतर्गत:
- करीब 27 लाख लाभार्थियों को योजना से बाहर कर दिया गया है।
मंत्री गोदारा ने यह स्पष्ट किया कि ऐसे अपात्र व्यक्ति जो अभी भी खाद्य सुरक्षा योजनाओं का अनुचित लाभ ले रहे थे, उन्हें अब से मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
⚠️ राशन डीलरों पर होगी सख्त कार्रवाई:
मंत्री ने अपने विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि:
- यदि किसी राशन डीलर द्वारा अनियमितता पाई जाती है, तो उस पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
- साथ ही, जो लोग स्वेच्छा से योजना से नाम नहीं हटा रहे हैं, उनके खिलाफ भी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सरकारी सहायता सिर्फ वास्तविक ज़रूरतमंदों तक ही पहुंचे और संसाधनों का दुरुपयोग रोका जा सके।
🎯 Give up Abhiyan : गिव अप अभियान का उद्देश्य और प्रभाव:
Give up Abhiyan : ‘गिव अप अभियान’ का मुख्य मकसद पात्र और जरूरतमंद लोगों को योजनाओं से जोड़ना है, जिससे उन्हें उनके हक का लाभ मिल सके। इस मुहिम के सफल होने से:
- सरकारी फंड्स का सही और प्रभावी उपयोग हो रहा है।
- योजनाओं में पारदर्शिता और ईमानदारी बढ़ी है।
- अपात्र और फर्जी लाभार्थियों को बाहर कर योजनाओं की विश्वसनीयता में इज़ाफा हुआ है।
राजस्थान सरकार का ‘गिव अप अभियान’ एक मिसाल बनता जा रहा है, जो यह दर्शाता है कि यदि जनभागीदारी और पारदर्शिता से योजनाएं चलाई जाएं, तो सरकारी खर्च में भारी कटौती संभव है। साथ ही, समाज के सबसे ज़रूरतमंद वर्ग को उनका हक भी सुनिश्चित किया जा सकता है।
✅ राजस्थान खाद्य सुरक्षा योजना के लिए पात्रता की मुख्य शर्तें (Eligibility Criteria):
1. 🧑👩👦👦 परिवार की आर्थिक स्थिति:
- वार्षिक पारिवारिक आय एक निर्धारित सीमा से कम होनी चाहिए (आमतौर पर ₹1 लाख से ₹2 लाख के बीच) — यह सीमा जिलों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
- परिवार को गरीबी रेखा (BPL) में शामिल किया गया हो या राज्य सरकार द्वारा निर्धन वर्ग में सूचीबद्ध किया गया हो।
2. 📜 राशन कार्ड की स्थिति:
- व्यक्ति या परिवार के पास प्रमाणित राशन कार्ड (NFSA Card) होना आवश्यक है — जैसे Priority Household (PHH) या Antyodaya Anna Yojana (AAY) कार्ड।
3. 🏠 निवास प्रमाण:
- लाभार्थी को राजस्थान राज्य का स्थायी निवासी (Domicile) होना चाहिए।
4. 📲 ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्यता:
- सभी लाभार्थियों को 31 मार्च 2025 तक e-KYC पूरा करना आवश्यक था।
- जिन लोगों ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की, उनके नाम स्वतः योजना से हटा दिए गए।
5. ⚕️ विशेष श्रेणियाँ पात्र:
कुछ सामाजिक वर्गों को प्राथमिकता दी जाती है:
- विधवा महिलाएं
- विकलांग व्यक्ति
- 60 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक
- निर्धन या बेसहारा महिला/पुरुष
- तलाकशुदा महिलाएं, जिनकी कोई स्थायी आमदनी नहीं है
- दैनिक मजदूरी करने वाले परिवार जो किसी अन्य सरकारी योजना से लाभ नहीं ले रहे
6. 🏡 संपत्ति से जुड़ी शर्तें:
- जिनके पास पक्के मकान, चारपहिया वाहन, कृषि भूमि 5 एकड़ से अधिक, या सरकार द्वारा तय उच्च जीवन-स्तर की अन्य सुविधाएं हैं, वे अयोग्य माने जाते हैं।

⚠️ किन्हें योजना से वंचित किया जा सकता है?
- सरकारी नौकरी करने वाले या पेंशनधारी
- इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने वाले
- जिनके पास ट्रैक्टर, कार, एयर कंडीशनर जैसे विलासिता के सामान हैं
- जो पहले से अन्य लाभकारी सरकारी योजनाओं का उच्च स्तर का लाभ ले रहे हैं
Ration Card Update : अब जरूरी हो गया है अपडेट कराना!
राजस्थान में खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) और मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए अब राशन कार्ड की समय-समय पर अपडेटिंग जरूरी हो गई है। राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘गिव अप अभियान’ और ई-केवाईसी प्रक्रिया के तहत जिन लाभार्थियों ने राशन कार्ड अपडेट नहीं करवाया है, उनका नाम योजना से हटाया जा सकता है।
🔄 राशन कार्ड अपडेट की मुख्य बातें:
✅ 1. e-KYC कराना अनिवार्य:
- सभी राशन कार्डधारकों को आधार कार्ड से लिंक ई-केवाईसी (e-KYC) कराना जरूरी है।
- सरकार ने 31 मार्च 2025 को इसकी अंतिम तिथि तय की थी।
- जिन लोगों ने e-KYC पूरी नहीं की, उनका नाम NFSA सूची से हटा दिया गया है।
📅 2. नाम जोड़ने व हटाने की प्रक्रिया:
- अगर परिवार में नया सदस्य जुड़ा है (जैसे नवजात शिशु या विवाह के बाद कोई नया सदस्य), तो राशन कार्ड में उसका नाम जोड़ना जरूरी है।
- इसी तरह, किसी सदस्य की मृत्यु हो जाने पर नाम हटवाना भी जरूरी है।
- यह कार्य स्थानीय राशन डीलर, ई-मित्र केंद्र या खाद्य सुरक्षा पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है।
🧾 3. दस्तावेज़ क्या लगते हैं?
राशन कार्ड अपडेट के लिए आपको ये दस्तावेज़ देने होंगे:
- आधार कार्ड
- निवासी प्रमाण पत्र (Address proof)
- जन्म प्रमाण पत्र (अगर नवजात का नाम जोड़ना हो)
- मृत्यु प्रमाण पत्र (नाम हटाने के लिए)
- विवाह प्रमाण पत्र (अगर नवविवाहित महिला का नाम जोड़ा जाना हो)
🏢 4. कहां करें अपडेट?
- e-Mitra केंद्र, जनसेवा केंद्र, या खाद्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (food.raj.nic.in) पर जाकर आवेदन किया जा सकता है।
- कुछ जिलों में यह सेवा अब मोबाइल ऐप या ग्राम पंचायत स्तर पर भी उपलब्ध है।
⚠️ अगर अपडेट नहीं कराया तो क्या होगा?
- योजना से नाम कट सकता है।
- रसोई गैस सब्सिडी, मां योजना के तहत इलाज, और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बंद हो सकता है।
- राशन डीलर के यहां आपका कोटा होल्ड पर जा सकता है।
Ration Card Status : ऐसे करें अपने राशन कार्ड की स्थिति की जांच
राजस्थान में अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपका राशन कार्ड अभी भी सक्रिय है या नहीं, या आप खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत आते हैं या नहीं — तो आप घर बैठे ऑनलाइन Ration Card Status चेक कर सकते हैं।
🖥️ ऑनलाइन Ration Card Status चेक करने की प्रक्रिया:
स्टेप 1️⃣:
सबसे पहले राजस्थान खाद्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं:
🔗 https://food.raj.nic.in
स्टेप 2️⃣:
“Ration Card Details” या “नया राशन कार्ड / स्थिति जांचें” वाले विकल्प पर क्लिक करें।
स्टेप 3️⃣:
- अपना जिला, ब्लॉक, पंचायत, और राशन कार्ड नंबर चुनें या दर्ज करें।
- आधार नंबर या मोबाइल नंबर से भी स्टेटस देखा जा सकता है (अगर लिंक किया गया है)।
स्टेप 4️⃣:
“Search” या “Submit” बटन पर क्लिक करें।
✔️ स्टेटस दिखाई देगा:
- अगर आपका राशन कार्ड सक्रिय (Active) है, तो आपके परिवार के सभी सदस्यों के नाम, कोटा विवरण और योजना से जुड़ी जानकारी दिखेगी।
- अगर आपका नाम हटा दिया गया है या Pending Verification में है, तो उसका भी उल्लेख मिलेगा।
मोबाइल से भी कर सकते हैं चेक:
- अब कई जिलों में राशन कार्ड से जुड़ी जानकारी राजस्थान सरकार की ‘Jan Soochna App’ या ‘eMitra App’ पर भी उपलब्ध है।
- वहां लॉगिन करके “Ration Card Status” सेक्शन में जाकर जानकारी ली जा सकती है।
🚨 अगर स्टेटस ‘Inactive’ दिखाए तो क्या करें?
- अपने निकटतम राशन डीलर या e-Mitra केंद्र पर संपर्क करें।
- हो सकता है कि आपकी e-KYC अधूरी हो, या दस्तावेजों का कोई mismatch हो।
- फॉर्म भरकर पुन: सक्रियता का आवेदन किया जा सकता है।
