
Leopard viral video : बूंदी जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां रामगढ़ सेंचुरी से निकला एक लेपर्ड आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया। इस जंगली मेहमान के साथ स्थानीय लोगों ने न केवल सेल्फी ली, बल्कि एक युवक ने तो इसके पूंछ को पकड़ लिया और अन्य लोग इसे धक्का मारते हुए साथ-साथ चलते दिखाई दिए। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों की जागरूकता और सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रामगढ़ सेंचुरी के रेंजर सुमित कुमार ने तत्काल मौके पर पहुंचकर लेपर्ड को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
Leopard selfie incident Bundi सूत्रों के अनुसार, सोमवार की सुबह बसौली रामपुरिया गांव में ग्रामीणों ने एक लेपर्ड को खेतों में देखा। initially, इसकी झलक मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन जब लोगों को पता चला कि यह लेपर्ड घायल और कमजोर है, तो वे इसके करीब आने लगे। कुछ साहसी ग्रामीणों ने इसका फायदा उठाते हुए सेल्फी लेना शुरू कर दिया। एक युवक ने हिम्मत दिखाते हुए लेपर्ड की पूंछ पकड़ ली, जबकि अन्य बार-बार इसे छूने और धक्का देने की कोशिश करते रहे। यह दृश्य न केवल हैरान करने वाला था, बल्कि वन्यजीवों के प्रति लोगों की लापरवाही को भी उजागर करता है।
लेपर्ड की हालत और रेस्क्यू ऑपरेशन
People taking selfie with leopard लेपर्ड की शारीरिक स्थिति देखने में कमजोर थी और वह धीरे-धीरे कदम बढ़ा रहा था। इसके शरीर पर कई जगह गहरे घाव और चोट के निशान साफ दिखाई दे रहे थे। रामगढ़ सेंचुरी के रेंजर सुमित कुमार ने बताया कि लेपर्ड बीमार प्रतीत हो रहा है, और इसके सिर पर मौजूद घाव शायद किसी बड़े जंगली जानवर के हमले का परिणाम हो सकता है। उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए वन विभाग की टीम के साथ मिलकर लेपर्ड को पकड़ा और इलाज के लिए कोटा रवाना किया। रेस्क्यू के दौरान टीम ने सावधानी बरती ताकि न तो लेपर्ड को और नुकसान हो और न ही ग्रामीणों के लिए खतरा बढ़े।
गांव की भौगोलिक स्थिति और वन्यजीवों का मूवमेंट
Leopard rescue in Bundi गांव के सरपंच प्रतिनिधि हरिओम मेघवंशी ने बताया कि बसौली रामपुरिया गांव चारों ओर से पहाड़ी इलाकों से घिरा हुआ है, जिसके कारण यहां रात के समय पैंथर और अन्य वन्यजीवों का आना-जाना आम बात है। ग्रामीणों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि इन जंगली जानवरों की मौजूदगी से उनके जीवन और पशुओं की सुरक्षा पर खतरा मंडराता है। हिंडोली कांग्रेस के ब्लॉक उपाध्यक्ष रामपाल गुर्जर ने खुलासा किया कि कई बार इन वन्यजीवों ने मवेशियों पर हमला कर उनकी हानि की है, जो ग्रामीणों के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बनता है।
क्षेत्र में वन्यजीव गतिविधियां
बूंदी टनल और इसके आसपास के इलाकों में रात के समय लेपर्ड और अन्य जंगली जीवों की निरंतर गतिविधियां देखी जाती हैं। पिछले दो महीनों में ऐसी ही एक घटना में एक लेपर्ड की वाहन से टक्कर हो गई थी, जिससे उसकी मृत्यु हो गई थी। इससे पहले, एक लकड़बग्घा भी इसी तरह की दुर्घटना का शिकार हुआ था। ये घटनाएं इस बात की ओर इशारा करती हैं कि बढ़ती मानवीय गतिविधियों और वन्यजीवों के आवास के बीच टकराव बढ़ रहा है, जिसे नियंत्रित करने की जरूरत है।

वन विभाग की भूमिका
Bundi leopard news latest वन विभाग की टीम ने इस घटना में त्वरित कार्रवाई की, लेकिन स्थानीय लोगों की लापरवाही ने स्थिति को जटिल बना दिया। रेंजर सुमित कुमार ने बताया कि घायल लेपर्ड का इलाज कोटा में जारी है, और उनकी कोशिश है कि इसे जल्द से जल्द स्वस्थ किया जाए ताकि इसे प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ा जा सके। हालांकि, इस तरह की घटनाएं बार-बार हो रही हैं, जिसके लिए जागरूकता अभियान और सुरक्षात्मक उपायों की जरूरत है। ग्रामीणों को वन्यजीवों से दूरी बनाए रखने और तुरंत वन विभाग को सूचित करने की सलाह दी गई है।



