
Loan approval without CIBIL score : अगर आप पहली बार लोन लेने की योजना बना रहे हैं और आपका सिबिल स्कोर (CIBIL Score) कम है या आपके पास कोई क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है, तो अब आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि पहली बार लोन लेने वालों के लिए सिबिल स्कोर अनिवार्य नहीं है। इसका मतलब है कि बैंक या कोई भी वित्तीय संस्थान केवल कम या शून्य सिबिल स्कोर के आधार पर आपके लोन आवेदन को खारिज नहीं कर सकते। यह खबर उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए पहली बार लोन लेने की सोच रहे हैं। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानते हैं कि यह नियम आपके लिए कैसे मददगार साबित हो सकता है।
पहली बार लोन लेने वालों के लिए खुशखबरी
Online loan approval without cibil score : आज के आर्थिक युग में, लोग अपनी विभिन्न जरूरतों—जैसे घर खरीदना, कार लेना, व्यवसाय शुरू करना, या शिक्षा के लिए फंड जुटाना—के लिए लोन का सहारा लेते हैं। हालांकि, कई बार कम सिबिल स्कोर या क्रेडिट हिस्ट्री न होने के कारण लोन आवेदन रद्द कर दिए जाते हैं, जिससे आवेदकों को निराशा का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब वित्त मंत्रालय ने इस मामले में स्थिति साफ कर दी है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, पहली बार लोन लेने वालों के लिए सिबिल स्कोर को अनिवार्य शर्त नहीं माना जाएगा। यह नियम उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है जो पहली बार बैंक या वित्तीय संस्थानों से लोन लेने की प्रक्रिया में हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक के दिशानिर्देश
Loan approval without cibil score in india हाल ही में लोकसभा के मानसून सत्र के दौरान, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपने दिशानिर्देशों में स्पष्ट किया है कि कोई भी बैंक या वित्तीय संस्थान केवल कम सिबिल स्कोर या क्रेडिट हिस्ट्री न होने के आधार पर लोन आवेदन को अस्वीकार नहीं कर सकता। यह नियम RBI के 6 जनवरी 2025 को जारी मास्टर डायरेक्शन का हिस्सा है। इस दिशानिर्देश के तहत, बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे लोन आवेदनों का मूल्यांकन केवल सिबिल स्कोर के आधार पर न करें, बल्कि आवेदक की अन्य वित्तीय और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि को भी ध्यान में रखें।
बिना सिबिल स्कोर के भी मिलेगा लोन
Urgent loan without CIBIL in India वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने आगे कहा कि अगर किसी व्यक्ति का सिबिल स्कोर उपलब्ध नहीं है, तो बैंक को आवेदक की पृष्ठभूमि, आय के स्रोत, और पुनर्भुगतान क्षमता (Repayment Capacity) जैसे अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर लोन स्वीकृत करना चाहिए। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि लोन आवेदन के लिए किसी न्यूनतम सिबिल स्कोर की शर्त तय नहीं की गई है। इसका मतलब है कि बैंक बिना सिबिल स्कोर के भी लोन दे सकते हैं, बशर्ते आवेदक की वित्तीय स्थिति और पुनर्भुगतान की क्षमता संतोषजनक हो। यह नियम खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो पहली बार लोन ले रहे हैं और जिनकी अभी तक कोई क्रेडिट हिस्ट्री नहीं बनी है।
सिबिल स्कोर क्या है और क्यों है महत्वपूर्ण?
सिबिल स्कोर (CIBIL Score) एक तीन अंकों का नंबर होता है, जो किसी व्यक्ति की क्रेडिट योग्यता (Creditworthiness) को दर्शाता है। यह स्कोर 300 से 900 के बीच होता है, और इसे क्रेडिट इंफॉर्मेशन ब्यूरो इंडिया लिमिटेड (CIBIL) जैसी क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियां तैयार करती हैं। यह स्कोर व्यक्ति के पिछले वित्तीय व्यवहार, जैसे लोन चुकाने की आदत, क्रेडिट कार्ड भुगतान, और अन्य वित्तीय जिम्मेदारियों के आधार पर बनाया जाता है। सामान्य तौर पर, 750 या उससे अधिक का सिबिल स्कोर अच्छा माना जाता है, जो यह दर्शाता है कि व्यक्ति अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों को समय पर पूरा करता है।
बैंक और वित्तीय संस्थान इस स्कोर का उपयोग यह तय करने के लिए करते हैं कि आवेदक को लोन देना कितना जोखिम भरा हो सकता है। हालांकि, पहली बार लोन लेने वालों के लिए यह स्कोर उपलब्ध नहीं होता, क्योंकि उनकी कोई क्रेडिट हिस्ट्री नहीं होती। ऐसे में सरकार का यह नया नियम उनके लिए एक बड़ा अवसर लेकर आया है।
सिबिल रिपोर्ट के लिए अतिरिक्त शुल्क से छुटकारा
Instant loan approval without cibil score कई बार लोग शिकायत करते हैं कि सिबिल रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए उनसे अधिक शुल्क वसूला जाता है। इस मुद्दे पर भी वित्त मंत्रालय ने स्पष्टता प्रदान की है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि कोई भी क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनी (CIC) सिबिल रिपोर्ट प्रदान करने के लिए 100 रुपये से अधिक शुल्क नहीं ले सकती। इसके अलावा, RBI ने यह भी निर्देश दिया है कि प्रत्येक व्यक्ति को साल में एक बार अपनी पूरी क्रेडिट रिपोर्ट मुफ्त में इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट में उपलब्ध कराई जाए। यह नियम 1 सितंबर 2016 से लागू है और इसका उद्देश्य लोगों को उनकी क्रेडिट स्थिति के बारे में पारदर्शी जानकारी प्रदान करना है।

क्रेडिट हिस्ट्री कैसे बनाएं?
अगर आप पहली बार लोन ले रहे हैं और आपका सिबिल स्कोर नहीं है, तो यह नियम आपके लिए लोन प्राप्त करना आसान बनाता है। लेकिन भविष्य में बेहतर क्रेडिट स्कोर बनाने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:
- समय पर लोन चुकाएं: लोन की EMI समय पर चुकाने से आपकी क्रेडिट हिस्ट्री मजबूत होती है।
- क्रेडिट कार्ड का समझदारी से उपयोग: क्रेडिट कार्ड का उपयोग करें, लेकिन उसका बकाया समय पर चुकाएं।
- क्रेडिट लिमिट का दुरुपयोग न करें: अपनी क्रेडिट लिमिट का 30-40% से अधिक उपयोग न करें।
- नियमित रूप से क्रेडिट रिपोर्ट जांचें: अपनी क्रेडिट रिपोर्ट में किसी भी गलती को तुरंत ठीक करवाएं।
इस नियम के फायदे
इस नए नियम के कई फायदे हैं, खास तौर पर उन लोगों के लिए जो पहली बार लोन लेना चाहते हैं:
- आसान लोन स्वीकृति: बिना सिबिल स्कोर के भी लोन मिल सकता है, जिससे पहली बार लोन लेने वालों को राहत मिलेगी।
- वित्तीय समावेशन: यह नियम उन लोगों को वित्तीय सेवाओं तक पहुंच प्रदान करता है जो पहले क्रेडिट सिस्टम से बाहर थे।
- पारदर्शिता: मुफ्त क्रेडिट रिपोर्ट और सीमित शुल्क की नीति से लोगों को अपनी वित्तीय स्थिति समझने में मदद मिलेगी।
- नए व्यवसायों के लिए अवसर: यह नियम उन उद्यमियों के लिए फायदेमंद है जो व्यवसाय शुरू करने के लिए लोन लेना चाहते हैं।
चुनौतियां और समाधान
हालांकि यह नियम पहली बार लोन लेने वालों के लिए राहत लेकर आया है, लेकिन कुछ चुनौतियां भी हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, कुछ बैंक अभी भी सिबिल स्कोर को प्राथमिकता दे सकते हैं या लोन स्वीकृति के लिए अतिरिक्त दस्तावेज मांग सकते हैं। इसका समाधान यह है कि आवेदक अपनी आय का प्रमाण, जैसे सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट, या आयकर रिटर्न, स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें। इसके अलावा, लोन के लिए आवेदन करने से पहले विभिन्न बैंकों की नीतियों की तुलना करें और वह बैंक चुनें जो आपके लिए सबसे उपयुक्त हो।
