
LPG cylinder news : सरकारी तेल कंपनियां (OMCs) अब घरेलू उपयोग वाले 14.2 किलो के LPG सिलेंडर में केवल 10 किलो गैस भरकर सप्लाई करने की तैयारी कर रही हैं। इस कदम का उद्देश्य सीमित गैस स्टॉक को ज्यादा से ज्यादा परिवारों तक पहुंचाना बताया जा रहा है। साथ ही, अगर यह योजना लागू होती है तो सिलेंडर की कीमतों में भी कमी की जा सकती है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, तेल कंपनियों का मानना है कि 14.2 किलो का सिलेंडर आमतौर पर 35 से 40 दिन तक चलता है। ऐसे में यदि एक सिलेंडर में 10 किलो गैस दी जाए, तो वह एक सामान्य परिवार की जरूरत लगभग एक महीने तक पूरी कर सकता है। इससे बची हुई गैस उन इलाकों तक पहुंचाई जा सकेगी, जहां सप्लाई प्रभावित है। गौरतलब है कि मार्च के पहले सप्ताह में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी।
मिडिल ईस्ट युद्ध से बढ़ सकती है LPG की किल्लत
domestic gas cylinder update : तेल कंपनियों के सामने विकल्प तेजी से कम होते जा रहे हैं, क्योंकि खाड़ी देशों से LPG की नई खेप भारत तक नहीं पहुंच पा रही है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव ने हालात को और गंभीर बना दिया है। हाल ही में ईरान द्वारा ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर किए गए मिसाइल हमलों से गैस उत्पादन प्रभावित हुआ है।
इसके अलावा, होर्मुज रूट बंद होने से भारत आने वाले गैस टैंकरों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। माना जा रहा है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले दिनों में देश में LPG संकट और गहरा सकता है। इसी आशंका को देखते हुए तेल कंपनियां सिलेंडर में गैस की मात्रा कम करने के विकल्प पर विचार कर रही हैं।
कीमत भी घटेगी, पहचान के लिए अलग स्टिकर लगेगा
LPG shortage India : अगर यह नई व्यवस्था लागू होती है, तो सिलेंडर की कीमत भी गैस की मात्रा के हिसाब से कम की जाएगी। फिलहाल दिल्ली में 14.2 किलो का घरेलू LPG सिलेंडर 913 रुपए और मुंबई में 912.50 रुपए में मिल रहा है। यदि ग्राहकों को 10 किलो गैस वाला सिलेंडर दिया जाता है, तो उन्हें कम राशि चुकानी पड़ेगी। इन सिलेंडरों की पहचान के लिए उन पर विशेष स्टिकर लगाया जाएगा, जिसमें गैस की वास्तविक मात्रा स्पष्ट रूप से लिखी होगी।

बॉटलिंग प्लांट्स में करने होंगे बदलाव
gas cylinder price cut : हालांकि, इस योजना को लागू करना आसान नहीं होगा। इसके लिए बॉटलिंग प्लांट्स को अपने वजन मापने वाले सिस्टम को दोबारा कैलिब्रेट करना पड़ेगा। साथ ही, इस बदलाव के लिए कई नियामकीय मंजूरियां भी जरूरी होंगी।
अधिकारियों को आशंका है कि बिना पर्याप्त तैयारी के यह बदलाव लागू करने पर लोगों में भ्रम की स्थिति बन सकती है। खासतौर पर ऐसे समय में, जब कुछ राज्यों में चुनावी माहौल भी है, इस फैसले को लेकर विरोध की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
सप्लाई को लेकर हालात चिंताजनक
India LPG crisis : पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुझाता शर्मा ने पिछले सप्ताह कई बार कहा कि LPG की सप्लाई स्थिति “चिंताजनक” बनी हुई है और उपलब्ध स्टॉक को बचाकर उपयोग करना जरूरी है। भारत अपनी कुल LPG जरूरत का करीब 60 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा खाड़ी देशों से आता रहा है। पिछले सप्ताह होर्मुज रूट के जरिए दो जहाज भारत पहुंचे, लेकिन उनमें केवल एक दिन की खपत जितनी गैस ही थी। फिलहाल भारत के 6 गैस टैंकर फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं और सुरक्षित रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
क्रूड और गैस के दाम बढ़ने की दो बड़ी वजहें
1. कतर का रास लफ्फान प्लांट बंद
ईरान के ड्रोन हमलों में कतर के रास लफ्फान प्लांट को भारी नुकसान पहुंचा है। यह दुनिया का सबसे बड़ा LNG हब माना जाता है और वैश्विक सप्लाई का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा यहीं से आता है। हमले के बाद इस प्लांट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया, जिससे वैश्विक गैस सप्लाई प्रभावित हुई है।
2. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का लगभग बंद होना
भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का प्रभावित होना है। करीब 167 किलोमीटर लंबा यह जलमार्ग फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। मौजूदा युद्ध की वजह से यह मार्ग अब सुरक्षित नहीं माना जा रहा और जोखिम के कारण तेल व गैस टैंकरों की आवाजाही लगभग थम गई है।
दुनिया के कुल पेट्रोलियम व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी मार्ग पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का लगभग 50 प्रतिशत कच्चा तेल और 54 प्रतिशत LNG इसी रास्ते से मंगाता है।
LPG संकट को लेकर सरकार ने पहले ही उठाए ये कदम
LPG संकट को देखते हुए सरकार पहले ही कई सख्त कदम उठा चुकी है:
6 मार्च: घरेलू सिलेंडर की बुकिंग पर 21 दिन का लॉक-इन पीरियड लागू किया गया। यानी एक सिलेंडर मिलने के 21 दिन बाद ही दूसरा बुक किया जा सकेगा।
9 मार्च: शहरों में बढ़ती मांग को देखते हुए लॉक-इन पीरियड 25 दिन कर दिया गया।
12 मार्च: ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर बुकिंग के बीच अंतर बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया।
14 मार्च: पेट्रोलियम मंत्रालय ने PNG (पाइप गैस) उपभोक्ताओं के लिए LPG सिलेंडर रखना गैर-कानूनी घोषित कर दिया। अब PNG कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को अपना LPG सिलेंडर सरेंडर करना होगा और वे रिफिल नहीं करा सकेंगे।



