
Mobile Trace Method : देश में मोबाइल चोरी और स्नेचिंग की बढ़ती घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने एक नई ऑनलाइन सुविधा शुरू की है, जिसके तहत आमजन अपने चोरी हुए मोबाइल को खुद ट्रेस कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को सरल बनाना और ट्रेसिंग रिपोर्ट को ऑनलाइन उपलब्ध कराना है। राजस्थान पुलिस ने इस सुविधा को प्रभावी बनाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि आमजन आसानी से इसका लाभ उठा सकें।
Rajasthan police : इस नई व्यवस्था के तहत, यदि आपका मोबाइल चोरी हो जाता है, तो आप राजस्थान पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट www.police.rajasthan.gov.in पर जाकर ‘Lost Articles Report’ सेक्शन में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत दर्ज करने के लिए आपको व्यक्तिगत विवरण और मोबाइल की जानकारी प्रदान करनी होगी। इसके साथ ही, चोरी हुए मोबाइल में मौजूद सिम कार्ड को तुरंत ब्लॉक कराना जरूरी है। इसके लिए आपको टेलिकॉम कंपनी के नजदीकी स्टोर पर संपर्क करना होगा, ताकि आपकी निजी जानकारी सुरक्षित रहे। सिम ब्लॉक करने के बाद आप नई सिम प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा न केवल समय की बचत करती है, बल्कि पुलिस और लोगों के बीच सहयोग को भी बढ़ाती है। इस डिजिटल पहल से मोबाइल चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और नागरिकों को त्वरित सहायता प्रदान करने में मदद मिलेगी।
क्या है यह नई सुविधा?
How mobile can be traced ? : यह सुविधा नागरिकों को अपने चोरी हुए मोबाइल की ट्रेसिबिलिटी रिपोर्ट को ऑनलाइन देखने की अनुमति देती है। यानी यदि आपका मोबाइल चोरी हो जाए तो आप इसे खुद ट्रेस कर सकते हैं और पुलिस से मदद ले सकते हैं। इस प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे शिकायत दर्ज करने से लेकर ट्रेसिंग की प्रक्रिया तक को अधिक प्रभावी और तेज़ बनाया गया है।
कैसे ट्रेस करें चोरी हुआ मोबाइल
Mobile trace method online : यहाँ हम आपको चरण दर चरण बताते हैं कि चोरी हुए मोबाइल को ट्रेस करने के लिए आपको क्या करना होगा:
- शिकायत दर्ज करें: सबसे पहले, आपको राजस्थान पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट www.police.rajasthan.gov.in पर जाकर ‘Lost Articles Report’ (खोया सामान रिपोर्ट) सेक्शन में अपनी शिकायत दर्ज करनी होगी। इसमें आपको अपना व्यक्तिगत विवरण और चोरी हुए मोबाइल की जानकारी भरनी होगी।
- सिम कार्ड को ब्लॉक कराएं: मोबाइल चोरी होने के बाद, उस मोबाइल में इस्तेमाल हो रहे सिम कार्ड को ब्लॉक कराना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए आपको सिम कार्ड की टेलिकॉम कंपनी के नजदीकी स्टोर पर जाकर अपनी सिम को तुरंत ब्लॉक करवाना होगा। इसके बाद आप एक नई सिम जारी करवा सकते हैं, ताकि आपकी कोई निजी जानकारी चोरी न हो सके।
- ओटीपी का इंतजार करें: इसके बाद, आपको 24 घंटे का इंतजार करना होगा ताकि ओटीपी (One Time Password) सुविधा सक्रिय हो सके। इस अवधि में आपकी रिपोर्ट और ट्रेसिंग की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
- सिम कार्ड को ब्लॉक करें: ओटीपी सुविधा के शुरू होने के बाद, आपको www.ceir.gov.in पर जाकर ‘Block Stolen Lost Mobile’ ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। यहां आपको एक फार्म भरना होगा जिसमें आपको मोबाइल की पूरी जानकारी देनी होगी।
- शिकायत की प्रति अपलोड करें: इसके बाद, आपको पुलिस स्टेशन या ऑनलाइन दर्ज की गई शिकायत की प्रति अपलोड करनी होगी, ताकि पुलिस को आपके मामले की जानकारी मिल सके। यह कदम ट्रेसिंग प्रक्रिया को तेज करता है।
- मोबाइल ट्रेस होना शुरू होगा: जैसे ही सभी जानकारी अपलोड हो जाएगी, आपका मोबाइल ऑनलाइन ट्रेस होना शुरू हो जाएगा। आप ट्रेसिंग रिपोर्ट को अपनी सुविधानुसार देख सकेंगे, और पुलिस को भी यह रिपोर्ट उपलब्ध होगी।
- पुलिस से संपर्क करें: जब आपका मोबाइल ट्रेस हो जाए, तो आपको संबंधित पुलिस थाने से संपर्क करना होगा। पुलिस आपको चुराए गए मोबाइल को वापस करने में मदद करेगी।
- मोबाइल अन-ब्लॉक करें: एक बार जब आपको अपना मोबाइल वापस मिल जाए, तो आपको CEIR (Central Equipment Identity Register) पर जाकर अपने मोबाइल नंबर को अन-ब्लॉक करना होगा, ताकि वह फिर से सामान्य रूप से काम करने लगे।

क्यों जरूरी है यह कदम?
Mobile theft : मोबाइल चोरी के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, और ऐसे मामलों में अक्सर नागरिकों को उनकी खोई हुई वस्तु प्राप्त करना मुश्किल हो जाता है। इस नई सुविधा से मोबाइल चोरी की घटना को कम करने के साथ-साथ नागरिकों को भी राहत मिलेगी। यह सिस्टम न केवल नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि पुलिस को भी मदद करता है, जिससे उन्हें चोरी हुए मोबाइल को जल्दी से ट्रेस करने में आसानी होती है।
सुविधाओं का पूरा लाभ उठाएं
How to trace mobile number : यह नई ऑनलाइन ट्रेसिंग सुविधा एक बेहतर कदम है, जो मोबाइल चोरी की घटनाओं को कम करने में मदद करेगी। नागरिकों को अब अधिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा, और वे अपने चोरी हुए मोबाइल की ट्रेसिंग रिपोर्ट को घर बैठे देख सकते हैं। अब, जब भी आपका मोबाइल चोरी हो, तो आप इसे खुद ट्रेस कर सकते हैं, रिपोर्ट अपलोड कर सकते हैं, और अपनी खोई हुई वस्तु को वापस पा सकते हैं। सरकार का यह कदम मोबाइल सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाएगा और चोरी की घटनाओं को रोकने में सहायक साबित होगा।
