
Mosam : राजस्थान में मई की इस तपती गर्मी के बीच उदयपुर में सोमवार को मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह से तेज धूप और उमस से परेशान लोग दोपहर बाद राहत की साँस ले सके, जब तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई। मौसम विभाग ने पहले ही उदयपुर के लिए आंधी और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया था, और ठीक दोपहर बाद करीब 04:03 बजे मौसम ने अपना रंग दिखाया। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने गर्मी से राहत तो दी, लेकिन इसने कई मुसीबतें भी खड़ी कर दीं। बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने शहर में कई जगहों पर नुकसान पहुँचाया, जिसके चलते प्रशासन को अलर्ट मोड पर आना पड़ा।
फतहसागर झील में हादसा: नाव पलटी, 35 यात्री सुरक्षित
Rajasthan Ka Mosam : उदयपुर की मशहूर फतहसागर झील में सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। दोपहर बाद खराब मौसम के कारण तेज हवाएँ चलने लगीं, जिसके चलते झील में एक नाव पलट गई। इस नाव में करीब 35 यात्री सवार थे, जो झील की सैर का आनंद ले रहे थे। तेज हवाओं के कारण नाव का परदा फट गया और वह असंतुलित होकर पलट गई। इस हादसे में सभी यात्रियों ने लाइफ जैकेट पहने हुए थे, जिसकी वजह से उनकी जान बच गई। हादसे की सूचना मिलते ही सिविल डिफेंस की टीम और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुँचे और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
हादसे के बाद यात्रियों ने नाव संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाया। अजमेर से आई एक यात्री रिया ने बताया, “जब हम नाव में सवार हुए, तब मौसम बिल्कुल सही था। लेकिन अचानक तेज हवा चली और नाव का परदा फट गया। नाव संचालक ने सुरक्षा के कोई खास इंतजाम नहीं किए थे। हमने बहुत मुश्किल से अपनी जान बचाई। लाइफ जैकेट न होती, तो शायद हममें से कई लोग इस हादसे का शिकार हो जाते।” इस घटना ने नाव संचालकों की लापरवाही और सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर कर दिया है। प्रशासन ने इस मामले की जाँच शुरू कर दी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
गुलाब बाग रोड पर पेड़ गिरा: गाड़ियाँ दबीं, लोगों ने की मदद
Rain in Udaipur : उदयपुर में तेज हवाओं का असर शहर की सड़कों पर भी देखने को मिला। गुलाब बाग रोड पर तेज हवा के कारण एक बड़ा पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गया। हादसे के वक्त वहाँ कुछ गाड़ियाँ खड़ी थीं, जो पेड़ के नीचे दब गईं। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद शुरू की और पेड़ के नीचे फँसी गाड़ियों को बाहर निकाला। सौभाग्य से इस हादसे में कोई बड़ा नुकसान या जनहानि नहीं हुई, लेकिन गाड़ियों को काफी नुकसान पहुँचा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से माँग की है कि शहर में पुराने और कमजोर पेड़ों की जाँच की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
राजस्थान में गर्मी का कहर: सीकर में पारा 45 डिग्री तक
Aaj ka Temprature : जबकि उदयपुर में बारिश ने लोगों को राहत दी, वहीं राजस्थान के कई अन्य जिलों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहा। सीकर में सोमवार को तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। यहाँ कल्याण सर्किल चौराहे पर ड्यूटी कर रहे ट्रैफिक पुलिसकर्मी रामफल को गर्मी और लू से बचने के लिए तौलिया बाँधकर ड्यूटी करनी पड़ी। शहर में आइसक्रीम और जूस की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। दोपहर के समय सड़कों पर लोग तेज धूप से बचने के लिए छाते और स्कार्फ का सहारा लेते नजर आए।
श्रीगंगानगर में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिन 45 डिग्री था। यहाँ नौतपा शुरू होने से पहले ही गर्म हवाओं का असर दिखने लगा है। सुबह 11 बजे के बाद सड़कों पर सन्नाटा छा गया, और बाजारों में ग्राहकों की कमी के चलते दुकानदारों ने दोपहर में दुकानें बंद कर दीं। गर्मी बढ़ने के साथ ही पेय पदार्थों की माँग तेजी से बढ़ी है। जूस, छाछ, नींबू पानी, बेल शरबत, और नारियल पानी बेचने वालों के पास लोगों की भीड़ जुट रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों में श्रीगंगानगर में तापमान 47 से 48 डिग्री तक पहुँच सकता है।
जैसलमेर में भी गर्मी का प्रकोप कम नहीं हुआ। यहाँ तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। हनुमान चौराहे पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के लिए टेंट लगाए गए हैं, ताकि उन्हें धूप से राहत मिल सके। बीकानेर, चूरू, बाड़मेर, और जयपुर जैसे जिलों में भी गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया।
जयपुर में गर्मी से राहत के इंतजाम: ट्रैफिक सिग्नल पर ग्रीन नेट
Rain Storm Alert : जयपुर में भी गर्मी का दौर अपने चरम पर है। यहाँ पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या बेहद कम हो गई है। आमेर महल के पास मावठे पर सेल्फी पॉइंट, जो आमतौर पर पर्यटकों से गुलजार रहता है, वहाँ सन्नाटा पसरा है। भीषण गर्मी से राहत देने के लिए जयपुर प्रशासन ने कई कदम उठाए हैं। शहर के चौड़ा रास्ता, गांधीनगर मोड़, और रामबाग चौराहे जैसे व्यस्त ट्रैफिक सिग्नल पॉइंट्स पर ग्रीन नेट लगाई गई है। इन नेट्स की वजह से ट्रैफिक सिग्नल पर रुकने वाले वाहन चालकों को तेज धूप और गर्मी से राहत मिल रही है। इसके अलावा, ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के लिए भी जगह-जगह छायादार टेंट लगाए गए हैं।

जोधपुर में गर्मी से बचाव: अस्पताल में ठंडे पानी की व्यवस्था
Rain Alert : जोधपुर में भी तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँच गया है। यहाँ मथुरा दास माथुर (MDM) हॉस्पिटल में मरीजों और उनके परिजनों के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। जन सहयोग से अस्पताल में ठंडे पानी की व्यवस्था की गई है, ताकि मरीजों को गर्मी से राहत मिल सके। तेज धूप से बचने के लिए लोग स्कार्फ और छाते का सहारा ले रहे हैं। शहर में जूस की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है, और लोग गन्ने के जूस और ठंडाई जैसे पेय पदार्थों से गर्मी को मात देने की कोशिश कर रहे हैं।
भीलवाड़ा में बारिश से राहत, मंदिर में ठाकुरजी के लिए खास इंतजाम
भीलवाड़ा में सोमवार को दिनभर तेज गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान किया, लेकिन शाम को मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी। इस बारिश ने शहर के तापमान को कुछ कम कर दिया, और लोगों ने राहत की साँस ली।
भीलवाड़ा के सांगानेरी गेट पर स्थित दूधाधारी गोपाल मंदिर में गर्मी को देखते हुए ठाकुरजी और राधारानी के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। मंदिर के पुजारी कल्याण शर्मा ने बताया कि गर्मी से बचाने के लिए पूरे जेठ मास में ठाकुरजी की शीतल सेवा की जाएगी। मंदिर परिसर में खसखस का एक खूबसूरत बंगला बनाया गया है, जिसमें ठाकुरजी और राधारानी को विराजित किया गया है। ठाकुरजी को मलमल की हल्की पोशाक पहनाई गई है, और उनके गले में मोतियों की माला व मुकुट धारण कराया गया है। ठंडक के लिए श्रीखंड, ठंडाई, और आम-खरबूजे जैसे फलों का भोग लगाया जा रहा है। शीतल जल के लिए मिट्टी की सुराही में पानी रखा गया है, और मोगरे की कलियों से उनका शृंगार किया जा रहा है।
पुजारी ने यह भी बताया कि जेठ मास को देखते हुए मंदिर प्रशासन 5 हजार लीटर क्षमता का एक कुंड बनाएगा, जिसमें ठाकुरजी गंगा दशहरा पर नौका विहार और निर्जला एकादशी पर जल विहार करेंगे। ये इंतजाम न केवल ठाकुरजी को गर्मी से राहत देंगे, बल्कि भक्तों को भी आध्यात्मिक शीतलता प्रदान करेंगे।
कोटा और चूरू में गर्मी से बचाव के उपाय
कोटा में सोमवार को दोपहर का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा दर्ज किया गया। गर्मी से राहत देने के लिए जेके लोन हॉस्पिटल में अस्थायी टेंट लगाए गए हैं, जहाँ कूलर और ठंडे पानी की व्यवस्था की गई है। इसी तरह, चूरू में भी गर्मी का प्रकोप जारी है। यहाँ दोपहर 12 बजे के बाद तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा दर्ज किया गया। चूरू के कलेक्ट्रेट के बाहर नगर परिषद ने एक कूलिंग स्टेशन और विश्राम स्थल बनाया है, जहाँ कूलर लगाकर लोगों को राहत दी जा रही है।
मौसम विभाग का अलर्ट: हीटवेव और आंधी-बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने राजस्थान में गर्मी और बढ़ने की आशंका जताई है। बीकानेर संभाग के जिलों में सोमवार को हीटवेव और वार्म नाइट (रात में गर्म हवाएँ) का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, प्रदेश के 17 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों में कुछ जिलों में तापमान 47 से 48 डिग्री तक पहुँच सकता है, जो लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है।
पिछले दिन यानी रविवार (18 मई) को राजस्थान के 6 शहर देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल थे। श्रीगंगानगर और पिलानी (झुंझुनूं) में अधिकतम तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चूरू में 45.8, बीकानेर में 44.4, कोटा में 44, और जैसलमेर व फलोदी में 43.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। इसके अलावा, चित्तौड़गढ़ में 43.4, अलवर में 43.8, बाड़मेर में 43, अजमेर में 42.1, भीलवाड़ा में 41.6, और उदयपुर में 38.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
जयपुर में IPL दर्शकों का हाल: गर्मी से परेशान
रविवार को जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में IPL मैच के दौरान भीषण गर्मी ने दर्शकों को परेशान कर दिया। तेज धूप और उमस के चलते कई दर्शक मैच बीच में ही छोड़कर स्टेडियम से बाहर निकल गए। उसी दिन झालावाड़ में मौसम ने करवट ली और बारिश शुरू हो गई। इस बारिश के चलते एक मकान की छत ढह गई, जिसमें माँ-बेटी घायल हो गए। इस घटना ने मौसम के दोहरे मिजाज को साफ तौर पर दिखा दिया।
उदयपुर में पुलिसकर्मियों का गर्मी से बचाव का जुगाड़
उदयपुर में भी गर्मी ने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को परेशान किया। फतेहपुरा सर्किल पर ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों ने गर्मी से बचने के लिए एक अनोखा जुगाड़ निकाला। उन्होंने होर्डिंग को लगाकर छांव बनाई, ताकि तेज धूप से राहत मिल सके। यह जुगाड़ भले ही छोटा हो, लेकिन पुलिसकर्मियों के लिए गर्मी से बचने का एक कारगर तरीका साबित हुआ।
मौसम के दोहरे रंग
राजस्थान में मौसम के इस दोहरे मिजाज ने लोगों को राहत और मुसीबत दोनों दी है। उदयपुर और भीलवाड़ा में बारिश ने गर्मी से राहत दी, लेकिन फतहसागर झील में नाव पलटने और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं ने प्रशासन के लिए चुनौतियाँ खड़ी कर दीं। वहीं, श्रीगंगानगर, सीकर, और जैसलमेर जैसे जिलों में गर्मी का प्रकोप जारी है, और मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में हालात और बिगड़ने की चेतावनी दी है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने, गर्मी से बचाव के उपाय करने, और मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।



