
Mosam : राजस्थान की गुलाबी नगरी जयपुर और पड़ोसी जिला अलवर समेत पूरे दक्षिण-पूर्वी इलाके में गुरुवार तड़के से ही बादलों ने डेरा जमा लिया। सुबह चार बजे से शुरू हुई तेज बूंदाबांदी ने पूरे माहौल को ठंडक और ताजगी से भर दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में तो धुंध की मोटी चादर ने सड़कों को रहस्यमयी बनाया, जिससे विजिबिलिटी महज 50-100 मीटर तक सिमट गई। जोधपुर में देर रात हुई झमाझम बारिश ने रेगिस्तान को भी हरा-भरा कर दिया।
13 जिलों में यलो अलर्ट
Rain Alert Rajasthan : मौसम विभाग ने आज भरतपुर, दौसा, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक, अजमेर, भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़—कुल 13 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। अरब सागर में बने शक्तिशाली चक्रवात का असर बुधवार से ही दिखाई दे रहा है। दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में दिनभर बादल छाए रहे, कहीं हल्की फुहारें तो कहीं तेज बूंदाबांदी ने लोगों को घरों में कैद कर दिया।

बीसलपुर बांध
Weather Update : टोंक और आसपास के इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश का सीधा असर बीसलपुर बांध पर पड़ा। गुरुवार सुबह ठीक 6 बजे बांध का दूसरा गेट (नंबर 10) भी दो मीटर खोल दिया गया। अब दोनों गेट दो-दो मीटर खुले हैं, जिससे बनास नदी में प्रति सेकंड 24,040 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है। यह पानी टोंक, सवाई माधोपुर और दौसा के निचले इलाकों की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
इस साल पहली बार 24 जुलाई को गेट खोले गए थे। 21 अक्टूबर तक 129.56 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, लेकिन उसके बाद बारिश थमने से गेट बंद कर दिए गए। 28 अक्टूबर दोपहर 12:50 बजे फिर एक गेट आधा मीटर खोला गया। अब पानी की आवक इतनी बढ़ी कि दूसरे गेट की जरूरत पड़ी। बांध प्रबंधन का कहना है कि जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
जयपुर की सुबह
Rajasthan ka Mosam : जयपुर के आमेर किले की पहाड़ियां सुबह-सुबह धुंध की चादर में लिपटी नजर आईं। जलमहल के सामने तो पहाड़ ही गायब हो गए—विजिबिलिटी शून्य सी। सड़कों पर पानी की चमक और ठंडी हवाओं ने लोगों को हल्की ठंडक का एहसास कराया। सुबह-सुबह हुई बूंदाबांदी से सड़कें खाली सी नजर आईं। सिर्फ जरूरी काम से ही लोग घरों से निकले।
अलवर और करौली में भी यही हाल
अलवर में तड़के 4 बजे से बूंदाबांदी का सिलसिला शुरू हुआ। शहर के बाहरी हिस्सों में धुंध इतनी थी कि वाहन चालकों को हेडलाइट्स जलानी पड़ी। करौली के टोडाभीम में सुबह 4 बजे से बारिश शुरू हुई। ग्रामीण इलाकों में धुंध के कारण किसान खेतों तक नहीं पहुंच पाए।
पारा 10 डिग्री तक लुढ़का
बुधवार को सिरोही में अधिकतम तापमान महज 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया—यह पूरे राजस्थान में सबसे कम रहा। उदयपुर, सीकर, पिलानी, कोटा, जोधपुर, जयपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, अजमेर, नागौर, बारां, डूंगरपुर, जालोर, पाली, प्रतापगढ़ और अलवर में पारा सामान्य से 8-10 डिग्री नीचे रहा। लोगों ने सुबह-सुबह जैकेट और शॉल निकाल लिए।
किसानों की चिंता: सरसों की फसल डूबी
टोंक के दूनी तहसील के घाड़ कस्बे में तेज बारिश से सरसों की तैयार फसल पानी में डूब गई। किसान सुबह खेतों में पहुंचे तो उनकी मेहनत पर पानी फिरता दिखा। कई एकड़ में खड़ी फसल बर्बाद हो गई। प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह सिस्टम आज यानी 30 अक्टूबर तक सक्रिय रहेगा। 31 अक्टूबर को कुछ जगहों पर आंशिक बादल छाए रहेंगे और हल्की बूंदाबांदी संभव है। लेकिन दोपहर बाद मौसम साफ होना शुरू हो जाएगा। 1 नवंबर से पूरे राजस्थान में ड्राय वेदर रहेगा। धूप खिलेगी और दिन का पारा फिर चढ़ने लगेगा।

आज इन जिलों में बारिश का अलर्ट
येलो अलर्ट वाले जिले (पॉइंट वाइज):
- सवाई माधोपुर
- टोंक
- बूंदी
- कोटा
- बारां
- झालावाड़
- भीलवाड़ा
- राजसमंद
- चित्तौड़गढ़
- प्रतापगढ़
- डूंगरपुर
- बांसवाड़ा
- उदयपुर
