
Mosam : राजस्थान की धरती, जो आमतौर पर रेगिस्तानी गर्मी और सूखे के लिए जानी जाती है, इन दिनों मौसम के अनोखे मिजाज से गुजर रही है। मानसून का दौर धीरे-धीरे थमने की ओर बढ़ रहा है, लेकिन इससे पहले तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव ने लोगों को चौंका दिया है। सोमवार को राज्य के विभिन्न शहरों में दिन और रात के तापमान में स्पष्ट अंतर देखा गया, जहां एक ओर उमस भरी गर्मी ने परेशान किया, तो दूसरी ओर कुछ इलाकों में ठंडक का अहसास हुआ। मौसम विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि यह सब मानसून की विदाई की प्रक्रिया का हिस्सा है, जो जल्द ही कुछ और जिलों को प्रभावित करेगी।
इस बीच, मौसम विभाग ने एक महत्वपूर्ण अलर्ट जारी किया है। 18 सितंबर से राज्य के 10 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है, जो किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती है, लेकिन शहरवासियों के लिए सड़कों पर जलभराव और यातायात में बाधा का कारण भी बन सकती है। इन जिलों में जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, अजमेर, बीकानेर, कोटा, अलवर, सीकर, झुंझुनूं और चूरू शामिल हैं, जहां मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है। विभाग के मुताबिक, यह बारिश पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी दबाव के कारण होगी, जो राजस्थान के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों को ज्यादा प्रभावित करेगी। इस अलर्ट के चलते स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, ताकि बाढ़ जैसी स्थिति से निपटा जा सके।

मानसून की विदाई की अनुकूल परिस्थितियां
Rain Alert : मौसम विज्ञानियों के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों में राज्य के कई अन्य जिलों से मानसून की आधिकारिक विदाई हो सकती है। वर्तमान में हवा की दिशा, नमी का स्तर और बादलों की गति ऐसी है कि मानसून दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर लौट रहा है। इस साल राजस्थान में मानसून ने अपनी सामान्य अवधि से ज्यादा समय बिताया है, जिसके परिणामस्वरूप अब तक 68 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। सामान्यतः जून से सितंबर तक होने वाली औसत बारिश से तुलना करें तो यह आंकड़ा आश्चर्यजनक है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव से मौसम चक्र में ऐसे बदलाव आ रहे हैं, जो भविष्य में और अधिक अनियमित हो सकते हैं। किसानों के लिए यह अच्छी खबर है, क्योंकि अतिरिक्त बारिश से जलाशय भर गए हैं और फसलें लहलहा रही हैं, लेकिन शहरों में बाढ़ और मिट्टी के कटाव जैसी समस्याएं भी बढ़ी हैं।
सोमवार को श्रीगंगानगर बना सबसे गर्म शहर
Rajasthan ka Mosam : पिछले 24 घंटों में राजस्थान के अधिकांश शहरों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा, जिससे दिन की तेज धूप ने लोगों को घरों में कैद कर दिया। जयपुर से लेकर जोधपुर तक, कोटा, अजमेर, बीकानेर, भरतपुर, श्रीगंगानगर और उदयपुर जैसे प्रमुख शहरों में सूरज की तपिश ने कोई कसर नहीं छोड़ी। विशेष रूप से श्रीगंगानगर में सोमवार को अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो राज्य में सबसे ऊंचा दर्ज किया गया। यह तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री अधिक था, जिससे स्थानीय निवासियों को गर्मी से राहत पाने के लिए कूलर और एयर कंडीशनर का सहारा लेना पड़ा।
राज्य के अन्य शहरों में भी तापमान का मिजाज विविध रहा। उदाहरण के लिए, चूरू में अधिकतम तापमान 36.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो रेगिस्तानी इलाकों की विशिष्ट गर्मी को दर्शाता है। बीकानेर में 36 डिग्री, फलोदी में 35.6 डिग्री, हनुमानगढ़ में 36.4 डिग्री, दौसा में 35.2 डिग्री, झुंझुनूं में 35 डिग्री, बाड़मेर में 35.4 डिग्री, चित्तौड़गढ़ में 35.8 डिग्री, पिलानी में 36.5 डिग्री, अलवर में 36.6 डिग्री, जयपुर में 35 डिग्री, सीकर में 34.5 डिग्री, कोटा में 34.7 डिग्री, अजमेर में 33.4 डिग्री, भीलवाड़ा में 33.7 डिग्री, जैसलमेर में 34.4 डिग्री, जोधपुर में 33.4 डिग्री, जालोर में 32.1 डिग्री और करौली में 34.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि उत्तरी राजस्थान में गर्मी ज्यादा रही, जबकि दक्षिणी हिस्सों में तापमान अपेक्षाकृत कम था।

सबसे कम तापमान सिरोही में, रातें हो रही ठंडी
Weather Update : दूसरी ओर, सिरोही जिले में सोमवार को सबसे कम तापमान दर्ज किया गया, जो राज्य में ठंडक का प्रतीक बना। यहां न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे गिरा, जिससे रातें सुखद लेकिन सुबह की ठंडी हवाओं ने लोगों को स्वेटर निकालने पर मजबूर कर दिया। यह उतार-चढ़ाव स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए, जहां सर्द-गर्म से सर्दी-खांसी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। चिकित्सकों की सलाह है कि ऐसे मौसम में हाइड्रेटेड रहें और मौसमी फलों का सेवन करें।

इस सीजन की बारिश का प्रभाव
इस वर्ष राजस्थान में 68 प्रतिशत अधिक बारिश ने कई रिकॉर्ड तोड़े हैं। जहां एक ओर झीलें और बांध ओवरफ्लो हो रहे हैं, जैसे कि जयपुर की रामगढ़ झील और उदयपुर की फतेह सागर, वहीं दूसरी ओर कुछ इलाकों में बाढ़ से फसलें तबाह हुई हैं। किसान संगठनों का कहना है कि अतिरिक्त वर्षा से धान और बाजरा जैसी फसलों को फायदा हुआ है, लेकिन सब्जियों में सड़न की समस्या बढ़ी है। सरकार ने प्रभावित किसानों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की है, जिसमें बीमा क्लेम और सब्सिडी शामिल हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट आएगी, जो शरद ऋतु की शुरुआत का संकेत है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि बारिश अलर्ट वाले जिलों में यात्रा से पहले मौसम अपडेट चेक करें और आवश्यक सावधानियां बरतें। यदि बारिश भारी हुई तो सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं, और ग्रामीण क्षेत्रों में नदियां उफान पर आ सकती हैं।

इन जिलों में बारिश का अलर्ट
🌧️ 18 सितंबर को बारिश का अलर्ट
➡️ येलो अलर्ट जारी किया गया।
➡️ जिन जिलों में बारिश का अलर्ट है:
- कोटा
- बूंदी
- बारां
- झालावाड़
- भीलवाड़ा
- चित्तौड़गढ़
- प्रतापगढ़
- डूंगरपुर
- बांसवाड़ा
- उदयपुर
🌧️ 19 सितंबर को बारिश का अलर्ट
➡️ येलो अलर्ट जारी किया गया।
➡️ जिन जिलों में बारिश का अलर्ट है:
- धौलपुर
- करौली
- सवाई माधोपुर
- कोटा
- बूंदी
- बारां
- झालावाड़
- भीलवाड़ा
- चित्तौड़गढ़
- प्रतापगढ़
- डूंगरपुर
- बांसवाड़ा
- उदयपुर
