
Mosam : उत्तर भारत को झकझोर कर रख देने वाला सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस अब विदा लेने को तैयार है। आज (बुधवार) से इसका प्रभाव पूरी तरह समाप्त हो जाएगा, आकाश साफ होकर चटख धूप खिलेगी और उत्तरी हवाओं का ठंडा झोंका राजस्थान के मैदानों को अपनी चपेट में ले लेगा। नतीजतन, तापमान में तेज गिरावट दर्ज होगी और सर्दी का असली रंग पूरे प्रदेश में बिखरने लगेगा। मंगलवार (4 नवंबर) को इस मौसमी सिस्टम की विदाई की झलक दिखी, जब राज्य के उत्तरी हिस्सों में बादल गरजे, बिजली चमकी और कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ मुसलाधार बारिश हुई। खासतौर पर श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में दिन के उजाले में ही अचानक मौसम ने करवट बदली – हवाएं दहाड़ीं, बारिश की बौछारें बरसीं और छोटे-छोटे बर्फ जैसे ओले धरती पर बिखर गए। इस मौसमी उथल-पुथल ने पूरे राज्य में ठंडक की एक मोटी चादर बिछा दी, जो अब और गहराती चली जाएगी।
तापमान की भारी गिरावट
Weather Update : बीते चौबीस घंटों में राजस्थान के कई जिलों ने मौसम के दोहरे रंग देखे। हनुमानगढ़, जयपुर, चूरू, श्रीगंगानगर, कोटा, करौली, बारां, अजमेर, अलवर, डूंगरपुर, झुंझुनूं समेत दर्जनों क्षेत्रों में सुबह से ही घने बादल छाए रहे। दोपहर ढलते-ढलते हनुमानगढ़ और चूरू में तेज हवाओं का दौर शुरू हुआ, जो 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ीं। इसके साथ ही झमाझम बारिश हुई और हनुमानगढ़ के कुछ गांवों-कस्बों में तो छोटे-छोटे ओले भी गिरे, जिन्हें देखकर किसान हैरान रह गए। यह दृश्य किसी विदेशी विंटर वंडरलैंड से कम नहीं लगा। इन सबके बीच तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई, जो सर्दी के बढ़ते कदमों का स्पष्ट संकेत थी।
सिरोही रहा सबसे ठंडा, कोटा-जयपुर में भी पारा लुढ़का
Rain Alert : 4 नवंबर को सिरोही ने पूरे राजस्थान में सबसे ठंडे दिन का तमगा हासिल किया। यहां दिन का अधिकतम तापमान महज 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से कहीं नीचे था। वहीं कोटा में पारा 4 डिग्री की भारी गिरावट के साथ 28.7°C पर आ टिका। राजधानी जयपुर में भी तापमान 4.8 डिग्री लुढ़ककर 28.0°C रह गया। अन्य प्रमुख शहरों का हाल कुछ यूं रहा:
- अलवर: 29.8°C
- अजमेर: 28.0°C
- बारां: 27.4°C
- डूंगरपुर: 26.2°C
- करौली: 26.5°C
- दौसा: 28.1°C
- प्रतापगढ़: 28.9°C
- झुंझुनूं: 27.4°C
- पाली: 28.5°C
- श्रीगंगानगर: 32.7°C
- हनुमानगढ़: 30.9°C
- जोधपुर: 31.3°C
- जैसलमेर: 34.1°C
- बीकानेर: 33.8°C
इन आंकड़ों से साफ जाहिर है कि पश्चिमी राजस्थान को छोड़कर बाकी हिस्सों में ठंडी हवाओं ने अपना डेरा जमा लिया है।

आगे क्या? पारा 2-3 डिग्री और नीचे, रातें होंगी कनकनी भरी
Rajasthan ka Mosam : मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो वेस्टर्न डिस्टरबेंस के पूरी तरह खिसकते ही उत्तर से ठंडी-ठार बफीर्ली हवाएं (बर्फीली हवाएं) फिर से सक्रिय हो जाएंगी। बुधवार देर शाम से यह सिलसिला शुरू हो जाएगा, जो अगले 24 से 48 घंटों में पूरे जोर पर रहेगा। नतीजा? न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की अतिरिक्त गिरावट। इसका सबसे ज्यादा असर शेखावाटी अंचल (सीकर, झुंझुनूं, चूरू), बीकानेर संभाग, भरतपुर संभाग और जयपुर संभाग के जिलों में दिखेगा। सुबह और शाम की सर्दी तो पहले से ही चुभने लगी है, अब रातें कनकनी से भर जाएंगी। ग्रामीण इलाकों में कोहरा छाने की संभावना भी बढ़ गई है, जिससे सुबह के समय विजिबिलिटी कम हो सकती है।
मैदानी राज्यों पर एकसमान असर, सर्दी की आमद
यह ठंडक सिर्फ राजस्थान तक सीमित नहीं रहेगी। हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के मैदानी इलाकों में एकसमान ठंड पड़ेगी। शहरों में दिन भले ही धूप से चमकदार रहें, लेकिन जैसे ही सूरज डूबेगा, हवा में सिहरन दौड़ने लगेगी। किसान भाइयों को सलाह दी जा रही है कि रबी फसलों की सिंचाई शाम ढलने से पहले पूरी कर लें, क्योंकि रात में तापमान तेजी से गिरने से पाला पड़ने का खतरा बढ़ जाएगा।

