
Mudra Loan Yojana : क्या आप अपने सपनों का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं या अपने मौजूदा कारोबार को नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहते हैं, लेकिन पूंजी की कमी आड़े आ रही है? अगर हां, तो भारत सरकार की प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना (Pradhan Mantri Mudra Yojana – PMMY) आपके लिए एक सुनहरा अवसर हो सकती है। यह योजना छोटे और मध्यम उद्यमियों, दुकानदारों, और नए उद्यमियों (Entrepreneurs) को बिना किसी गारंटी या कोलैटरल के 20 लाख रुपये तक का लोन प्रदान करती है। लोन की अवधि अधिकतम 5 वर्ष तक हो सकती है, जिससे आप अपने व्यवसाय को सुचारू रूप से चलाने के लिए पर्याप्त समय और लचीलापन पा सकते हैं। इस लेख में हम मुद्रा लोन योजना की सभी विशेषताओं, पात्रता, ब्याज दरों, और आवेदन प्रक्रिया को विस्तार से समझाएंगे, ताकि आप इस योजना का अधिकतम लाभ उठा सकें।
प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना (PMMY) को अप्रैल 2015 में भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसायों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत Micro Units Development and Refinance Agency (MUDRA) के माध्यम से गैर-कॉरपोरेट, गैर-कृषि आधारित छोटे और माइक्रो उद्यमों को कर्ज दिया जाता है। यह योजना न केवल आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar Bharat) के विजन को साकार करती है, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार सृजन, वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion), और उद्यमिता को बढ़ावा देती है।
2024-25 के बजट में सरकार ने इस योजना को और आकर्षक बनाते हुए लोन की अधिकतम सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया है। यह कदम खास तौर पर उन उद्यमियों के लिए लाभकारी है, जो अपने व्यवसाय को बड़े पैमाने पर विस्तार देना चाहते हैं। योजना के तहत अब तक 53.85 करोड़ से अधिक लोन स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनका कुल मूल्य 35.13 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
मुद्रा लोन की चार श्रेणियां: आपकी जरूरत के हिसाब से लोन
मुद्रा लोन योजना को उद्यमियों की विभिन्न जरूरतों को ध्यान में रखकर चार श्रेणियों में बांटा गया है। ये श्रेणियां व्यवसाय के आकार और विकास के चरण के आधार पर डिजाइन की गई हैं:
- शिशु लोन (Shishu Loan)
- लोन राशि: अधिकतम 50,000 रुपये
- किनके लिए: यह उन उद्यमियों के लिए आदर्श है, जो छोटे स्तर पर बिजनेस शुरू करना चाहते हैं या अपनी शुरुआती पूंजी की जरूरत को पूरा करना चाहते हैं।
- उपयोग: छोटी दुकानें, किराना स्टोर, सिलाई सेंटर, ऑनलाइन स्टार्टअप्स, हस्तशिल्प इकाइयां, और अन्य माइक्रो-लेवल व्यवसाय।
- विशेषताएं: न्यूनतम दस्तावेज, कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं, और तेजी से लोन स्वीकृति।
- किशोर लोन (Kishore Loan)
- लोन राशि: 50,001 रुपये से 5 लाख रुपये तक
- किनके लिए: यह उन व्यवसायियों के लिए उपयुक्त है, जो पहले से अपना कारोबार चला रहे हैं और इसे विस्तार देने या स्थिर करने के लिए अतिरिक्त पूंजी की जरूरत है।
- उपयोग: मशीनरी अपग्रेड, इन्वेंट्री बढ़ाने, मार्केटिंग, या कार्यशील पूंजी (Working Capital) की जरूरतों के लिए।
- विशेषताएं: मध्यम स्तर की दस्तावेजीकरण प्रक्रिया और प्रतिस्पर्धी ब्याज दरें।
- तरुण लोन (Tarun Loan)
- लोन राशि: 5,00,001 रुपये से 10 लाख रुपये तक
- किनके लिए: यह उन स्थापित व्यवसायों के लिए है, जिनके पास मजबूत नकदी प्रवाह (Cash Flow) है और जो बड़े पैमाने पर विस्तार या डायवर्सिफिकेशन की योजना बना रहे हैं।
- उपयोग: नए प्रोडक्शन लाइन, अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती, या नई शाखाएं खोलने के लिए।
- विशेषताएं: विस्तृत दस्तावेजीकरण और क्रेडिट हिस्ट्री की जांच।
- तरुण प्लस लोन (Tarun Plus Loan)
- लोन राशि: 10,00,001 रुपये से 20 लाख रुपये तक
- किनके लिए: यह उन अनुभवी उद्यमियों के लिए है, जिन्होंने पहले तरुण लोन लिया और उसे समय पर चुकाया है। यह बड़े पैमाने पर विस्तार के लिए डिजाइन किया गया है।
- उपयोग: नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, बल्क मशीनरी खरीद, या नए मार्केट्स में प्रवेश।
- विशेषताएं: सख्त क्रेडिट मूल्यांकन और उच्च लोन राशि के लिए मजबूत बिजनेस प्लान की जरूरत।
मुद्रा लोन की पात्रता: कौन कर सकता है आवेदन?
Mudra loan yojana eligibility : मुद्रा लोन योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित पात्रता मानदंडों को पूरा करना आवश्यक है:
- नागरिकता: आवेदक को भारतीय नागरिक होना चाहिए।
- आयु: न्यूनतम 18 वर्ष।
- बिजनेस का प्रकार: गैर-कृषि, आय-उत्पादक गतिविधियां जैसे मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग, सर्विस सेक्टर, या कृषि से संबद्ध गतिविधियां (जैसे डेयरी, पोल्ट्री, मधुमक्खी पालन)।
- क्रेडिट हिस्ट्री: आवेदक किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थान में डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए।
- वैधानिक स्थिति: व्यक्तिगत उद्यमी, प्रोप्राइटरशिप फर्म, पार्टनरशिप फर्म, प्राइवेट/पब्लिक लिमिटेड कंपनियां, और स्व-रोजगार पेशेवर (जैसे डॉक्टर, कंसल्टेंट्स, आर्किटेक्ट्स)।
- बिजनेस प्लान: लोन के लिए एक स्पष्ट और व्यवहार्य बिजनेस प्लान होना चाहिए, जो आपके व्यवसाय के लक्ष्यों और वित्तीय जरूरतों को दर्शाता हो।
कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों में विशिष्ट गतिविधियों (जैसे मैन्युफैक्चरिंग या फूड प्रोसेसिंग) के लिए तकनीकी कौशल या प्रोफेशनल अनुभव की भी आवश्यकता हो सकती है।

मुद्रा लोन की ब्याज दरें और शुल्क
Mudra loan yojana Interest Rate : मुद्रा लोन की ब्याज दरें (Interest Rates) प्रत्येक बैंक या वित्तीय संस्थान (Member Lending Institution – MLI) की नीतियों और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के बेस रेट या एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट पर निर्भर करती हैं। सामान्य तौर पर:
- ब्याज दरें: 8% से 14% प्रति वर्ष के बीच। यह आवेदक के क्रेडिट स्कोर (Credit Score), लोन राशि, और पुनर्भुगतान इतिहास (Repayment History) पर निर्भर करता है।
- प्रोसेसिंग फीस: शिशु लोन के लिए ज्यादातर बैंक प्रोसेसिंग फीस माफ करते हैं। किशोर, तरुण, और तरुण प्लस लोन के लिए 0.5% से 2% तक की नाममात्र फीस लग सकती है।
- प्रीपेमेंट: कई बैंक प्रीपेमेंट (Prepayment) या आंशिक भुगतान (Part-Payment) पर कोई पेनल्टी नहीं लगाते, जिससे ब्याज लागत को कम किया जा सकता है।
आवेदक को लोन स्वीकृति पत्र (Sanction Letter) में ब्याज दरों और शुल्कों की पूरी जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए।
मुद्रा लोन के लिए आवश्यक दस्तावेज
मुद्रा लोन के लिए आवेदन करने हेतु निम्नलिखित दस्तावेज आवश्यक हैं:
- शिशु लोन (50,000 रुपये तक):
- पहचान प्रमाण: आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट।
- पता प्रमाण: बिजली बिल, टेलीफोन बिल, बैंक स्टेटमेंट।
- दो पासपोर्ट साइज फोटो।
- खरीदे जाने वाले सामान/मशीनरी का कोटेशन।
- उद्यम का पता प्रमाण: लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट।
- किशोर और तरुण लोन (50,001 रुपये से 20 लाख तक):
- उपरोक्त सभी दस्तावेज।
- पिछले 6 महीने के बैंक स्टेटमेंट।
- पिछले 2 वर्षों के बैलेंस शीट और इनकम टैक्स रिटर्न (2 लाख से अधिक के लोन के लिए)।
- प्रोजेक्टेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स।
- पार्टनरशिप डीड या मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (यदि लागू हो)।
- एसेट और लायबिलिटी स्टेटमेंट (यदि कोई तीसरा पक्ष गारंटर न हो)।
सभी दस्तावेज स्व-प्रमाणित (Self-Attested) होने चाहिए और पोर्टल की फाइल साइज सीमा के अनुरूप होने चाहिए।

मुद्रा लोन के लिए आवेदन प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
Mudra loan yojana apply online मुद्रा लोन के लिए आवेदन करना आसान और सुविधाजनक है। आप इसे ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से कर सकते हैं। नीचे आवेदन की पूरी प्रक्रिया दी गई है:
- लोन श्रेणी का चयन करें:
अपनी वित्तीय जरूरतों के आधार पर शिशु, किशोर, तरुण, या तरुण प्लस लोन श्रेणी चुनें। - बिजनेस प्लान तैयार करें:
एक स्पष्ट और विस्तृत बिजनेस प्लान बनाएं, जिसमें व्यवसाय का प्रकार, स्थान, संचालन का समय, वित्तीय प्रोजेक्शन, और लोन उपयोग का उद्देश्य शामिल हो। यह आपके आवेदन को मजबूत बनाएगा। - उद्यमी मित्र पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन:
- आधिकारिक वेबसाइट (www.mudra.org.in) पर जाएं।
- ‘Apply Now’ पर क्लिक करें और उद्यमी मित्र पोर्टल (www.udyamimitra.in) पर रीडायरेक्ट हों।
- उपयोगकर्ता प्रकार चुनें: नया उद्यमी (New Entrepreneur), मौजूदा उद्यमी (Existing Entrepreneur), या स्व-रोजगार पेशेवर (Self-Employed Professional)।
- नाम, ईमेल, और मोबाइल नंबर दर्ज करें। OTP के माध्यम से सत्यापन करें और लॉगिन क्रेडेंशियल बनाएं।
- व्यक्तिगत और व्यवसायिक विवरण जैसे पहचान/पता प्रमाण, उद्यम का नाम, गतिविधि का प्रकार, स्थान, और वित्तीय प्रोजेक्शन भरें।
- लोन श्रेणी और ऋणदाता चुनें:
- अपनी जरूरत के अनुसार लोन श्रेणी (शिशु/किशोर/तरुण/तरुण प्लस) का चयन करें।
- पसंदीदा ऋणदाता (पब्लिक/प्राइवेट बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, SFB, MFI, या NBFC) चुनें।
- दस्तावेज अपलोड करें और सबमिट करें:
- सभी आवश्यक दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें।
- आवेदन की समीक्षा करें, नियम और शर्तों को स्वीकार करें, और सबमिट करें।
- आपको एक यूनिक एप्लिकेशन नंबर मिलेगा, जिससे आप SMS या पोर्टल के जरिए आवेदन की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।
- ऑफलाइन आवेदन:
- नजदीकी बैंक शाखा, NBFC, या माइक्रोफाइनेंस संस्थान में जाएं।
- मुद्रा लोन आवेदन फॉर्म लें और सही जानकारी के साथ भरें।
- सभी दस्तावेज संलग्न करें और जमा करें।
- लोन स्वीकृति और वितरण:
- बैंक या वित्तीय संस्थान आपके आवेदन और दस्तावेजों की जांच करेगा।
- शिशु लोन के लिए स्वीकृति प्रक्रिया में आमतौर पर 7-14 दिन लगते हैं, जबकि किशोर और तरुण लोन में 15-30 दिन लग सकते हैं।
- स्वीकृति के बाद, लोन राशि आपके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। कुछ मामलों में, आपको मुद्रा कार्ड (Mudra Card) भी दिया जा सकता है, जिसका उपयोग क्रेडिट कार्ड की तरह कार्यशील पूंजी के लिए किया जा सकता है।
मुद्रा लोन के लिए उपयुक्त क्षेत्र
मुद्रा लोन का उपयोग निम्नलिखित क्षेत्रों में आय-उत्पादक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है:
- खुदरा व्यवसाय (Retail Businesses): किराना स्टोर, जनरल स्टोर, फल-सब्जी विक्रेता।
- मैन्युफैक्चरिंग: छोटे पैमाने की उत्पादन इकाइयां, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण।
- सर्विस सेक्टर: सैलून, रिपेयर शॉप, ट्यूशन सेंटर, फोटोग्राफी।
- ट्रांसपोर्ट: ऑटो-रिक्शा, टैक्सी, ई-रिक्शा, लॉजिस्टिक्स सेवाएं।
- कृषि से संबद्ध गतिविधियां: डेयरी, पोल्ट्री, मधुमक्खी पालन, मछली पालन।
- टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स: ऑनलाइन बिजनेस, ई-कॉमर्स, टेक-बेस्ड सर्विसेज।
- शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं: कोचिंग सेंटर, छोटे क्लीनिक, कंसल्टेंसी।
मुद्रा लोन के लाभ और विशेषताएं
मुद्रा लोन योजना कई अनूठी विशेषताओं के साथ आती है, जो इसे छोटे उद्यमियों के लिए आकर्षक बनाती है:
- कोलैटरल-मुक्त लोन: किसी भी संपत्ति या गारंटर की जरूरत नहीं।
- लचीली पुनर्भुगतान अवधि: 3 से 5 वर्ष तक की अवधि, जो व्यवसाय की नकदी प्रवाह के अनुरूप होती है।
- मुद्रा कार्ड: कार्यशील पूंजी के लिए क्रेडिट कार्ड की तरह उपयोगी।
- महिलाओं और अल्पसंख्यकों के लिए प्रोत्साहन: कुछ बैंकों में विशेष छूट और कम ब्याज दरें।
- विस्तृत नेटवर्क: 300 से अधिक बैंकों, NBFCs, और माइक्रोफाइनेंस संस्थानों के माध्यम से उपलब्धता।
- तेज प्रोसेसिंग: शिशु लोन के लिए 7-14 दिनों में स्वीकृति।
सावधानियां और महत्वपूर्ण टिप्स
- बिजनेस प्लान की मजबूती: एक अच्छा बिजनेस प्लान आपके आवेदन को मजबूत बनाएगा। इसमें व्यवसाय का उद्देश्य, मार्केट विश्लेषण, और वित्तीय प्रोजेक्शन शामिल करें।
- सही ऋणदाता चुनें: विभिन्न बैंकों की ब्याज दरों और शर्तों की तुलना करें।
- समय पर पुनर्भुगतान: नियमित EMI भुगतान आपकी क्रेडिट हिस्ट्री को मजबूत करेगा और भविष्य में बड़े लोन के लिए पात्रता बढ़ाएगा।
- धोखाधड़ी से बचें: अनधिकृत एजेंट्स या मध्यस्थों से बचें। केवल आधिकारिक बैंक शाखाओं या उद्यमी मित्र पोर्टल के माध्यम से आवेदन करें।
- अन्य योजनाओं का लाभ: मुद्रा लोन चुकाने के बाद स्टैंड-अप इंडिया या PMEGP जैसी योजनाओं के लिए आवेदन करें।
तेज़ EMI फ़ॉर्मूला (एमआई तुरंत निकालें) Mudra loan yojana calculator
फ़ॉर्मूला:
EMI = P×r×(1+r)nP \times r \times (1+r)^nP×r×(1+r)n ÷ (1+r)n−1(1+r)^n – 1(1+r)n−1
- P = Loan amount (₹)
- r = मासिक ब्याज दर = (वार्षिक ब्याज दर ÷ 12 ÷ 100)
- n = कुल महीनों की संख्या (Tenure in months)
उदाहरण:
- लोन ₹2,00,000, ब्याज 10% p.a., अवधि 36 माह
- r = 10/12/100 = 0.008333…
- n = 36
- EMI ≈ ₹6,453
- कुल ब्याज ≈ ₹31,308, कुल भुगतान ≈ ₹2,31,308
Mudra Loan Without CIBIL Score
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत लोन लेने के लिए उच्च CIBIL स्कोर होना अनिवार्य नहीं है। यह योजना खासकर नए और छोटे उद्यमियों के लिए बनाई गई है, जिनके पास पहले से लोन का इतिहास नहीं होता या जिनका CIBIL स्कोर कम होता है।
1. क्या CIBIL स्कोर ज़रूरी है?
- PMMY में औपचारिक रूप से कोई न्यूनतम CIBIL स्कोर की शर्त नहीं है।
- अगर आपका स्कोर शून्य (No Credit History) है, तब भी आवेदन कर सकते हैं।
- बहुत कम स्कोर होने पर बैंक अतिरिक्त डॉक्यूमेंट, गारंटी या को-आवेदक मांग सकते हैं।
2. CIBIL स्कोर न होने पर लोन पाने के तरीके
- शिशु श्रेणी का लोन चुनें (₹50,000 तक) – इसमें जोखिम कम होने के कारण बैंक स्कोर पर ज्यादा जोर नहीं देते।
- मजबूत बिज़नेस प्लान बनाएं – आप किस तरह कमाई करेंगे, यह बैंक को दिखाएं।
- पहचान और पते का स्पष्ट प्रमाण दें – आधार, पैन, बिजली बिल, आदि।
- मार्जिन मनी या सिक्योरिटी ऑफर करें – ज़रूरी नहीं, लेकिन देने पर स्वीकृति जल्दी हो सकती है।
- सरकारी स्कीम के तहत आवेदन करें – जैसे महिला उद्यमी योजना, SC/ST/OBC प्रोत्साहन योजना, जहां लोन के साथ सब्सिडी भी मिलती है।
3. किन बैंकों/NBFC से मिल सकता है?
- सभी पब्लिक सेक्टर बैंक (SBI, PNB, Bank of Baroda आदि)
- प्राइवेट बैंक (HDFC, ICICI, Axis आदि)
- रीजनल रूरल बैंक (RRB)
- स्मॉल फाइनेंस बैंक और NBFC
4. CIBIL स्कोर न होने पर ध्यान रखने वाली बातें
- EMI समय पर भरना शुरू करें ताकि भविष्य में स्कोर बन सके।
- बिना स्कोर लोन मिलने पर ब्याज दर थोड़ी अधिक हो सकती है।
- लोन चुकता होने के बाद बैंक से NOC (No Objection Certificate) ज़रूर लें।
अक्सर पुछे जाने वाले प्रश्न
1. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से लोन कैसे मिलता है?
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत आप किसी भी सरकारी बैंक, प्राइवेट बैंक, ग्रामीण बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक या NBFC से आवेदन कर सकते हैं। इसमें 3 श्रेणियाँ होती हैं —
- शिशु: ₹50,000 तक
- किशोर: ₹50,000–₹5 लाख
- तरुण: ₹5–₹10 लाख
आपको बिज़नेस प्लान, पहचान पत्र, पते का प्रमाण, और आयु/व्यवसाय से जुड़े दस्तावेज़ देने होते हैं। लोन सीधे आपके बैंक खाते में आता है।
2. 50000 मुद्रा लोन के लिए क्या डॉक्यूमेंट चाहिए?
- पहचान प्रमाण (आधार कार्ड/वोटर आईडी/पासपोर्ट)
- पते का प्रमाण (बिजली बिल, राशन कार्ड, पासपोर्ट आदि)
- 2 पासपोर्ट साइज फोटो
- व्यवसाय का प्रमाण या अनुमानित व्यवसाय योजना
- बैंक खाता पासबुक/स्टेटमेंट
- यदि लागू हो तो GST रजिस्ट्रेशन या दुकान का लाइसेंस
3. मुद्रा लोन में 50000 का ब्याज कितना है?
ब्याज दर बैंक/NBFC पर निर्भर करती है, आमतौर पर 8% से 12% प्रति वर्ष।
उदाहरण: ₹50,000 पर 1 वर्ष के लिए 10% ब्याज दर होने पर ब्याज लगभग ₹2,750–₹3,000 के बीच होगा (EMI पद्धति के अनुसार)।
4. मुद्रा लोन में कितनी सब्सिडी मिलती है?
सामान्य मुद्रा लोन पर सीधे ब्याज सब्सिडी नहीं मिलती। लेकिन यदि लोन किसी सरकारी प्रोत्साहन योजना (जैसे महिला उद्यमी, SC/ST श्रेणी या विशेष सरकारी स्कीम) से जुड़ा है तो ब्याज में 2%–3% की सब्सिडी या मार्जिन मनी सब्सिडी मिल सकती है।
5. मुद्रा लोन लेने के लिए सिबिल स्कोर कितना होना चाहिए?
PMMY में औपचारिक रूप से सिबिल स्कोर की न्यूनतम शर्त तय नहीं है, लेकिन बैंक/NBFC आमतौर पर 650+ स्कोर को अच्छा मानते हैं। कम स्कोर होने पर बैंक अतिरिक्त गारंटी या को-आवेदक मांग सकते हैं।
6. मुद्रा लोन 50000 की ब्याज दर क्या है?
अधिकांश बैंकों में यह 8% से 12% प्रति वर्ष रहती है। कुछ पब्लिक सेक्टर बैंक महिलाओं और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में कम ब्याज (लगभग 7.5%–9%) भी देते हैं।
7. मुद्रा लोन न चुकाने पर क्या होगा?
- बैंक आपको डिफॉल्टर की श्रेणी में डाल देगा।
- आपका सिबिल स्कोर गिर जाएगा।
- वसूली नोटिस, पेनल्टी ब्याज, और कानूनी कार्यवाही हो सकती है।
- भविष्य में किसी भी लोन की स्वीकृति कठिन हो जाएगी।
8. 50% सब्सिडी वाला कौन सा लोन है?
सीधे 50% सब्सिडी मुद्रा लोन में नहीं है। लेकिन कुछ राज्य/केंद्र सरकार की योजनाओं में (जैसे स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम – PMEGP के कुछ केस, महिला/SC/ST के लिए विशेष योजनाएं) लागत पर 15%–50% तक सब्सिडी मिल सकती है।
9. सरकार की ओर से 10 लाख का लोन कितना है?
PMMY के तहत तरुण श्रेणी में अधिकतम ₹10 लाख तक का लोन दिया जा सकता है। ब्याज दर बैंक के अनुसार होती है, जो आमतौर पर 8%–12% के बीच है। अवधि 3–5 साल तक हो सकती है। गारंटी की आवश्यकता नहीं होती (कुछ मामलों में बैंक अतिरिक्त दस्तावेज़ मांग सकते हैं)।
