
mysterious disease in Udaipur : राजस्थान के उदयपुर से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित कलड़वास गांव इन दिनों दहशत में जी रहा है। यहां पिछले दो महीनों से फैल रही एक अज्ञात (Mysterious) बीमारी ने एक परिवार की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है। लगातार बिगड़ती हालत के बीच परिवार के मुखिया की मौत हो चुकी है, जबकि उनके दोनों बेटे अस्पताल के ICU में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। हालत इतनी गंभीर है कि वे अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सके।
बीमारी का असर केवल पुरुषों तक सीमित नहीं है, बल्कि घर की महिलाओं और बच्चों में भी इसके लक्षण दिखाई देने लगे हैं। परिजन लाखों रुपये खर्च कर उदयपुर से लेकर अहमदाबाद तक के बड़े Private Hospitals और Multi-Speciality Centres में इलाज करा चुके हैं, लेकिन अब तक डॉक्टर बीमारी की असली वजह तक नहीं पहुंच पाए हैं।
रिटायरमेंट के छह महीने बाद शुरू हुई परेशानी
family infected unknown illness : परिवार के सदस्य पृथ्वीराज डांगी ने बताया कि उनके छोटे भाई सोहनलाल डांगी (61) पिछले साल 30 जून को Public Health Engineering Department (PHED) से Pumpman पद से रिटायर हुए थे। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन रिटायरमेंट के करीब छह महीने बाद नवंबर महीने में अचानक उनकी त्वचा का रंग काला पड़ने लगा। शुरुआत में परिवार ने इसे सामान्य स्किन प्रॉब्लम समझा। सोहनलाल आयुर्वेद में विश्वास रखते थे, इसलिए करीब डेढ़ महीने तक Ayurvedic Treatment कराया गया, मगर बीमारी कम होने के बजाय बढ़ती गई। बाद में उन्हें उदयपुर के MB Hospital सहित कई निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान अलग-अलग रिपोर्ट्स में अलग-अलग संक्रमण (Infections) सामने आए, जिससे डॉक्टर भी भ्रमित रहे और बीमारी की स्पष्ट पहचान नहीं हो सकी।
सांस लेने में तकलीफ, कई बार लगाना पड़ा वेंटिलेटर
skin turning black disease symptoms : जैसे-जैसे बीमारी बढ़ी, सोहनलाल को सांस लेने में गंभीर तकलीफ होने लगी। कई बार स्थिति इतनी खराब हो गई कि उन्हें Ventilator Support पर रखना पड़ा। लंबे इलाज के बावजूद सुधार नहीं हुआ, इसलिए उन्हें अहमदाबाद के एक बड़े अस्पताल में शिफ्ट किया गया। वहां Chest Infection, Kidney Infection और Skin Disorder को ध्यान में रखते हुए विदेशों से महंगे इंजेक्शन और दवाइयां मंगवाई गईं। परिवार ने उम्मीद नहीं छोड़ी, लेकिन बीमारी लगातार बढ़ती रही और आखिरकार 18 फरवरी को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
बेटे भी उसी बीमारी की चपेट में
Udaipur village unknown infection case : सोहनलाल की मौत के बाद मामला और गंभीर हो गया क्योंकि उनके दोनों बेटे — लीलाशंकर और प्रकाश — भी इसी बीमारी से पीड़ित पाए गए। दोनों की हालत इतनी खराब है कि वे ICU में भर्ती हैं। प्रकाश के चेहरे सहित पूरे शरीर की त्वचा काली पड़ चुकी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी रिपोर्ट में हीमोग्लोबिन का स्तर सिर्फ 5.5 पाया गया, जो सामान्य से बेहद कम है। डॉक्टर फिलहाल Hemoglobin बढ़ाने का उपचार कर रहे हैं, लेकिन हालत लगातार बिगड़ती जा रही है।
महिलाओं और बच्चों में भी लक्षण
toxic water disease Rajasthan news : बीमारी यहीं नहीं रुकी। परिवार की तीन महिलाओं — पत्नी प्रेमी बाई, बहू कौशल्या और भारती — में भी इसी तरह के लक्षण दिखाई देने लगे हैं। उनके शरीर का रंग धीरे-धीरे काला पड़ रहा है और कमजोरी बढ़ती जा रही है। डॉक्टरों को आशंका है कि यह कोई Rare Disorder या Toxic Exposure हो सकता है, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
15 लाख खर्च, फिर भी बीमारी अनजान
परिजनों का कहना है कि अब तक 15 लाख रुपये से ज्यादा इलाज पर खर्च हो चुके हैं। अलग-अलग डॉक्टरों ने अलग-अलग इलाज दिया, लेकिन बीमारी की जड़ नहीं मिल सकी। परिवार का कहना है — हम भी उसी मोहल्ले में रहते हैं, वही पानी पीते हैं और वही गेहूं खाते हैं, लेकिन पड़ोस के अन्य घरों में ऐसी बीमारी नहीं हुई। इससे मामला और रहस्यमय बन गया है।
प्रशासन ने लिए सैंपल, रिपोर्ट अब तक नहीं
मामला गंभीर होने पर स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई। विभाग की टीम गांव पहुंची और पानी व तेल के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे। लेकिन एक महीने बीत जाने के बाद भी कोई स्पष्ट रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। रिश्तेदारों का आरोप है कि प्रशासन ने केवल औपचारिकता निभाई है। परिवार की काउंसलिंग तक नहीं की गई और न ही उन्हें किसी विशेषज्ञ संस्थान भेजा गया।

दूषित पानी में केमिकल की आशंका
ग्रामीणों को शक है कि बीमारी की जड़ भूजल (Ground Water Contamination) हो सकती है। कलड़वास औद्योगिक क्षेत्र के पास स्थित होने के कारण आशंका जताई जा रही है कि फैक्ट्रियों का Chemical Waste जमीन में मिल गया होगा। संभावना जताई जा रही है कि Handpump और Tubewell के पानी में जहरीले तत्व होने से यह बीमारी फैली हो सकती है। डर के कारण कई परिवारों ने नलकूप का पानी पीना बंद कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग का बयान
जिला चिकित्सा अधिकारी (CMHO) डॉ. अशोक आदित्य ने बताया कि पानी और तेल की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामान्य आई है। हालांकि विभाग ने दो संभावनाओं पर विचार करते हुए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है और आगे के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
गांव में डर का माहौल
एक व्यक्ति की मौत और पूरे परिवार के बीमार होने के बाद गांव में भय का माहौल है। लोग इसे “गुमनाम बीमारी” कहकर डर रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बनाकर मरीजों को दिल्ली AIIMS भेजा जाए ताकि बीमारी की असली वजह पता चल सके। फिलहाल गांव के लोग सावधानी बरत रहे हैं, लेकिन जब तक बीमारी का कारण सामने नहीं आता, तब तक कलड़वास के लोगों के मन से डर खत्म होना मुश्किल है।
